Demand For Ban on Import : कनाडा से मसूर दाल आयात पर प्रतिबंध की मांग!

इस फैसले से मसूर दाल की कीमतें बढ़ने का खतरा!

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Demand For Ban on Import : कनाडा से मसूर दाल आयात पर प्रतिबंध की मांग!

बाजार विशेषज्ञ बसंत पाल की रिपोर्ट 

 

Indore : भारत और कनाडा के बीच बढ़ते राजनयिक तनाव को ध्यान में रखते हुए चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से एक पत्र के माध्यम से कनाडा से मसूर आयात को तत्काल बंद करने की मांग की है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इससे मसूर दाल की कीमत बढ़ सकती है।

सीटीआई के अध्यक्ष, बृजेश गोयल ने कनाडा के खालिस्तानी आतंकवादियों का केंद्र बनने पर चिंता व्यक्त की, जहां खुलेआम भारत विरोधी प्रदर्शन किए जा रहे हैं। उन्होंने भारत के खिलाफ निराधार आरोप लगाने के लिए कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की भी आलोचना की। इसके अलावा, गोयल ने भारत को इन उकसावों का आर्थिक रूप से जवाब देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

भारत मसूर दाल का दुनिया का सबसे बड़ा उपभोक्ताओं में से एक है, जिसकी सालाना खपत लगभग 23 लाख टन है। घरेलू उत्पादन लगभग 15-16 लाख टन होने के बावजूद, देश अपनी मांग को पूरा करने के लिए आयात पर बहुत अधिक निर्भर करता है। विशेष रूप से, वित्तीय वर्ष 2022-23 में, भारत ने कनाडा से 4 लाख 85,000 टन दाल का आयात किया, जो 37 मिलियन डॉलर मूल्य के बराबर है।

बृजेश गोयल ने सुझाव दिया कि भारत सरकार को मसूर आयात के लिए अपने स्रोतों पर विचार करना चाहिए। उन्होंने यह भी सुझाया कि संयुक्त राज्य अमेरिका, जहां वर्तमान में 30 प्रतिशत शुल्क लागू है, वहाँ से दाल पर आयात करने से शुल्क में कमी का लाभ मिलेगा। गोयल ने रूस, सिंगापुर और तुर्की जैसे देशों से मसूर आयात बढ़ाने की संभावना पर भी प्रकाश डाला।

बढ़ सकती है मसूर की क़ीमत

कनाडा से मसूर आयात पर रोक लगाने से में मसूर और दाल की कीमत भारत में बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। मसूर दाल व्यापार से जुड़े सूत्रों का कहना है कि वर्तमान में भारत में मसूर दाल की कीमत 80 से 100 रुपए प्रति किलो है, आयात प्रतिबंधित किये जाने के बाद इसकी कीमत बढ़ सकती है।सरकार पहले ही उपभोक्ता बाज़ार में खुदरा वस्तुओं की बढ़ती कीमतों से परेशान है।