Thursday, December 12, 2019

Blog

राकेश अचल

राकेश अचल ग्वालियर - चंबल क्षेत्र के वरिष्ठ और जाने माने पत्रकार है। वर्तमान वे फ्री लांस पत्रकार है। वे आज तक के ग्वालियर के रिपोर्टर रहे है।

हैदराबाद डॉक्टर गैंगरेप एनकाउंटर : न रहे बांस,न बजे बांसुरी

हैदराबाद डॉक्टर गैंगरेप एनकाउंटर : न रहे बांस,न बजे बांसुरी

मीडियावाला.इन। हैदराबाद पुलिस ने महिला चिकित्स्क  के साथ सामूहिक बलात्कार कर उसे ज़िंदा जला मारने वाले चारों आरोपियों को आज मौत के घात उतार कर इस वारदात के बाद देश में उपकी नाराजगी,बेचैनी और असंतोष को एक...

गोडसे किसका भगवन है ?

गोडसे किसका भगवन है ?

मीडियावाला.इन। मोहनदास करमचंद गांधी की हत्या कर नाथूराम गोडसे को देशभक्ति का तमगा पहनाने वाले लोगों को लेकर यदि देश की संसद गर्म होती है तो सोचना पड़ता है कि ऐसे लोगों को संसद में चुनकर भेजने...

कटारे को श्रीलाल शुक्ल 'इफ्को' सम्मान

कटारे को श्रीलाल शुक्ल 'इफ्को' सम्मान

मीडियावाला.इन। मेरे पास खुश होने के अवसर आते-जाते रहते हैं ,लेकिन आज मै बहुत अधिक खुश हूँ क्योंकि अग्रज लेखक महेश कटारे को इस वर्ष के श्रीलाल शुक्ल इफ्को सम्मान से अलंकृत किये जाने की खबर आ गयी है...

भगवान क्यों बोलेंगे यश सर !

भगवान क्यों बोलेंगे यश सर !

मीडियावाला.इन। आसमान में जितने भगवान है वे तो दस रूपये के प्रसाद से मान भी जाएँ लेकिन धरती के भगवान का पेट तो कभी भरता ही नहीं,ऊपर से वे अब गुर्राने भी लगे हैं ।हमारे शहर के...

ऐसे तो बन गए विश्व गुरु आप

ऐसे तो बन गए विश्व गुरु आप

मीडियावाला.इन। हमारे जीवन मूल्य और संस्कारों की कलई खुल रही है और ये सब हो रहा है उन संस्थानों के माध्यम से जो कल के नागरिक तैयार करते हैं ।जवाहरलाल नेहरू विश्व विद्यालय के हड़ताली छात्रों की मारकूट से...

एनडीए का बदलता  डीएनए

एनडीए का बदलता डीएनए

मीडियावाला.इन। देश में इनदिनों  किसी एक पार्टी के बारे में नहीं बल्कि गिरोहों के बारे में सोचना पड़ता है।अब न अकेली कांग्रेस है और न अकेली भाजपा।एक के गिरोह का नाम यूपीए है तो दूसरे का नाम...

मुद्दे पर मुद्दा भारी है

मुद्दे पर मुद्दा भारी है

मीडियावाला.इन। हमारे मुल्क में मुद्दे ढंग से न खुशी  मनाने देते हैं न गम ।यानि एक मुद्दा दूसरे पर इतनी आसानी से अतिक्रमण कर लेता है कि  हैरानी होने लगती है ।राम जन्म भूमि विवाद के शांतिपूर्ण निबटारे का...

किला भी ढहा और दर्प भी चकनाचूर

किला भी ढहा और दर्प भी चकनाचूर

मीडियावाला.इन। सियासत में मेरी दिलचस्पी जब-जब कम होती है,तब-तब कुछ न कुछ ऐसा हो जाता है जो इस दिलचस्पी को दिलचस्प बना देता है ।अबकी भारतीय राजनीति में महाराष्ट्र ने कमाल कर दिया। भग्न जनादेश के बावजूद सरकार बनाने...

भूगोल बदला,इतिहास की बारी

मीडियावाला.इन। राजपत्र जारी होने के बाद भारत के भूगोल में मामूली सी तब्दीली हो गयी है ।अब जम्मू-कश्मीर के साथ लेह-लद्दाख खड़ा दिखाई नहीं देगा ।बड़ों के लिए ये कोई बड़ी समस्या नहीं है लेकिन स्कूली बच्चों के लिए...

