Wednesday, January 22, 2020

Blog

राकेश अचल

राकेश अचल ग्वालियर - चंबल क्षेत्र के वरिष्ठ और जाने माने पत्रकार है। वर्तमान वे फ्री लांस पत्रकार है। वे आज तक के ग्वालियर के रिपोर्टर रहे है।

शाह का खुलेआम धमकाना ठीक नहीं

शाह का खुलेआम धमकाना ठीक नहीं

मीडियावाला.इन। अंग्रेज भारत न आये होते तो भारत के लोग कभी भी प्रतिकार करना नहीं सीखते। अंग्रेजों के पहले बाहर से जो भी आततायी आये उनके साथ भारत के तमाम शासकों ने प्रतिकार के अलावा रोटी-बेटी का...

भाजपा में नड्डा युग

भाजपा में नड्डा युग

मीडियावाला.इन। भाजपा के ग्यारहवें राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में श्री जगत प्रकाश नड्डा की ताजपोशी एक ऐसे समय में हुई है जब पूरी पार्टी एक संक्रमणकाल से गुजर रही है। नड्डा के पूर्ववर्ती अध्यक्ष अमित शाह की अगुवाई में...

निधि निवेदिता का थप्पड़

निधि निवेदिता का थप्पड़

मीडियावाला.इन। मध्यप्रदेश के राजगढ़ की कलेक्टर सुश्री निधि निवेदिता से मै नाराज हूँ,आपको भी नाराज होना चाहिए ।उन्होंने सीएए के समर्थन में रैली निकाल रहे भाजपा कार्यकर्ता को थप्पड़ जड़ दिया ,लाठी मारी सो अलग ।मै सीएए का समर्थक...

मौसम का मिजाज समझो ना !

मौसम का मिजाज समझो ना !

मीडियावाला.इन। हम सब लकीर के फकीर हैं ।मौसम का मिजाज समझना ही नहीं चाहते ,भले ही मौसम के प्रतिकूल होने की वजह से हश्र कुछ भी क्यों न हो ?मौसम के हवाले से मै तीन बड़े आयोजनों का जिक्र...

चौबे जी का दुबे हो जाना: मामला पूर्व एडीजी राजेंद्र चतुर्वेदी को पांच साल की सजा

चौबे जी का दुबे हो जाना: मामला पूर्व एडीजी राजेंद्र चतुर्वेदी को पांच साल की सजा

मीडियावाला.इन। चौबे जी का दुबे हो जाना *********************** मध्यप्रदेश के इतिहास में दस्यु उन्मूलन में क्षेत्र में एक अलग अध्याय लिखने वाले मध्यप्रदेश पुलिस के पूर्व एडीजी राजेंद्र चतुर्वेदी को जेल में हुई भर्तियों में लेनदेन के आरोप में...

बेटी हो तो दीपिका जैसी

बेटी हो तो दीपिका जैसी

मीडियावाला.इन। मैं सिनेमा न के बराबर देखता हूँ लेकिन अखबार नियमित पढता हूँ इसलिए मुझे फिल्म जगत की हलचल का भी पता चलता रहता है। अपने किस्म की एक अभिनेत्री दीपिका पादुकोन को भी जानता हूँ,उसकी कुछ फ़िल्में भी...

किताबों का पुष्य नक्षत्र कहाँ  गायब  है?

किताबों का पुष्य नक्षत्र कहाँ गायब है?

मीडियावाला.इन। देश में पुस्तकों का महा कुम्भ चल रहा है लेकिन देश के सारे ज्योतिषी शीत निद्रा में हैं,कोई नहीं बता रहा की किताबें खरीदने के लिए फिलहाल कोई पुष्य नक्षत्र है भी या नहीं? दरअसल हम...

पांवों पर कुल्हाड़ी मारते लोग

मीडियावाला.इन। मैं उन दुर्भाग्यशाली लोगों में से हूँ जो जेएनयू या एएमयू जैसे किसी नाम-चीन्ह शिक्षा संस्थान में नहीं पढ़े। घर वालों की हैसियत भी नहीं थी और सोच भी और आज लगता है कि जो हुआ...

अलोकतांत्रिक पाबंदियों का दौर

मीडियावाला.इन। लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की आजादी का बड़ा हल्ला होता आया है। इस आजादी के लिए लोग अपनी जान देने तक पर आमादा होते हैं लेकिन आज लोकतंत्र का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण मौलिक अधिकार कदम-कदम पर...

कमलनाथ की जय-जय बोल

कमलनाथ की जय-जय बोल

मीडियावाला.इन। आज का शीर्षक पढ़कर आपको 'चमचत्व' की गंध आएगी, आना ही चाहिए क्योंकि मै अक्सर इस विधा से दूर रहता हूँ। यूँ भी मैं अपने मुख्यमंत्री कमलनाथ की चमचागिरी नहीं कर रहा, मैं आजतक न कमलनाथ...

