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राकेश अचल

राकेश अचल ग्वालियर - चंबल क्षेत्र के वरिष्ठ और जाने माने पत्रकार है। वर्तमान वे फ्री लांस पत्रकार है। वे आज तक के ग्वालियर के रिपोर्टर रहे है।

कौन उत्तेजित कर रहा है सिंधिया को?

कौन उत्तेजित कर रहा है सिंधिया को?

मीडियावाला.इन। भाजपा के नए-नए  महाराज और राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiradia Scindia) को आखिर कौन उत्तेजित कर रहा है जो वे आपे से बाहर जा रहे हैं. उनके भाषणों को सुनकर लगने लगा है कि वे आपे...

टपोरी और असभ्य होती सियासत

टपोरी और असभ्य होती सियासत

मीडियावाला.इन। देश की राजनीति अब स्तरहीन  होने के साथ ही टपोरी संस्कृति से घिरती दिखाई दे रही है. अब इस राजनीति में असहमति और प्रतिपक्ष केलिए या तो कोई ठौर बचा नहीं है या फिर इसे बहुत सीमित किया...

बहकती जुबानों की वापसी

बहकती जुबानों की वापसी

मीडियावाला.इन। राजनीति में मर्यादा अब गुजरे जमाने की बात हो गयी है. अब राजनीति में मर्यादा को छोड़कर सब कुछ है .बल्कि मध्यप्रदेश में हो रहे विधानसभा उपचुनावों और बिहार विधानसभा के चुनावों में बहकती जुबानों की वापसी फिर...

कोरोना से नहीं जहर से मरते लोग

कोरोना से नहीं जहर से मरते लोग

मीडियावाला.इन। महाकाल की नगरी उज्जैन में भी काल ने जहरीली शराब का वेश धर कर एक दर्जन से अधिक लोगों की जान ले ली .प्रदेश की सरकार ने मामले की जांच के लिए फटाफट एसआईटी का गठन कर पुलिस...

भाषाओं से चिढ़ या मदरसों से

भाषाओं से चिढ़ या मदरसों से

मीडियावाला.इन। भाजपा की खासियत है कि वो जहाँ भी सत्ता में आती है अपने आदिकालीन एजेंडे पर अमल करने से पीछे नहीं हटती.ये बात अलग है कि उसे कामयाबी मिलती है या नहीं, भाजपा की इस कर्मठता...

ऊँट के मुंह में जीरा कब तक भाई

ऊँट के मुंह में जीरा कब तक भाई

मीडियावाला.इन। भारतीय जनजीवन और अर्थ व्यवस्था का मेरुदंड झुका ही नहीं अपितु टूटा हुआ है लेकि कोरोना से संघर्ष कर रही हमारी सरकार इसे तब तक सीधा नहीं होने देना चाहती जब तक की ये पूरी तरह से दम...

कितने जगनमोहन हैं देश में?

कितने जगनमोहन हैं देश में?

मीडियावाला.इन। देश की न्यायप्रणाली पर जब कोई प्रशांत भूषण उंगली उठाता है तो लगता है कि बूढ़ा सठिया गया है, लेकिन जब सुदूर दक्षिण का कोई मुख्यमंत्री ऐसा करता है तो मुद्दा गंभीर हो जाता है, इसे...

कलियुग केवल कार्ड आधारा

कलियुग केवल कार्ड आधारा

मीडियावाला.इन। टिकटौली में आज जश्न का माहौल है. होना भी चाहिए, क्योंकि आज टिकटौली वालों को प्रॉपर्टी कार्ड जो मिलने वाला है. टिकटौली  वाले दूसरे आम हिन्दुस्तानियों की तरह कार्ड के बड़े प्रेमी हैं. उन्हें जब-जब कोई...

बलात्कार पर सियासत का नया दौर

बलात्कार पर सियासत का नया दौर

मीडियावाला.इन। अजीब बात है कि हमारे देश में असल मोर्चों पर लड़ने के बजाय मीडिया और राजनीति एक साथ उन मोर्चों को खोलकर खड़ी हो जाती है जो काल्पनिक और नियोजित  हैं. अब देश कोरोना महामारी से होने वाली...

मप्र :उपचुनाव में मुकाबले नीरस

मप्र :उपचुनाव में मुकाबले नीरस

मीडियावाला.इन। अगले महीने होने वाले विधानसभा उप चुनावों के लिए दोनों प्रमुख दलों की और से प्रत्याषियों की घोषणा के साथ तस्वीर साफ़ हो गयी है. अधिकांश सीटों पर मुकाबला सीधा होगा ,लेकिन फिलहाल कुछ सीटों को छोड़कर मुकाबला...

