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डॉ. प्रकाश हिन्दुस्तानी

डॉ. प्रकाश हिन्दुस्तानी जाने-माने पत्रकार और ब्लॉगर हैं। वे हिन्दी में सोशल मीडिया के पहले और महत्वपूर्ण विश्लेषक हैं। जब लोग सोशल मीडिया से परिचित भी नहीं थे, तब से वे इस क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। पत्रकार के रूप में वे 30 से अधिक वर्ष तक नईदुनिया, धर्मयुग, नवभारत टाइम्स, दैनिक भास्कर आदि पत्र-पत्रिकाओं में कार्य कर चुके हैं। इसके अलावा वे हिन्दी के पहले वेब पोर्टल के संस्थापक संपादक भी हैं। टीवी चैनल पर भी उन्हें कार्य का अनुभव हैं। कह सकते है कि वे एक ऐसे पत्रकार है, जिन्हें प्रिंट, टेलीविजन और वेब मीडिया में कार्य करने का अनुभव हैं। हिन्दी को इंटरनेट पर स्थापित करने में उनकी प्रमुख भूमिका रही हैं। वे जाने-माने ब्लॉगर भी हैं और एबीपी न्यूज चैनल द्वारा उन्हें देश के टॉप-10 ब्लॉगर्स में शामिल कर सम्मानित किया जा चुका हैं। इसके अलावा वे एक ब्लॉगर के रूप में देश के अलावा भूटान और श्रीलंका में भी सम्मानित हो चुके हैं। अमेरिका के रटगर्स विश्वविद्यालय में उन्होंने हिन्दी इंटरनेट पत्रकारिता पर अपना शोध पत्र भी पढ़ा था। हिन्दी इंटरनेट पत्रकारिता पर पीएच-डी करने वाले वे पहले शोधार्थी हैं। अपनी निजी वेबसाइट्स शुरू करने वाले भी वे भारत के पहले पत्रकार हैं, जिनकी वेबसाइट 1999 में शुरू हो चुकी थी। पहले यह वेबसाइट अंग्रेजी में थी और अब हिन्दी में है। 


डॉ. प्रकाश हिन्दुस्तानी ने नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने पर एक किताब भी लिखी, जो केवल चार दिन में लिखी गई और दो दिन में मुद्रित हुई। इस किताब का विमोचन श्री नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के एक दिन पहले 25 मई 2014 को इंदौर प्रेस क्लब में हुआ था। इसके अलावा उन्होंने सोशल मीडिया पर ही डॉ. अमित नागपाल के साथ मिलकर अंग्रेजी में एक किताब पर्सनल ब्रांडिंग, स्टोरी टेलिंग एंड बियांड भी लिखी है, जो केवल छह माह में ही अमेजॉन द्वारा बेस्ट सेलर घोषित की जा चुकी है। अब इस किताब का दूसरा संस्करण भी आ चुका है। 

धर्मयुग का डिजिटल भाई पैदा हुआ है! हिन्दी की अनोखी पॉडकॉस्ट वेबसाइट !

धर्मयुग का डिजिटल भाई पैदा हुआ है! हिन्दी की अनोखी पॉडकॉस्ट वेबसाइट !

मीडियावाला.इन। 30 मई को हिंदी पत्रकारिता दिवस है। 1826 में 30 मई के दिन ही उदन्त मार्तण्ड का प्रकाशन शुरू हुआ था। लगभग दो सदियों के बाद  हिंदी पत्रकारिता ने कितने अनाये आयाम स्थापित किये हैं यह उल्लेखनीय है। ...

मंदी का आगाज़ तो हो चुका

मंदी का आगाज़ तो हो चुका

मीडियावाला.इन। कोई कितने भी दावे करे, पूरी दुनिया में आर्थिक मंदी का दायर है यह। भारत भी इससे अछूता नहीं रह सकता।  अमेरिका जैसे देश में हाल ही में तीन करोड़ तीस लाख लोगों ने अपने बेरोज़गार होने का...

चीन की शह पर नेपाल दिखाने लगा है अपने तेवर

चीन की शह पर नेपाल दिखाने लगा है अपने तेवर

मीडियावाला.इन। भारत की कूटनीति को भी यही दिन देखना बाकी  था ? अब चीन के इशारे पर अब नेपाल भी भारत को आंखे दिखाने लगा है।  धारचूला से लिपुलेख जाने वाली 90 किलोमीटर लंबी सड़क पर नेपाल में न...

