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राकेश अचल

राकेश अचल ग्वालियर - चंबल क्षेत्र के वरिष्ठ और जाने माने पत्रकार है। वर्तमान वे फ्री लांस पत्रकार है। वे आज तक के ग्वालियर के रिपोर्टर रहे है।

लदे नहीं हैं अखबारों के दिन

लदे नहीं हैं अखबारों के दिन

मीडियावाला.इन। दुनिया का पता नहीं लेकिन भारत में अखबार तब निकाले गए जबकि अब केवल तोप थी .आज तोपें भीं है और तोपचन्द भी .अखबार आज भी निकल रहे हैं लेकिन अखबारों के वजूद को लेकर आशंकाएं  भी कम...

विपक्षी एकता;केर-बेर का संग

विपक्षी एकता;केर-बेर का संग

मीडियावाला.इन। देर-सवेर ही सही लेकिन भाजपा के खिलाफ देश के विपक्षी दलों में एक मंच पर खड़े होकर संघर्ष करने की सुगबुगाहट शुरू हो गयी है .धीरे-धीरे हासिये पर जा रहे देश के पूर्व कृषि मंत्री और एनसीपी के...

IAS जांगिड़ के बहाने ईमानदारी पर बहस

IAS जांगिड़ के बहाने ईमानदारी पर बहस

मीडियावाला.इन। भारतीय  प्रशासनिक सेवा के 2014  बैच के अधिकारी लोकेश कुमार जांगिड़ के बहाने आज एक बार फिर हम ' ईमानदारी ' पर चर्चा करने का अवसर पा चुके हैं .मध्यप्रदेश कैडर के इस नौजवान अधिकारी को 4 साल...

विवादों की वैक्सीन:  सियासत या  'अपराध'

विवादों की वैक्सीन: सियासत या 'अपराध'

मीडियावाला.इन। वैश्विक महामारी कोविड-19 की रोकथाम के लिए बनी भारतीय वैक्सीन में गाय के बछड़े के सीरम का इस्तेमाल किये जाने का विवाद भी जनता को झेलना पडेगा,इसकी कल्पना कभी किसी   ने नहीं   की थी .दुर्भाग्य ये है कि...

डिप्लोमेसी में बेकसूर आम को सजा

डिप्लोमेसी में बेकसूर आम को सजा

मीडियावाला.इन। आम कूम आम होता है .उसका डिप्लोमेसी से क्या लेना-देना ? लेकिन पाकिसतानी हुक्मरान ये हकीकत समझते ही नहीं और खामखां ' आम डिप्लोमेसी' कर बैठे. इस डिप्लोमेसी में पाकिसातन की फजीहत हुई सो हुई बेचारे आम की...

राजनीति का खूंटा,विचार है या सुविधा ?

राजनीति का खूंटा,विचार है या सुविधा ?

मीडियावाला.इन। राजनीति के चरित्र पर विचार करना केवल राजनीति में काम करने  वालों की ड्यूटी नहीं है.जनता को भी देश की राजनीति और राजनेताओं के चरित्र पर विचार करते रहना चाहिए .आज के विषाक्त वातावरण में ये बहुत जरूरी...

जूनियर भगवान हड़ताल पर

जूनियर भगवान हड़ताल पर

मीडियावाला.इन। डाक्टर जूनियर हो या सीनियर दुनिया में भगवान का दूसरा रूप माना जाता है ,लेकि सोचिये क्या भगवान भी कभी हड़ताल पर जा सकता है ,या इस्तीफा दे सकता है ?तो जबाब है 'हाँ' कम से कम भारत...

परीक्षाओं को रद्द करना भी राजनीति

परीक्षाओं को रद्द करना भी राजनीति

मीडियावाला.इन। हम भारतीयों की आदत में शुमार है कि हमें जब प्यास लगती है, हम तभी कुआं खोदने बैठते हैं. दूरदर्शी फैसले न करने की इसी आदत की वजह से हर मोर्चे पर हमारी हार होती है....

बक्सवाहा के जंगलों की हत्या क्यों ?

बक्सवाहा के जंगलों की हत्या क्यों ?

मीडियावाला.इन। मध्यप्रदेश के जंगलों में से एक जंगल बक्सवाहा का भी है.बक्सवाहा के जंगल की जान पर बन आयी है .जैसे कस्तूरी का हिरण की नाभि में होना उसके लिए दुखदायी होता है वैसे ही बक्सवाहा के जंगलों में...

एलोपैथी से लेकर मैथी-पैथी तक

एलोपैथी से लेकर मैथी-पैथी तक

मीडियावाला.इन। मुझे आज 'यास ' तूफ़ान से होने वाली तबाही पर लिखना था लेकिन लिख रहा हूँ उस विवाद पर जो एक गैर-जिम्मेदार बाबा ने देश में शुरू किया है. दरअसल बाबा रामदेव मुझे पहली मुलाक़ात से...

