Chhattisgarh Liquor Scam: 2000 करोड़ के शराब घोटाला मामले में रिटायर्ड IAS अनिल टुटेजा और बेटा गिरफ्तार!

जानिए, सुप्रीम कोर्ट के केस खारिज किए जाने के बाद फिर क्यों गिरफ्तार किया!

325

Chhattisgarh Liquor Scam: 2000 करोड़ के शराब घोटाला मामले में रिटायर्ड IAS अनिल टुटेजा और बेटा गिरफ्तार!

Raipur : बहुचर्चित छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को रिटायर्ड IAS अधिकारी अनिल टुटेजा और उनके बेटे यश टुटेजा को गिरफ्तार कर लिया। करीब 2000 करोड़ से ज्यादा के इस शराब घोटाले में ED ने 8 अप्रैल को चार्जशीट दायर की थी। पिता-पुत्र को ईडी ने तब गिरफ्तार किया, जब वे ईओडब्ल्यू के दफ्तर से 5 घंटे की पूछताछ के बाद निकल रहे थे।

जानकारी के मुताबिक, प्रोसीड ऑफ क्राइम के साबित न होने पर कोर्ट ने मामले को निरस्त कर दिया था। इसके बाद शनिवार को ED ने रिटायर्ड IAS अधिकारी अनिल टुटेजा व अन्य के खिलाफ नई ECIR दर्ज की और टुटेजा को गिरफ्तारी कर लिया। अनिल टुटेजा पर आरोप है कि उन्होंने शराब कारोबारियों और राजनेताओं के साथ मिलकर इस घोटाले को अंजाम दिया था।

शनिवार को पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा और उनके बेटे यश टुटेजा बयान देने ईओडब्ल्यू दफ्तर पहुंचे। उन्हें इससे पहले तीन बार पूछताछ के लिए समंस दिया गया था। सुबह बयान देने पिता-पुत्र ईओडब्ल्यू मुख्यालय पहुंचे। जहां एडिशनल एसपी की टीम ने टुटेजा से पूछताछ की। पांच घंटे की पूछताछ के बाद जैसे ही वे बाहर निकले तो ईडी की टीम ने हिरासत में ले लिया।

बाहर खड़ी थी ईडी की टीम

ईओडब्ल्यू के कार्यालय में जब अनिल टुटेजा और उनके बेटे यश टुटेजा से पूछताछ चल रही थी, तब ईडी की 6 सदस्यीय टीम दफ्तर के बाहर खड़ी थी। पिता-पुत्र जैसे ही दफ्तर से बाहर निकले दोनों को ईडी की टीम ने अपने वाहन में बिठा लिया और ले गई। ईडी ने दोनों को हिरासत में लिया गया।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नई एफआईआर

शराब घोटाले में अनिल टुटेजा और उनके बेटे यश टुटेजा की भूमिका को सुप्रीम कोर्ट खारिज कर चुकी है। दोनों के खिलाफ नो कोरोसिव एक्शन का भी आदेश है। मगर सुप्रीम कोर्ट द्वारा केस खारिज करने के बाद ईडी ने फिर से शराब घोटाले में एफआईआर दर्ज की। उधर, ईडी के प्रतिवेदन के आधार पर छत्तीसगढ़ की ईओडब्ल्यू ने भी केस दर्ज किया। इस मामले में अब तक 3 बड़ी गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।

अब तक तीन की गिरफ्तारी

शराब घोटाला मामले में कारोबारी अनवर ढेबर और अरविंद सिंह की रिमांड खत्म होने पर उन्हें जेल भेज दिया गया है। वहीं बिहार से गिरफ्तार किए गए एपी त्रिपाठी ईओडब्ल्यू की रिमांड पर हैं। उन्हें 25 तारीख तक की रिमांड में भेजा गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।