
अब मंत्रियों के परफारमेंस की CM डॉ यादव करेंगे समीक्षा, 8 मई से 4 दिन चलेगी क्लास
भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की सरकार के ढाई वर्ष पूरे होंने जा रहे है। मुख्यमंत्री आठ से दस मई के बीच चार दिन मंत्रियों के परफारमेंस, कामकाज की समीक्षा करेंगे। विभाग में किए गए कामकाज से लेकर प्रभार वाले जिले की उपलब्धियां और नवाचार से लेकर आगे की कार्ययोजना तक पर बात होगी।
मुख्यमंत्री ने कैबिनेट बैठक के पहले मंत्रियो को इस समीक्षा के संकेत दिए है। मंत्रियों से कहा गया है कि उनके विभागों के अधीन आने वाले निगम मंडल और प्राधिकरणों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्य बनाए गए है मंत्री अपने-अपने विभागों के अंतर्गत आने वाले इन अशासकीय व्यक्तियों का मार्गदर्शन करें और वे वहां ज्यादा बेहतर काम कर सके इसके लिए उनका मार्ग प्रशस्त करें। राज्य स्तरी पर भी इनसभी का एक दिवसीय उन्मुखीकरण आयोजन किया जाएगा।
सीएम ने सभी मंत्रियों को जिला विकास समितियों की बैठक बारह मई के पहले प्रभार के जिलों में अनिवार्य रुप से करने को कहा है ताकि जिले में बेहतर कामकाज हो सके और समस्याओं का निराकरण किया जा सके।
मुख्यमंत्री भोपाल में मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा करेंगे। किस विभाग में नीतियों, योजनाओं के क्रियान्वयन में क्या दिक्कत आ रही है। कौन से मंत्री विभागों में बेहतर काम कर रहे है। कहां क्या नवाचार किए गए है। किन मंत्रियों के अपने अधीनस्थों से कैसा तालमेल है इस पर बात की जाएगी। विभागों में आगे मंत्रियों की क्या कार्ययोजना है और इसमें क्या चुनौतियां है इस पर भी सीएम मंत्रियों से बात करेंगे। जिन मंत्रियों का पुअर परफारमेंस है उन्हें कामकाज सुधारने के लिए भी सचेत किया जाएगा। मंत्रियों से उनके पसंदीदा अफसरों के बारे में भी जानकारी ली जाएगी। जिस अधिकारी के साथ काम करने में उन्हें दिक्कत आ रही है उस पर भी मंथन होगा और इसके बाद विभागों में अफसरों के फे रबदल भी किए जाएंगे।
*इन बिन्दुओं पर होगी कामकाज की समीक्षा*
-भोपाल में कितने दिन रहे और मंत्रालय में कितना बैठै
-विभागीय कामकाज में मंत्री का कितना इनवाल्वमेंट रहा,
<span;><span;>- विभाग में सरकार की प्राथमिकता वाले कामों को कितनी तव्वज्जो दी।
-प्रभार वाले जिलों में कितनी बार गए और वहां रात्रि विश्राम किया या नहीं
<span;><span;>- विभागीय अधिकारियों से कैसा तालमेल रहा
-भाजपा घोषणा पत्र में विभागीय कामकाज को समय पर पूरा किया या नहीं?