हनीट्रैप का गलत इस्तेमाल क्यों?

हनीट्रैप का गलत इस्तेमाल क्यों?

मीडियावाला.इन। सियासत में गिरने का कोई स्तर नहीं होता. मध्य्प्रदेश के पूर्व  मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपनी पार्टी के एक पूर्व मंत्री को एक आपराधिक मामले में उलझने से बचाने के लिए बहुचर्चित 'हनीट्रैप' काण्ड को उजागर करने...

तिकड़ी में टकराव की आहटें

तिकड़ी में टकराव की आहटें

मीडियावाला.इन। मध्यप्रदेश में 14  महीने पहले महाराज ज्योतिरादित्य सिंधिया की मदद से मुख्यमंत्री बने शिवराज सिंह चौहानऔर उनके निकट साथी केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की तिकड़ी में टकराव की खबरें छन-छनकर आने लगी हैं. कॉरोनकाल में...

रेमडेसिविर: नकली का कमाल,खामखां हैं बेहाल

रेमडेसिविर: नकली का कमाल,खामखां हैं बेहाल

मीडियावाला.इन। कोरोना के इलाज में कथित रूप से संजीवनी माने जाने वाला रेमडेसिविर इंजेक्शन असली के बजाय नकली ज्यादा कारगर साबित होने की खबर आयी तो मै बिलकुल नहीं चौंका .मेरे चौंकने का सवाल ही नहीं था,क्योंकि मुझे अपने...

लाशें उगलती पतित पावनी

लाशें उगलती पतित पावनी

मीडियावाला.इन। जैसे झूठ के पांव नहीं होते लेकिन झूठ चलता है वैसे ही बदनामी के भी पांव नहीं होते किन्तु बदनामी हवा के साथ उड़कर हजारों मील दूर तक चली जाती है हिन्दुस्तान से पंद्रह हजार किमी दूर आज...

क्या कोविड टीकाकरण  राष्ट्रीय कार्यक्रम नहीं ?

क्या कोविड टीकाकरण राष्ट्रीय कार्यक्रम नहीं ?

मीडियावाला.इन। कोरोना महामारी के सर्वाधिक शिकार भारत में क्या टीकाकरण को राष्ट्रीय कार्यक्रम   की तरह अमल में नहीं लाया जाना चाहिए ?क्या जिस तरह से टीकों को लेकर देश के अलग-अलग राज्यों में काम हो रहा है उसे देखते...

बंगाल में शून्य पर वामपंथी

बंगाल में शून्य पर वामपंथी

मीडियावाला.इन। बंगाल में जादू हुआ या नहीं,ये तो हगवां जाने या बंगाल को सोनार बांग्ला बनाने वाले लोग ,मेरी चिंता का विषय तो ये है कि जिस बंगाल में ज्योति बासु ने एक चौथाई सदी राज किया था उसी...

रोहित का रोहित होना ही पर्याप्त था

रोहित का रोहित होना ही पर्याप्त था

मीडियावाला.इन। रोहित सारदाना नहीं रहे,ये खबर वज्रपात जैसी थी.मुझे क्या शायद किसी को भी यकीन नहीं हुआ होगा रोहित के इस तरह अचानक रवानगी डालने का .अभी रोहित की जाने की उम्र थी ही नहीं ,लेकिन कालगति अबूझ है,रोहित...

इमदाद के लिए दिल बड़ा हो न की देश

इमदाद के लिए दिल बड़ा हो न की देश

मीडियावाला.इन। कोरोना के सामने घुटने टेके बैठे विश्व गुरु भारत की इमदाद के लिए दुनिया के तमाम छोटे-बड़े देश सहयोग का हाथ बढ़ा रहे हैं. इमदाद की पेशकश करने वाले देशों मने बेहद छोटे वे देश भी हैं जिनके...

आदमी ही नहीं,रुपया भी टूटा है साहब

आदमी ही नहीं,रुपया भी टूटा है साहब

मीडियावाला.इन। महाबली कोई और नहीं सचमुच कोरोना है. इस कोरोना ने आम आदमी और ख़ास सरकारों के साथ भारतीय रूपये की भी कमर तोड़ दी है. भारत  में कोरोना की दूसरी लहर में कोरोना जिस गति से अपने पांव पसार...

IPS सचिन की सही जगह पुलिस ट्रेनिंग स्कूल

IPS सचिन की सही जगह पुलिस ट्रेनिंग स्कूल

मीडियावाला.इन। भारतीय पुलिस सेवा के 2007 बैच के अफसर सचिन अतुलकर MP पुलिस में मख्खियां मार रहे हैं. वे जाने माने बॉडी बिल्डर हैं। इन दिनों ग्वालियर रेंज में डीआईजी पद पर हैं। इस पद के लायक चूंकि कोई...