आ गई है वर्क फ्रॉम होम संस्कृति

आ गई है वर्क फ्रॉम होम संस्कृति

मीडियावाला.इन। वर्क फ्रॉम होम की संस्कृति जन्म ले चुकी है।  लॉकडाउन रहे  या खत्म हो जाए, यह संस्कृति अभी और फैलेगी। यह एक तरह से विन-विन वाली स्थिति है, जिसमें नियोक्ता और कर्मचारी दोनों ही फ़ायदे  में रहेंगे।  इसके...

सबसे महँगा खेल आयोजन : 90 हज़ार करोड़ रूपये की ओलम्पिक मशाल

सबसे महँगा खेल आयोजन : 90 हज़ार करोड़ रूपये की ओलम्पिक मशाल

मीडियावाला.इन। - ओलम्पिक खेल एक साल आगे बढ़ा दिए गए हैं, लेकिन टोक्यो में ओलम्पिक मशाल जलती रहेगी। -  टोक्यो ओलम्पिक 24 जुलाई  से 9  अगस्त  2020 तक होने थे,...

कमाल खान कमाल के ये भद्दे ट्वीट,   ट्विटर पर   बैन करने की मांग

कमाल खान कमाल के ये भद्दे ट्वीट, ट्विटर पर बैन करने की मांग

मीडियावाला.इन। एक फिल्म अभिनेता हैं कमाल खान अमाल। केआरके के नाम से जो यूट्यूब पर अपनी फिल्म समीक्षाएं करते हैं। बिग बॉस में भी जा चुके हैं और एक -दो फिल्मों में काम भी कर चुके हैं।  खुद को एक्टर,...

जलकुकड़े ट्रम्प ने अनफॉलो करवाए  मोदी और भारत के ट्विटर अकाउंट

जलकुकड़े ट्रम्प ने अनफॉलो करवाए मोदी और भारत के ट्विटर अकाउंट

मीडियावाला.इन। अमेरिका के व्हाइट  हाउस ने  ट्विटर पर नरेंद्र मोदी को अनफॉलो कर दिया। क्या इसकी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जलन की भावना थी या काम निकलने के बाद उन्हें  लगा कि अब मोदी को फॉलो करने की...

बिल गेट्स और जॉर्ज बुश को अंदाज़ था कि कोरोना जैसा संक्रमण का खतरा आ सकता है

बिल गेट्स और जॉर्ज बुश को अंदाज़ था कि कोरोना जैसा संक्रमण का खतरा आ सकता है

मीडियावाला.इन। जॉर्ज बुश और बिल गेट्स जैसे लोग बहुत पहले से कोरोना जैसी महामारी की आहट पहचान गए थे। उन्होंने दुनिया को न केवल आगाह किया, बल्कि उससे निपटने की तैयारियां भी शुरू कर दी ...

बिल गेट्स और जॉर्ज बुश को अंदाज़ था कि कोरोना  जैसा संक्रमण का खतरा आ सकता है

बिल गेट्स और जॉर्ज बुश को अंदाज़ था कि कोरोना जैसा संक्रमण का खतरा आ सकता है

मीडियावाला.इन। जॉर्ज बुश और बिल गेट्स जैसे लोग बहुत पहले से कोरोना जैसी महामारी की आहट पहचान गए थे। उन्होंने दुनिया को न केवल आगाह किया, बल्कि उससे निपटने की तैयारियां भी शुरू कर दी थीं।  अगर यह तैयारी  ...

कोरोना ही नहीं, उसके बाद के हालात से चिंता में है सरकार

कोरोना ही नहीं, उसके बाद के हालात से चिंता में है सरकार

मीडियावाला.इन। कोरोना के कारण  पैदा हुए आर्थिक संकट  से निपटने के लिए मोदी सरकार जुटी हुई है और जल्दी ही दूसरा राहत पैकेज आने की आशा की जा रही है। सरकार का पूरा ध्यान मंदी  से निपटने के लिए...

अनोखा पेंच : क्या उद्धव ठाकरे की फोटोग्राफी  बचा पाएगी उनकी मुख्यमंत्री की कुर्सी?

अनोखा पेंच : क्या उद्धव ठाकरे की फोटोग्राफी बचा पाएगी उनकी मुख्यमंत्री की कुर्सी?

