शोले के 'सूरमा भोपाली' को कोई कैसे भूलेगा!

शोले के 'सूरमा भोपाली' को कोई कैसे भूलेगा!

मीडियावाला.इन।

इस साल फिल्म इंडस्ट्री से अच्छी ख़बरें नहीं मिल रही! एक तरफ कोरोना के कारण पूरी इंडस्ट्री बंद है, दूसरी तरफ दुखद ख़बरों का सिलसिला जारी है। बीते तीन महीने में पांच बड़ी फ़िल्मी हस्तियों ने दर्शकों को अलविदा कह दिया। अप्रैल महीने में इरफान खान और ऋषि कपूर, इसके बाद जून के महीने में सुशांतसिंह राजपूत ने आत्महत्या कर ली। इसी महीने पहले सरोज खान का निधन हो गया था और अब जाने-माने कॉमेडियन जगदीप हमसे विदा हो गए! जगदीप हिंदी फिल्मों के लोकप्रिय कॉमेडियन थे। बुधवार को मुंबई में उनका निधन हो गया। वे 81 साल के थे और लम्बे समय से बीमार चल रहे थे। जगदीप उनका फ़िल्मी नाम था। उनका वास्तविक नाम तो सैयद इश्तियाक जाफरी था और उनका जन्म मध्यप्रदेश के दतिया में हुआ था। फिल्म 'हम पंछी एक डाल के' में उनके काम को लोगों ने काफी सराहा था और देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने भी जगदीप के अभिनय की तारीफ की थी।   
  अपने फ़िल्मी करियर में जगदीप ने कितनी फिल्मों में काम किया, इसका आंकड़ा खुद जगदीप को भी शायद नहीं पता था। उन्होंने परदे पर कई तरह के किरदार निभाए। लेकिन, उन्हें असल पहचान कॉमेडी से ही मिली। उनका सबसे ज्यादा चर्चित किरदार फिल्म 'शोले' का सूरमा भोपाली वाला रहा! फ़िल्म में उनका काम तो 10 से 12 मिनट का ही था, लेकिन अपनी अदाकारी से उन्होंने इसे जीवंत किया था। फ़िल्मी दुनिया में ऐसे गिने चुने कलाकार ही हैं, जो अपने किरदार के रूप में जनता में पहचान बनाने में कामयाब हुए हैं। वो भी ऐसे कि असल जिंदगी में भी दर्शक उन्हें उसी किरदार के रूप में जानने लगते है। ऐसे ही उंगलियों पर गिने जाने वाले कलाकारों में सूरमा भोपाली यानी जगदीप भी थे। याद किया जाए 'तो 'शोले' के जिन दो कलाकारों को दर्शक आज भी उनके किरदारों के रूप में पहचानते हैं, उसमें एक थे गब्बर सिंह और दूसरे सूरमा भोपाली! जगदीप 2012 में फिल्म 'गली गली चोर है' में आखिरी बार दिखाई दिए थे। 
   जगदीप का जन्म 29 मार्च, 1939 को हुआ था। अपने 6 दशक के फिल्म करियर की शुरुआत उन्होंने 1951 में बीआर चोपड़ा की फिल्म 'अफसाना' में बाल कलाकार से की थी। 1953 में आई 'फुटपाथ' में पहली बार उन्हें 'जगदीप' नाम मिला। लेकिन, बतौर कॉमेडियन उन्होंने 'दो बीघा ज़मीन' में पहली बार काम किया। 1972 में आई फिल्म 'अपना देश' से उन्हें दर्शकों ने ठीक से पहचाना। फिर 'शोले' और 'अंदाज़ अपना-अपना' जगदीप की यादगार फ़िल्में रही। अब दिल्ली दूर नहीं, मुन्ना, आर-पार और 'हम पंछी एक डाल के' में भी वे नज़र आए। जगदीप ने क़रीब 400 फिल्मों में काम किया!
   उन्होंने रामसे ब्रदर्स की फिल्म 'पुराना मंदिर' में मच्छर के किरदार में दर्शकों का जबरदस्त मनोरंजन किया था! 'अंदाज अपना अपना' में सलमान खान के पिता बांकेलाल का किरदार आज भी दर्शक भूले नहीं हैं। फिरोज खान की फिल्म 'कुर्बानी' और अमिताभ बच्चन की 'शहंशाह' जैसी फिल्मों में भी वे  अदाकारी दिखा चुके हैं। उन्होंने एक फिल्म का निर्देशन भी किया, जिसका नाम ही 'सूरमा भोपाली' था। इस फिल्म का लीड किरदार भी उन्होंने खुद ही निभाया था। बेहतरीन डांसर और एक्टर जावेद जाफरी और टीवी प्रोड्यूसर नावेद जाफरी दोनों जगदीप के बेटे हैं।
बॉलीवुड दुखी
   जगदीप ने निधन पर अजय देवगन ने ट्वीट कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने लिखा 'जगदीप साहब के निधन के बारे में जानकर बहुत दुख हुआ। उन्हें स्क्रीन पर देखते हुए मैंने हमेशा एन्जॉय किया। वह ऑडियंस के लिए हमेशा खुशी लेकर आते थे। मेरी संवेदना जावेद और उनके परिवार के साथ है। जगदीप साहब की आत्मा के लिए प्रार्थना करें।' इसके अलावा डायरेक्टर हंसल मेहता ने भी जगदीप को श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने लोगों से अपील है कि वे जगदीप की फिल्म मुस्कुराहट देखें। इसमें उनके परफॉर्मेंस का कोई सानी नहीं है। फिल्म डायरेक्टर मधुर भंडारकर ने ट्वीट किया कि 'हमारा सात दशकों तक मनोरंजन करने के बाद जगदीप साहब का निधन हो गया! काफी दुखद है! मेरी संवेदनाएं जावेद, नावेद और पूरे जाफरी परिवार के साथ है। अभिनेता अनुपम खेर ने भी उन्हें याद करते हुए श्रद्धंजलि अर्पित की। 

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