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राकेश अचल

राकेश अचल ग्वालियर - चंबल क्षेत्र के वरिष्ठ और जाने माने पत्रकार है। वर्तमान वे फ्री लांस पत्रकार है। वे आज तक के ग्वालियर के रिपोर्टर रहे है।

' ट्रेक्टर-डेमोक्रेसी ' के मायने

' ट्रेक्टर-डेमोक्रेसी ' के मायने

मीडियावाला.इन। भारत के इतिहास में आज एक नया अध्याय जुड़ गया.आप इसे ' ट्रेक्टर -डेमोक्रेसी ' के नाम से पहचान सकते हैं. आजादी से पहले और आजादी के बाद भारत के किसानों के प्रतिरोध का ये सबसे बड़ा उदाहरण...

एक जख्मी राष्ट्र के नए नायक है बाइडन

एक जख्मी राष्ट्र के नए नायक है बाइडन

मीडियावाला.इन। दुनिया के सबसे अधिक ताकतवर माने जाने वाले अमेरिका के नए राष्ट्रपति जो बाइडन ने जिन परिस्थितियों में देश सेवा की शपथ ली है वे एकदम विषम हैं. जो को अमेरिका के किसी भी अन्य राष्ट्रपति...

सड़कों पर विचरण करती मौत

सड़कों पर विचरण करती मौत

मीडियावाला.इन। राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ के रहने मजदूरों को मौत ने गुजरात में  सूरत से 60 किमी दूर कोसांबा इलाके में भी ढूंढ लिया.मौत एक ट्रक के रूप में आई और  20 लोगों को कुचल कुचल कर...

परख  का  आपातकाल

परख का आपातकाल

मीडियावाला.इन। आपातकाल का मतलब केवल इंदिरा गांधी के शासनकाल में लगने वाला आपातकाल ही नहीं होता .कोविडकाल भी किसी आपातकाल से कम नहीं है. इंदिरा गांधी के आपातकाल में जो नहीं हो पाया था वो सब इस कोविडकाल के...

टीका लगवा लो ! ,टीका !!

टीका लगवा लो ! ,टीका !!

मीडियावाला.इन। घबड़ाइये नहीं ,आज से देश में कोविड रोकने वाला टीका लगना शुरू हो रहा है. आज टीका चुनिंदा लोगों को लगेगा लेकिन कल से मुमकिन है की कोविड का टीका लगाने और लगवाने का काम भी गली-मुहल्लों में...

ग्वालियर मेले पर असमंजस क्यों ?

ग्वालियर मेले पर असमंजस क्यों ?

मीडियावाला.इन। महामारी के चलते हमारे जीवन मूल्य और शैली दोनों खतरे में हैं ,लेकिन हम इन तमाम खतरों से जूझते हुए आगे बढ़ रहे हैं .इन खतरों के बीच  ही देश में विधानसभाओं के चुनाव हो रहे हैं,किसान आंदोलन...

मध्यप्रदेश में मौत के सौदागर

मध्यप्रदेश में मौत के सौदागर

मीडियावाला.इन। मध्यप्रदेश के चंबल इलाके में मौत कहर बनकर टूटी जहरीली शराब पीने से एक दर्जन से अधिक लोग बेमौत मारे गए हैं और इतने ही जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं. इस भयानक हादसे...

सरकार और अदालत की लत

सरकार और अदालत की लत

मीडियावाला.इन। पिछले 47  दिन से दिल्ली की देहलीज पर डटे किसानों के मामले में देश की सबसे बड़ी अदालत की भूमिका पर सबकी निगाहें हैं लेकिन हमारी निगाहें सरकार पर हैं,क्योंकि सरकार को हर मुद्दे के लिए अदालत के...

मध्यप्रदेश में सिनेमा की 'डर्टी पालटिक्स'

मध्यप्रदेश में सिनेमा की 'डर्टी पालटिक्स'

मीडियावाला.इन। वालीवुड के लिए मध्यप्रदेश देश में एक सस्ता और सुन्दर ठिकाना हो सकता है किन्तु मध्यप्रदेश की ' डर्टी पालटिक्स ' ऐसा होने नहीं दे रही. मध्यप्रदेश से ताल्लुक रखने वाले अनेक परिवार और लोग आज फिल्मी दुनिया में...

राजनीति का टीका और टीके की राजनीति

राजनीति का टीका और टीके की राजनीति

मीडियावाला.इन। हिन्दुस्तान में किसी बीमारी का पहला टीका लगे दो सौ साल होने में एक साल बाक़ी है लेकिन टीके की राजनीति एकदम नवजात है. देश में तमाम विषाणुओं से होने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए...

क्यों सियासत के आदित्य हैं ज्योतिरादित्य ?