बलात्कार,सत्ता और सियासत

बलात्कार,सत्ता और सियासत

मीडियावाला.इन। हाथरस  काण्ड को लेकर पीड़ित परिवार हतप्रभ है और सत्ता सुरक्षात्मक मुद्रा में .विपक्ष  को ऐसे मुद्दों पर राजनीति करना होती है सो उसने की.यानि सबने अपना-अपना काम किया ,लेकिन बलात्कार अपनी जगह मुदित है.उसकी मौजूदगी केवल हाथरस...

हाथरस का लोकतंत्र

हाथरस का लोकतंत्र

मीडियावाला.इन। देश आठ साल पहले जहां था,उससे एक कदम आगे नहीं बढ़ा.राजधानी दिल्ली में 16  दिसंबर को हुए बहुचर्चित निर्भयाकांड के बाद जाएगा देश नया क़ानून बनने के बाद कंबल ओढ़ कर सो गया. नया कानून बनने...

अब गठबंधन धर्म संकट में

अब गठबंधन धर्म संकट में

मीडियावाला.इन। देश में आपातकाल के बाद राजनीति में जन्मा गठबंधन धर्म पूरे 49 साल बाद फिर खतरे में पड़ता दिखाई दे रहा है. बिहार विधानसभा के चुनाव इस गठबंधन धर्म की गठरी बांधते दिखाई दे रहे हैं....

बागियों के सहारे चुनाव मैदान में कांग्रेस

बागियों के सहारे चुनाव मैदान में कांग्रेस

मीडियावाला.इन। राजनीति में बेशर्मी की कोई सीमा नहीं होती.मामला चाहे दलबदल का हो या दलबदलुओं को टिकिट देने का .मध्यप्रदेश  में कांग्रेस हो या भाजपा सब दलबदलुओं के सहारे सत्ता के शीर्ष पर बने रहना चाहते हैं .मार्च 2020  में...

स्मृति शेष चलता-फिरता खबरनामा थे दादा दिनेश चंद्र वर्मा

स्मृति शेष चलता-फिरता खबरनामा थे दादा दिनेश चंद्र वर्मा

मीडियावाला.इन। प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकारों में शुमार किये जाने वाले दिनेश चंद्र वर्मा नहीं रहे. लगा जैसे स्मृतियों के खंडहर से एक और ईंट धीरे से खिसक गयी .76  साल के दिनेशचंद्र वर्मा अद्भुत लिख्खाड़ पत्रकार थे....

खाकी से खादी की ओर प्रस्थान

खाकी से खादी की ओर प्रस्थान

मीडियावाला.इन। जिंदगी भर खाकी वर्दी पहनने वाले भारतीय प्रशासनिक और पुलिस सेवा के बहुत से अफसर सेवानिवृत्त होते ही खादी पहनकर समाज सेवा करने के लिए आतुर होते हैं .इस  मामले में नया नाम बिहार के पुलिस...

मुझे मेरे TV से बचाओ

मुझे मेरे TV से बचाओ

मीडियावाला.इन। आज का शीर्षक 1974  में बनी फिल्म 'आज की ताजा खबर के एक लोकप्रिय गीत की पैरोडी है .इस शीर्षक से 2001  में फिल्म भी बनी और ढेरों कविताएं भी लिखी गयीं,लेकिन 'मुझे मेरे टीवी से बचाओ' नाम...

हिंदी की हिंदी मत कीजिये

हिंदी की हिंदी मत कीजिये

मीडियावाला.इन। कितना दुर्भाग्य है कि आपकी जो राष्ट्रभाषा होना चाहिए वो ही आज एक 'फिकरे' के रूप में इस्तेमाल की जा रही है। आज भारत में सरकारी स्तर पर देश भर में हिंदी पखवाड़ा मनाया जा रहा...

आइये मी लार्ड संज्ञान लें !

आइये मी लार्ड संज्ञान लें !

मीडियावाला.इन। प्रशांत भूषण के मामले में स्वयं संज्ञान लेने वाली हमारेदेश की सर्वोच्च अदालत के लिए स्वत् : संज्ञान लेने का एक और अवसर सामने है ,लेकिन ऐसा होगा इसमें मुझे संदेह है क्योंकि अबकी कड़वी बात...

सिंधिया की नहीं कमलनाथ की है अग्निपरीक्षा

सिंधिया की नहीं कमलनाथ की है अग्निपरीक्षा

मीडियावाला.इन। मध्यप्रदेश विधानसभा की दो दर्जन से अधिक खाली सीटों के लिए उपचुनाव की घोषणा होने में एक सप्ताह शेष है और इसी के साथ शुरू हो रही है एक और अग्निपरीक्षा. लेकिन ये अग्निपरीक्षा कांग्रेस छोड़...