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कलेक्टर बंगले के बाहर बैठे भाजपा विधायक धरने पर, जानिए क्या है माजरा

BJP अध्यक्ष VD शर्मा से हुई MLA की बात, कहा भिजवाता हूं कलेक्टर को, फिर भी नहीं मिलने आए कलेक्टर

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छतरपुर से राजेश चौरसिया की रिपोर्ट

●जनप्रतिनिधियों को अपमानित एवं उपेक्षित कर रहे कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह के खिलाफ भाजपा के चंदला विधायक कलेक्टर बंगला के सामने धरने पर बैठे..

छतरपुर: छतरपुर कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह का विवादों से पुराना नाता है। और वह अपने हिटलशाही रवैए के चलते जिले में लगातार जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा एवं अपमानित करते आ रहे हैं। उसके बावजूद भी भाजपा सरकार के मुखिया शिवराज सिंह चौहान उन्हें छतरपुर की कलेक्टरी के लिए बैठाए हुए हैं।

जबकि शीलेन्द्र सिंह को कांग्रेस सरकार में लाया गया था। उसके बाद से पूरे प्रदेश के लगभग सभी जिलों के कलेक्टर बदल चुके परंतु शीलेन्द्र सिंह अभी तक नहीं बदले। कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह के द्वारा सबसे पहले टीकमगढ़ सांसद वीरेन्द्र खटीक को अपमानित किया गया। जिसके कारण उन्होंने पीएम हाउस में इसकी शिकायत दर्ज कराई थी।

उसके बाद कांग्रेस के तीनों विधायकों को लगातार अपमानित किया गया। जिसमें छतरपुर के सदर विधायक आलोक चतुर्वेदी, बिजावर विधायक राजेश शुक्ला एवं महाराजपुर विधायक नीरज दीक्षित के अलावा राजनगर विधायक विक्रम सिंह उर्फ नाती राजा इसके अलावा छतरपुर जिले के भाजपा के मंडल अध्यक्ष और जिलाध्यक्ष की लगातार उपेक्षाएं की जा रही हैं।

जनप्रतिनिधियों की लगातार की जा रही उपेक्षाओं से छूद्र होकर आज चंदला के भाजपा विधायक राजेश प्रजापति ने कलेक्टर बंगले के बाहर धरने पर बैठकर कलेक्टर का विरोध शुरु कर दिया है। छतरपुर कलेक्टर के द्वारा लगभग डेढ़ वर्ष का कार्यकाल पूर्ण करने के बाद भी अपनी आदत और हिटलरशाही नहीं छोड़ी जिसके चलते जिला प्रशासन की हर जगह किरकिरी हो रही है।

भाजपा सरकार में ऐसे तानाशाह कलेक्टरों को तत्काल हटाए जाने की मांग अब उठने लगी है। छतरपुर जिले में जब से कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह पदस्थ हुए हैं आम जनता का कोई भी काम नहीं हो रहा है। कलेक्टर सिंह कलेक्ट्रेट में जनप्रतिनिधि एवं पत्रकारों से मिलते नहीं हैं। इसके अलावा आम जनता उन्हें बदबू मारती है।

कोरोना काल में उन्होंने एक दलित महिला को अपने सैनिक से पिटवाया था। वह महिला भाजपा कार्यालय में अपने पीड़ा लेकर पहुंची थी। इसी प्रकार छतरपुर में पदस्थ रहे अपर कलेक्टर प्रेम चौहान जो कि आदिवासी जाति के थे कलेक्टर की प्रताडऩा के कारण वीआरएस ले लिया था। इसके अलावा कलेक्ट्रेट में दो कर्मचारी भी कलेक्टर की प्रताडऩा से मौत के मुंह में समा चुके हैं। आज जिले के सभी के प्रमुख अधिकारी कलेक्टर की प्रताडऩा के कारण कईयों को शुगर एवं ब्लड प्रेशर की बीमारियां हो गई हैं जो कि अपनी पीड़ा किसी को नहीं बतापा रहे हैं।

फिलहाल कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह की कार्यशैली से आम जनता और जनप्रतिनिधि अच्छे खासे परेशान हैं परंतु प्रदेश के एक संगठन के नेता का हाथ उनके ऊपर होने के कारण वह छतरपुर में पदस्थ हैं। सूत्रों से जानकारी मिली है कि यह संगठन नेता कलेक्टर को रोके रखे हुए है। फिलहाल अब यह मामला तूल पकड़ रहा है और कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह के खिलाफ अब धीरे धीरे मोर्चा खुलना शुरु हो गया है।

छतरपुर के अधिकांश पत्रकार भी लगातार कलेक्टर के खिलाफ समाचार प्रकाशित कर रहे हैं परंतु भोपाल में भाजपा के बेहरे और नेताओं को कुछ समझ में नहीं आ रहा है। आने वाले विधानसभा चुनाव में इसका खामियाजा भारतीय जनता पार्टी को निश्चित रूप से भुगतना पड़ेगा। मौके पर अपर कलेक्टर छतरपुर एसडीएम, सिविल लाइन टीआई और भारी पुलिस दल मौजूद है। चंदला क्षेत्र में मंडल अध्यक्ष लखन अवस्थी भी धरने पर बैठे हैं।

बाईट- राजेश प्रजापति (भाजपा विधायक चंदला विधानसभा)