
जनगणना: MP में अनुमान से 1.87 लाख ज्यादा मकान,
इंदौर-भोपाल टॉप पर, उज्जैन ने ग्वालियर को पीछे छोड़ा
-सर्वेंट क्वार्टर, कॉलोनियों, बहुमंजिला इमारतों में दिक्कत, शौचालय, कार छुपा रहे लोग
भोपाल
मध्यप्रदेश में जनगणना के तहत मकानों की गणना करने के लिए अब मात्र छह दिन बाकी है। जनगणना निदेशालाय ने अनुमान लगाया था कि मध्यप्रदेश में कुल 2 करोड़ 36 लाख 74 हजार 168 मकान है लेकिन अब तक हुई गणना में ही प्रदेश में दो करोड़ 38 लाख 74 हजार 168 मकान मिले है। याने अनुमान से एक लाख 87 हजार 795 मकान ज्यादा मिले है।
आबादी के हिसाब से मकानों के मामले में अभी भी इंदौर पूरे प्रदेश में टॉप पर है। भोपाल दूसरे और जबलपुर तीसरे स्थान पर है। उज्जैन चौथे और ग्वालियर इस मामले में पांचवे स्थान पर है। जनगणना में मकानों की गणना में अब तक हुई गणना के बाद 100.79 प्रतिशत मकानों की गिनती हो गई है जबकि अभी भी तीस जिले, नगर निगमों में शत प्रतिशत गणना होंना बाकी है।
जनगणना निदेशालय मध्यप्रदेश ने पूरे प्रदेश में 1 लाख 37 हजार 244 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक बनाकर इनमें एक लाख 24 हजार 489 प्रगणकों को मकानों की मैपिंग और मकान सूचीकरण के लिए लगाया है। एक मई से शुरु हुए इस काम को तीस मई तक पूरा किया जाना है। इसके पहले सोलह अप्रैल से तीस अप्रैल तक आमजन को स्वगणना का विकल्प दिया गया था। तीस मई को मकानों के सूचीकरण के काम के कार्य का पहले चरण का फील्ड वर्क पूरा हो जाएगा। मकानों में रहने वाले लोगो की गणना का काम दूसरे चरण में फरवरी से शुरु होगा। इसके बाद जातिगत गणना का काम भी शुरु होगा।
प्रदेश में तीन हाउस लिस्टिंग ब्लॉक में काम ही शुरु नहीं-
मध्यप्रदेश में तीन हाउस लिस्टिंग ब्लॉक ऐसे भी है जहां अभी तक काम ही शुरु नहीं हुआ है। प्रदेश के 52 जिले और नगर निगमों में मकानों के सूचीकरण का काम सौ प्रतिशत से अधिक हो चुका है। निदेशालय धीरे-धीरे यहां भी काम शुरु करेगा। कई जगह एक प्रगणक को एक से अधिक हाउस लिस्टिंग ब्लॉक की जिम्मेदारी भी दी गई है।
अनुमान से ज्यादा मकानों के मामले में इंदौर सबसे उपर-जनगणना निदेशालय ने पिछली जनगणना से दस से पंद्रह प्रतिशत बढ़ाकर मकान होंने का अनुमान निकाला था लेकिन इस अनुमान से सभी जगह ज्यादा मकान मिल रहे है। इंदौर इस मामले में सबसे उपर है। यहा 2068 मकान सूचीकरण ब्लॉक बनाए गए थे। इनमें 4 लाख 16 हजार 587 मकान मिलने का अनुमान था जबकि गणना के दौरान यहां 4 लाख 29 हजार 833 मकान मिले याने कुल अनुमान से 103.18 प्रतिशत वास्तव में मिले है। सिंगरौली में 103.63 सिवनी मेें 102.95 निवाड़ी में 102.74 और गुना में 102.49 प्रतिशत मकान मिले है। सौ प्रतिशत से ज्यादा मकान जहां मिले है ऐसे जिले और निकायों की संख्या 52 है।
सरकारी मकानों के सर्वेन्ट क्वार्टर, शौचालय नहीं बता रहे लोग, बड़ी कॉलोनी में दिक्कत-
प्रदेश के सरकारी मकानों में रहने वाले नौकरों और किराए पर दिए गए मकानों की जानकारी लोग नहीं दे रहे है। बड़ी कॉलोनी, बहुमंजिला इमारतों में तैनात गार्ड जनगणना कर रहे प्रगणकों को अंदर जाने से रोक रहे है। अंदर जाने से पहले कॉलोनी में रहने वाले लोगों से बात कराने पर ही प्रवेश दिया जा रहा है। लोग अपने शौचालय कम बता रहे है ताकि सरकार से और लिए जा सकें। वहीं लोग अपनी कारें छुपा रहे है। बता रहे है हमारी नहीं किसी और की खड़ी है। लोगों को डर है कि अधिक सम्पन्नता बताई तो कहीं सरकारी योजनाओं से बाहर न हो जाएं। वहीं जहा पति-पत्नी दोनो काम कर रहे है वहां प्रगणक पहुंचने पर ताला लगा मिल हा है। पड़ौसियों से ली जानकारी के आधार पर गिनती पूरी की जा रही है। वास्तविक मकान मालिक से मुलाकात ही नहीं हो पाती।
कहां कितने मकान
जिला-नगर निगम- मकानों की संख्या
इंदौर-1238707
भोपाल-892237
जबलपुर-78033
ग्वालियर-615214
उज्जैन-657172





