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Contractor Caught in Fake Bill Scam : फर्जी बिल मामले में इनामी ठेकेदार सिद्दिक को पकड़ा, 2 फरार ठेकेदारों की तलाश!

आज अभय राठौर का रिमांड खत्म, कोर्ट में पेश कर पुलिस फिर रिमांड मांगेगी!

Contractor Caught in Fake Bill Scam : फर्जी बिल मामले में इनामी ठेकेदार सिद्दिक को पकड़ा, 2 फरार ठेकेदारों की तलाश!

Indore : एमजी रोड पुलिस ने नगर निगम के फर्जी बिल घोटाला मामले में लंबे समय से फरार चल रहे ठेकेदार मोहम्मद सिद्दिक को भंवरकुआ क्षेत्र से मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। उसकी गिरफ्तारी पर 5 हजार रुपए का इनाम रखा गया था। वह बाहर जाने के लिए बस का इंतजार कर रहा था, तभी पुलिस ने उसे दबोच लिया। इसके साथ ही दो अन्य फरार ठेकेदार इमरान (फर्म क्रिस्टल इंटरप्राइजेस) निवासी जूनी कसेरा बाखल और मौसम व्यास (फर्म ईश्वर इंटरप्राइजेस) की सरगर्मी से तलाश की जा रही है। दोनों ठेकेदारों ने बगैर काम किए फर्जी बिल लगाकर करीब साढ़े चार करोड़ रुपए हासिल कर लिए थे।

मामले के मास्टर माइंड निलंबित कार्यपालन यंत्री अभय राठौर से पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है। अभय 15 मई तक रिमांड पर है। आज 15 मई को उसे कोर्ट में पेश कर घोटाले से संबंधित अन्य मामले में पूछताछ के लिए पुलिस दोबारा रिमांड मांगेगी। जोन 3 के पुलिस आयुक्त पंकज पांडे ने बताया कि पूर्व में पकड़े गए सभी आरोपियों, जिसमें ठेकेदार, निगम कर्मचारी शामिल है, को जेल भेज दिया गया है। अभय राठौर ने पूछताछ में ड्रेनेज विभाग के कार्यपालन यंत्री सुनील गुप्ता सहित कई अधिकारियों, कर्मचारियों पर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों की जांच के लिए अलग से टीम गठित की गई है। टीम जांच के बाद नए आरोपियों पर कार्रवाई करेगी। मास्टर माइंड आरोपी के कुछ दिन पहले पुलिस ने उत्तरप्रदेश के एटा से पकड़ा था। आरोपी यहां अपने रिश्तेदार के यहां फरारी काट रहा था।

सुनील गुप्ता से भी पूछताछ होगी

अभय राठौर ने कार्यपालन यंत्री सुनील गुप्ता सहित जिन अधिकारियों, कर्मचारियों की सूची पुलिस को सौंपी है। उन सभी को जल्द ही थाने बुलाया जाएगा। थाने में अलग-अलग पूछताछ होगी। इसके बाद तय होगा कि अभय राठौर ने जिन पर आरोप लगाए हैं, वे सही है या गलत। आरोप साबित होने पर गिरफ्तारी भी की जाएगी। उधर, जिनके नाम सामने आए हैं, वे खुद को पुलिस से बचने की जुगत में लग गए हैं।

वसूली के लिए संपत्ति की जांच

पुलिस के मुताबिक फर्जी तरीके से हथियाए पैसों को खुर्दबुर्द कर दिया गया है। चल अचल संपत्तियां क्रय की गई। जिस दिन से ठेकेदारों ने फर्जी बिल लगाकर लेखा विभाग से राशि आहरित की, उसके बाद से ठेकेदारों ने जो संपत्तियां खरीदी है, उनकी जांच के बाद उन्हें जब्त किया जाएगा। बैंक खातों में तीन साल में हुए सारे ट्रांजेक्शनों की इंट्री भी मांगी गई है। आरोपियों के परिवार के सदस्यों के बैंक खाते, संपत्ति की जानकारी भी जुटाई जाएगी।

नई एफआईआर का आवेदन तैयार

सस्पैंड किए गए कार्यपालन यंत्री अभय राठौर पर शीघ्र ही एमजी रोड थाने में एक ओर एफआईआर हो सकती है। इसके लिए निगम ने आवेदन तैयार कर लिया है। यह एफआईआर अवैध तरीके से नल कनेक्शन और निगम का पानी बेचकर शासन को चूना लगाने के मामले में होने की संभावना है। नई एफआईआर होने से अभय की मुसीबत ओर बढ़ जाएगी।