क्यों सियासत के आदित्य हैं ज्योतिरादित्य ?

मीडियावाला.इन। किसी राजनेता के जन्मदिन पर लिखने  की मेरी आदत नहीं है ,अक्सर ऐसे लेखन से मै बचता हूँ.बीते  सोलह साल में एक बार पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के जन्मदिन पर लिखा था वो भी सहमते हुए ,क्योंकि आप...

खतरनाक है राजनीति का नया 'स्ट्रेन '

खतरनाक है राजनीति का नया 'स्ट्रेन '

मीडियावाला.इन। कोरोना वायरस की तरह राजनीति का नया ' स्ट्रेन ' भी बेहद घातक है ,राजनीति का नया 'स्ट्रेन ' बड़ी तेजी से अपना रूप बदल रहा है. राजनीतिक  स्ट्रेन में आ रही अप्रत्याशित तब्दीली से जनता भौंचक और...

आखिर क्यों भाग जाते हैं युवराज राहुल ?

आखिर क्यों भाग जाते हैं युवराज राहुल ?

मीडियावाला.इन। शीर्षक पढ़कर चौंकिए मत, मै राहुल गांधी को न तो युवराज मानता हों और न वे युवराज हैं ,लेकिन वे देश में रहें तो मुसीबत और देश में न रहें तो मुसीबत .भाजपा एक तरफ देश को कांग्रेस...

संसद और विधानसभाएं, कोरोना की ढाल का गलत इस्तेमाल

संसद और विधानसभाएं, कोरोना की ढाल का गलत इस्तेमाल

मीडियावाला.इन। विश्वव्यापी कोरोना महामारी के चलते देश-दुनिया में बहुत कुछ ठहर गया है लेकिन भारत में इसमहामारी को राजनीति ने जनतांत्रिक व्यवस्थाओं के खिलाफ ढाल के रूप में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है .कोरोना के कारण लाकडाउन को छोड़कर...

बड़ा दिन,बड़ा दिल,बड़े लोग

बड़ा दिन,बड़ा दिल,बड़े लोग

मीडियावाला.इन। कल यानि 25  दिसंबर को बड़ा दिन है.बड़ा दिन है तो प्रभु येशु का जन्मदिन लेकिन हमारे यहां ये बड़ा दिन बड़े लोगों का दिन होता है,इस दिन बड़े लोग, बड़े फैसले करते हैं ,बड़े दिल से करते...

डर के साये में दुनियावाले

डर के साये में दुनियावाले

मीडियावाला.इन। डर अब दुनिया का स्थाईभाव बनता जा रहा है. वर्ष 2020  में कोरोना से जूझती दुनिया अभी कोरोना से उबार भी नहीं पायी है की कोरोना का नया ' स्ट्रेन ' दुनिया को डराने के लिए अवतरित हो...

कलमुँहों के प्रदेश में लोकतंत्र

कलमुँहों के प्रदेश में लोकतंत्र

मीडियावाला.इन। काला मुंह केवल कुकर्म से ही नहीं होता.कालेधन के इस्तेमाल से भी होता है.मेरा दुर्भाग्य है कि मै उस मध्यप्रदेश  में रहता हूँ जहाँ कालाधन इस्तेमाल करने वाले 'सर्टीफाइड' कलमुँहों की संख्या इफरात में है.सूबे का लोकतंत्र इन्हीं कलमुँहों...

एसएम अफजल :वे सचमुच अफजल थे

एसएम अफजल :वे सचमुच अफजल थे

मीडियावाला.इन। पत्रकारिता एक ऐसा क्षेत्र है जिस्मने आपको सभी तरह के लोग मिलते हैं,अच्छे भी ,बुरे भी ,लेकिन याद वे ही रह जाते हैं जो सचमुच सबसे अलग होते हैं .भारतीय पुलिस सेवा के ऐसे ही अफसर थे सैयद...

भाजपा के 'जाल' में बंगाल

भाजपा के 'जाल' में बंगाल

मीडियावाला.इन। भाजपा के राजनीतिक दुस्साहस का मैं हमेशा से कायल रहा हूँ. भाजपा आने वाले दिनों में बंगाल को जीतने के लिए वो सब करने पर आमादा है जो अकल्पनीय है. किसी जमाने में वामपंथ का गढ़...

नया  संसद भवन किसकी जरूरत ?

नया संसद भवन किसकी जरूरत ?

मीडियावाला.इन। नया भारत बनाने के बजाय नयी सरकार नया संसद भवन बनाने पर आमादा है.लेकिन सवाल ये है की इस देश को नए संसद भवन की जरूरत क्यों है ?क्या मौजूदा संसद भवन अब बीमार है या उसमें बैठने...