राजनीति का दुष्यंतिकरण

मीडियावाला.इन। भारतीय राजनीति अब एक नए युग में प्रवेश कर चुकी है ।दशकों पूर्व जिस राजनीति का आयाराम-गयारामकरण हुआ था,आज वो ही राजनीति दुष्यंत के प्रभाव  में है ।राजनीति देशकाल के अनुरूप कायांतरण करती रहती है ात:इसके लिए किसी...

लोकप्रियता की कलई खलते नतीजे

लोकप्रियता की कलई खलते नतीजे

मीडियावाला.इन। चुनाव लोकसभा के हों या विधानसभा के उस समय महत्वपूर्ण हो जाते हैं जब उनमें किसी सरकार की उपलब्धियां और किसी एक व्यक्ति की छवि दांव पर होती है ।महाराष्ट्र और विधानसभा के चुनावों में केंद्र...

कांग्रेस भूल गयी है सियासत खेलना

मीडियावाला.इन। पिछले छह साल से देश में अनेक चुनाव देख रहा हूँ। अधिकाँश चुनावों में कांग्रेस की मात हो रही है। पिछले साल हुए तीन राज्यों के चुनाव अपवाद थे ।आम चुनावों के अलावा उप चुनावों में भी कांग्रेस...

प्रहसन से प्रेरणा नहीं मिलती साहब

प्रहसन से प्रेरणा नहीं मिलती साहब

मीडियावाला.इन। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को उनके सलाहकार लगातार हास्यास्पद स्थितियों में डालते रहते हैं ।प्रधानमंत्री जी को लोकप्रिय बनाने के लिए उनके सलाहकारों के जो भी प्रयास हो रहे हैं वे बेहद घटिया और शर्मनाक हैं ।हाल...

अंतत: वे राजमाता ही थीं

अंतत: वे राजमाता ही थीं

मीडियावाला.इन। ग्वालियर के लोगों के लिए श्रीमंत विजयाराजे सिंधिया हमेशा राजमाता ही रहीं । आज वे होतीं तो   सौ  साल  की होतीं ।मै जब 1972 में ग्वालियर आया तब राजमाता की राजनीति में उपस्थिति बेहद प्रभावी थी ।मेरा उनका...

तू क्यों पूजे रफाल !

तू क्यों पूजे रफाल !

मीडियावाला.इन। पूजा-पाठ से मेरी  असहमति  कभी  नहीं  रही ।मै इस मामले में कभी अपनी श्रीमती तक को नहीं टोकता क्योंकि पूजा-पाठ निजी आस्थाओं का मामला है लेकिन जब देश  का रक्षा मंत्री   रफाल  पूजने  फ्रांस   जाता  है तब  मै...

हनीट्रैप काण्ड

हनीट्रैप काण्ड

मीडियावाला.इन। प्रदेश के बहु चर्चित हनी काण्ड पर लिखने में मुझे शुरू से तकलीफ होती आई है। दरअसल ये एक ऐसा मामला है जिसमें अंत में कुछ भी हाथ नहीं निकलना है क्योंकि हमारे क़ानून इतने लचर हैं की...

रूपसियों का मकड़जाल और नेता

रूपसियों का मकड़जाल और नेता

मीडियावाला.इन। पूर्व केंद्रीय मंत्री चिनमिनानन्द अभी जेल जाने से कतरा रहे हैं इसी बीच हमारे सूबे मध्यप्रदेश में रूपसियों के मकड़जाल में अनेक नेता और नौकरशाह फंस गए हैं ।सरकार कह आरही है की इस मामले में नेता हो...

लोकतंत्र में जूतों का स्थान

मीडियावाला.इन। लोकतंत्र में सबके लिए स्थान है।गधे-घोड़ों तक के लिए ही नहीं मेहनतकश जूतों के लिए भी ,इसीलिए हमारे भाग्यविधाता जब-तब जूतों की आराधना करते रहते हैं ।बीते महीने जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सतपाल मालिक ने जूतों का जिक्र किया...

निरुत्तर हैं उत्तर भारतीय

निरुत्तर हैं उत्तर भारतीय

मीडियावाला.इन। उत्तर भारत में बरेली का मांजा और झुमका ही नहीं बरेली का संतोष और वहां का गंवारपन भी दुनिया में मशहूर है।मुझे इस भाग्य का सौभाग्य है कि मेरी गर्भनाल उत्तरभारत के उत्तर प्रदेश में है और मै...

बैंकों की कठिन होती डगर

बैंकों की कठिन होती डगर

मीडियावाला.इन। जनता और जनता में शामिल मै सरकार के हर कदम का समर्थन करने का जब-जब मन बनाता हूँ सरकार एक न एक काम ऐसा कर देती है कि ये सपना चकनाचूर हो जाता है ।नए मोटर व्हीकल क़ानून का...