मीडियावाला.इन। उद्धव ठाकरे ने 28  नवम्बर 2019 को मुख्यमंत्री पद  शपथ ली थी पर वे विधायक नहीं हैं।  न ही वे विधान परिषद् के सदस्य। उन्होंने सोचा था कि विधान परिषद् में चुनकर चले जाएंगे लेकिन चुनाव...

भारतीय फार्मा सेक्टर की महत्ता बता दी ट्रम्प ने

भारतीय फार्मा सेक्टर की महत्ता बता दी ट्रम्प ने

मीडियावाला.इन। भारत के फार्मा सेक्टर को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का अहसानंद होना चाहिए कि वे दुनिया की निगाहों में भारतीय फार्मा सेक्टर की महता को बार-बार बताई।...

आर्थिक सुधार चालू आहेत

आर्थिक सुधार चालू आहेत

मीडियावाला.इन। लॉकडाउन है, इसका अर्थ यह नहीं कि सरकार कोई काम नहीं कर रही।  सरकार अपनी जगह है और वह भविष्य के लिए योजनाएं बनाने में लगी है। लॉकडाउन के बाद अर्थव्यवस्था में कुछ समय ...

लॉकडाउन में ख़त्म हो गए ये  6 सरकारी बैंक

लॉकडाउन में ख़त्म हो गए ये 6 सरकारी बैंक

मीडियावाला.इन। लॉकडाउन चल रहा है और अगर इनमें से बैंक में काम करते हैं या  आपका बैंक खाता इन छह बैंकों ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया, आंध्र बैंक, कार्पोरेशन बैंक, इलाहाबाद बैंक या  सिंडिकेट...

लॉकडाउन की अवधि को लेकर गोलमोल जवाब क्यों?

लॉकडाउन की अवधि को लेकर गोलमोल जवाब क्यों?

मीडियावाला.इन। केन्द्र सरककर के एक  वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को प्रेस कान्फ्रेस में कहा कि सरकार की अभी  लॉकडाउन की अवधि बढ़ने की कोई योजना नहीं है। इस बयान में अभी शब्द बहुत महत्वपूर्ण और गफलतवाला है। ...

आरबीआई का नारा -जल्द आयद, दुरुस्त आयद !

आरबीआई का नारा -जल्द आयद, दुरुस्त आयद !

मीडियावाला.इन। रिज़र्व बैंक ने अपनी मौद्रिक नीति की घोषणा  तीन अप्रैल की जगह 27 मार्च को ही कर दी और उसमें लोन लेकर मकान खरीदनेवालों, लोन से कार खरीदनेवालों और पर्सनल लोन लेनेवालों को तीन...

बड़े बड़ों को 'ग़रीब' बना दिया कोरोना ने

बड़े बड़ों को 'ग़रीब' बना दिया कोरोना ने

मीडियावाला.इन। कोरोना ने कई लोगों को 'ग़रीब' बना दिया है। अब मुकेश अम्बानी की गिनती दुनिया के सबसे अमीर लोगों में नहीं होती क्योंकि शेयर बाज़ार में उनकी कंपनियों के शेयरों की कीमत अब वह नहीं बची...

तमारा मगजमां शुं छे नरेन भाई ?

तमारा मगजमां शुं छे नरेन भाई ?

मीडियावाला.इन। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार की रात ट्विटर पोस्ट में लिखा- ''रविवार को फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यू-ट्यूब को अलविदा की सोची। इस बारे में अवगत कराता रहूँगा।'' उन्होंने यह  नहीं लिखा था की मैं सोशल मीडिया के  ...

ज्यादा पास आना है, असल में दूर जाना

ज्यादा पास आना है, असल में दूर जाना

मीडियावाला.इन। अगर आप 1990 और 2020 के दो प्रेमी जोड़ों की टेंशन अपने सिर में डाउनलोड करना चाहते हैं, तो वेलेंटाइन्स डे पर यह कर सकते हैं। यह फिल्म ऐसे युवक-युवती की कहानी है, जो युवावस्था में केवल...

गैरजिम्मेदार है यह ‘मलंग’

गैरजिम्मेदार है यह ‘मलंग’

मीडियावाला.इन। फिल्म मलंग फिल्म प्रमाणन बोर्ड के नए डिजाइन के प्रमाण पत्र के साथ शुरू होती है, जिसमें अक्षय कुमार और नंदू के सेनेटरी पैड के विज्ञापन के बाद कबीर की दो लाइन स्क्रीन पर आती...