कोरोना के क़हर का कोहराम

कोरोना के क़हर का कोहराम

मीडियावाला.इन।

कोरोना के आज क़रीब 415 reported केसेज़ हैं जो कल तक शायद 500 भी हो सकते हैं। स्थिती भयावह है ।दूसरी बीमारियों याआत्महत्या या ऐक्सिडेंट्स से इसे  तुलना नहीं कर सकते क्यूँकि वो सब या तो ठीक हो सकती हैं या रोकी जा सकती हैं या फिर फैलाव संख्यात्मक है गुणात्मक नहीं पर नोवेल कोरोना वाइरस तो तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है.

इन बीमारियों से निपटने की तीन मार्ग हैं. एक तो चाइना, नोर्थ कोरीआ , रशिया, हॉंगकॉंग, सिंगापुर, Israel और जर्मनी का है, जहां सरकार ने त्वरित और कड़ी कार्यवाही की तथा लोगों ने स्वानुशाशन का उधाहरण पेश किया. दूसरा रास्ता इटली, US, UK का जहां लोगों ने इसे casually लिया और सरकार ने वक्त रहते सख़्त कदम नहीं उठाए तथा इसे लोगों के स्वविवेक पर छोड़ दिया. तीसरा रास्ता ईरान का है जो समय रहते इसकी भयावहता को नहीं समझ पाया. अब ये हमारे ऊपर है कि हम किस रास्ते को चुनना  चाहते हैं. भारत के पास शुक्र है कि ये precedents हैं जिनसे हम सबक़ ले सकते है और एक और चीज़ जो प्लस है हमारे पास वो है response time इस आपदा को काउंटर करने का। समय रहते ये स्टेप्स इसलिए भी ज़रूरी हैं क्यूँकि यहाँ जनसंख्या घनत्व बहुत ज़्यादा है और कई कई इलाक़ों में २,८०,०००/sqkm  जैसे मुंबई का धारावी इलाक़ा. ऐसे  इलाक़ों में यदि Covid19 फैल गया तो फिर ईश्वर ही मालिक है. इस बीमारी का कोई इलाज नहीं social distancing के अलावा, क्यूँकि यदि ये स्टेज ३ मैं पहुँचा तो स्टेज ४ और स्टेज ५ में जान लेकर ही ख़त्म होगा। यदि रोक सकते हैं तो स्टेज २ पर ही रोकना पड़ेगा. वाइरस फैलने के ग्राफ़ को नीचे से नीचे रखने की कोशिश करें हम सब और किसी भी तरह उसे ऊपर ना बढ़ने दें.

कुछ सुझाव जो गुजरते वक़्त के साथ ज़रूरी होते जा रहे है 

1) राजनीतिक और सामाजिक उपाय:

a) केंद्र, राज्य और केंद्र शासित राज्यों को मतभेद भुला कर एक धरातल पर आ कर एक ही दिशा में काम करना होगा.

b) Disaster Management Act 2005 के section 13 (relief in repayment of loans) और section 30 (power and functions of District Authority) को अमल में कड़ाई से लाना चाहिए .

c) सभी धर्म के नेताओं और उपदेशकों को कोरोना के issue पर sensitise करना होगा ताकि वो जनता को समझा सकें और जागरूक कर सकें। भारतीय समाज में ये भी बहुत ज़रूरी हो जाता है. 

d) बूथ स्तर पर स्वयंसेवक तैयार करना. Ngo इसमें मदद कर सकते हैं. इससे लोगों का घर पर ही उनके बुलावे पर उचित दामों में रोज़मर्रा का सामान उपलब्ध कराया जा सके जिससे कम से कम  लोगों का बाहर निकलना होगा. 

 

2) अर्थव्यवस्था के लिए सुझाव 

a) ये साल tax holiday घोषित किया जाए या फिर income tax file करने की तारीख़ बढ़ायी जाए, GST suspend किया जाए, बिजली और पानी के बिल एक सीमा तक माफ़ किए जाएँ, सम्पत्ति कर माफ़ किया जाय. 

b)  store purchase rules में छूट  हो 

c) worst hit sectors के लिए bail out package घोषित किए जाएँ. 

d) नोट छपाई का प्रतिशत बढ़ाया जाए और सरकारी लोन जो विभिन्न वैश्विक agencies देती हैं उसको भी बढ़ाया जाए. 

e) एक अनुमान के मुताबिक़ बेरोज़गारी दर ९% से बढ़कर २३% तक हो सकती है. इसको ध्यान में रखते हुए individual और कम्पनी की EMI और लोन repayment समय बढ़ाया जाए .

 

3) स्वास्थ्य सुझाव:

a) Disaster Management Act 2005 ke तहत सभी ज़रूरी सामान लाया जाए 

b) डिस्टिलरीज़ और केमिकल industries  को sanitizers बनाने और उचित मूल्यों पर बाँटने को कहा जाए.

c) कपड़ा बनाने वाली industries को masks उपलब्ध कराने की कहा जाए. 

d) Disposable linens, war footing par बनाए जाएँ. 

e) Community centres, schools को quarantine wards में तबदील किया जाए अभी के लिए. 

जैसे जैसे समय बीतता जा रहा है, स्थिति गम्भीर होती जा रही है. कई conspiracy theories circulate हो रहीं है वाइरस की उत्पत्ति के विषय में जिन पर ध्यान ना देकर बचाव को हो महत्व दें क्यूँकि ‘सावधानी में ही सुरक्षा है’. 

अंग्रेज़ी कहावत है, ‘ Desparate times need Desparate actions’ और ये Desparate times ही तो है. 

जय विश्व! जय भारत!

RB

 

 

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अजातशत्रु श्रीवास्तव

भोपाल एवं होशंगाबाद संभाग के पूर्व संभागायुक्त अजातशत्रु श्रीवास्तव 1981 में राज्य प्रशासनिक सेवा से भर्ती हुए और 1996 में उन्हें आईएएस अवार्ड मिला। पुरातत्व ,संस्कृति जैसे महत्वपूर्ण विभागों में पदस्थ रहे है ,सेवा निवृति पशचात वे  मुख्यमंत्री सचिवालय में ओएसडी भी रहे है.कला और संस्कृति में विशेषज्ञता रखनेवाले प्रशासकों में उनकी गिनती होती रही है .उनकी साहित्य और पत्रकारिता में विशेष रूचि है .