जिसकी लाठी, उसका लोकतंत्र

जिसकी लाठी, उसका लोकतंत्र

मीडियावाला.इन। शीर्षक पढ़कर चौंकिए बिलकुल मत ।मैंने जो लिखा है बहुत सोच-समझकर लिखा है। बचपन से मुझे बताया गया था कि   लाठी का रिश्ता या तो भैंस से होता है या फिर बुढ़ापे से लेकिन बाद में मैंने अपने...

हैदराबाद डॉक्टर गैंगरेप एनकाउंटर : न रहे बांस,न बजे बांसुरी

हैदराबाद डॉक्टर गैंगरेप एनकाउंटर : न रहे बांस,न बजे बांसुरी

मीडियावाला.इन। हैदराबाद पुलिस ने महिला चिकित्स्क  के साथ सामूहिक बलात्कार कर उसे ज़िंदा जला मारने वाले चारों आरोपियों को आज मौत के घात उतार कर इस वारदात के बाद देश में उपकी नाराजगी,बेचैनी और असंतोष को एक...

गोडसे किसका भगवन है ?

गोडसे किसका भगवन है ?

मीडियावाला.इन। मोहनदास करमचंद गांधी की हत्या कर नाथूराम गोडसे को देशभक्ति का तमगा पहनाने वाले लोगों को लेकर यदि देश की संसद गर्म होती है तो सोचना पड़ता है कि ऐसे लोगों को संसद में चुनकर भेजने...

कटारे को श्रीलाल शुक्ल 'इफ्को' सम्मान

कटारे को श्रीलाल शुक्ल 'इफ्को' सम्मान

मीडियावाला.इन। मेरे पास खुश होने के अवसर आते-जाते रहते हैं ,लेकिन आज मै बहुत अधिक खुश हूँ क्योंकि अग्रज लेखक महेश कटारे को इस वर्ष के श्रीलाल शुक्ल इफ्को सम्मान से अलंकृत किये जाने की खबर आ गयी है...

भगवान क्यों बोलेंगे यश सर !

भगवान क्यों बोलेंगे यश सर !

मीडियावाला.इन। आसमान में जितने भगवान है वे तो दस रूपये के प्रसाद से मान भी जाएँ लेकिन धरती के भगवान का पेट तो कभी भरता ही नहीं,ऊपर से वे अब गुर्राने भी लगे हैं ।हमारे शहर के...

ऐसे तो बन गए विश्व गुरु आप

ऐसे तो बन गए विश्व गुरु आप

मीडियावाला.इन। हमारे जीवन मूल्य और संस्कारों की कलई खुल रही है और ये सब हो रहा है उन संस्थानों के माध्यम से जो कल के नागरिक तैयार करते हैं ।जवाहरलाल नेहरू विश्व विद्यालय के हड़ताली छात्रों की मारकूट से...

एनडीए का बदलता  डीएनए

एनडीए का बदलता डीएनए

मीडियावाला.इन। देश में इनदिनों  किसी एक पार्टी के बारे में नहीं बल्कि गिरोहों के बारे में सोचना पड़ता है।अब न अकेली कांग्रेस है और न अकेली भाजपा।एक के गिरोह का नाम यूपीए है तो दूसरे का नाम...

मुद्दे पर मुद्दा भारी है

मुद्दे पर मुद्दा भारी है

मीडियावाला.इन। हमारे मुल्क में मुद्दे ढंग से न खुशी  मनाने देते हैं न गम ।यानि एक मुद्दा दूसरे पर इतनी आसानी से अतिक्रमण कर लेता है कि  हैरानी होने लगती है ।राम जन्म भूमि विवाद के शांतिपूर्ण निबटारे का...

किला भी ढहा और दर्प भी चकनाचूर

किला भी ढहा और दर्प भी चकनाचूर

मीडियावाला.इन। सियासत में मेरी दिलचस्पी जब-जब कम होती है,तब-तब कुछ न कुछ ऐसा हो जाता है जो इस दिलचस्पी को दिलचस्प बना देता है ।अबकी भारतीय राजनीति में महाराष्ट्र ने कमाल कर दिया। भग्न जनादेश के बावजूद सरकार बनाने...

भूगोल बदला,इतिहास की बारी

मीडियावाला.इन। राजपत्र जारी होने के बाद भारत के भूगोल में मामूली सी तब्दीली हो गयी है ।अब जम्मू-कश्मीर के साथ लेह-लद्दाख खड़ा दिखाई नहीं देगा ।बड़ों के लिए ये कोई बड़ी समस्या नहीं है लेकिन स्कूली बच्चों के लिए...