कंचन बाई के परिवार को नौकरी और आर्थिक सुरक्षा की मांग: पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

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कंचन बाई के परिवार को नौकरी और आर्थिक सुरक्षा की मांग: पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

BHOPAL: पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर आंगनवाड़ी में बच्चों की जान बचाते हुए वीरगति को प्राप्त हुई कंचन बाई मेघवाल के परिवार के लिए शासकीय नौकरी सहित समुचित आर्थिक सहायता की मांग की है। उन्होंने इस प्रकरण को असाधारण मानवीय साहस का उदाहरण बताते हुए राज्य सरकार से विशेष संवेदनशील निर्णय लेने का आग्रह किया है।

● आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी की मांग

दिग्विजय सिंह ने अपने पत्र में मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि कंचन बाई मेघवाल के परिवार को मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान कोष से 10 लाख रुपये, संबल योजना के तहत 4 लाख रुपये, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के अंतर्गत 2 लाख रुपये और राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना के तहत 20 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जाए। इसके साथ ही उन्होंने कंचन बाई के पुत्र रवि मेघवाल को प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास देने और उसकी शैक्षणिक योग्यता के अनुरूप शासकीय सेवा में नियुक्ति देने की मांग भी की है।

● बच्चों के लिए ढाल बनी कंचन बाई

पत्र में उल्लेख किया गया है कि नीमच जिले के ग्राम राणापुर, ग्राम पंचायत मड़ावदा में स्थित आंगनवाड़ी केंद्र के पास मधुमक्खियों के छत्ते से अचानक हुए हमले के दौरान कंचन बाई ने असाधारण साहस दिखाया। उन्होंने दरी, तिरपाल और अपनी साड़ी से बच्चों को ढकते हुए बीस से अधिक मासूमों की जान बचाई। इस दौरान मधुमक्खियों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया और गंभीर रूप से घायल होने के बाद अस्पताल ले जाते समय उनकी मृत्यु हो गई।

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एकमात्र सहारा थीं कंचन बाई

दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री को बताया कि कंचन बाई परिवार की एकमात्र कमाऊ सदस्य थीं। उनके पति वर्ष 2022 से पैरालिसिस से पीड़ित हैं और लंबे समय से बिस्तर पर हैं। वे जय माता दी स्व सहायता समूह की अध्यक्ष थीं और आंगनवाड़ी में बच्चों के लिए नियमित रूप से भोजन बनाती थीं। परिवार गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करता है और अब पुत्र रवि मेघवाल पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी आ गई है।

● राजनीतिक और सामाजिक समर्थन

   इस मामले में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने भी सक्रिय भूमिका निभाई है। उन्होंने और दिग्विजय सिंह ने कंचन बाई के पुत्र रवि मेघवाल से फोन पर चर्चा कर परिवार की स्थिति जानी और सहयोग का भरोसा दिलाया।

● सच्ची श्रद्धांजलि

पूर्व मुख्यमंत्री ने पत्र के माध्यम से स्पष्ट किया है कि कंचन बाई मेघवाल को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब राज्य शासन उनके परिवार को आर्थिक सुरक्षा और सम्मानजनक भविष्य प्रदान करे। अब यह निर्णय राज्य सरकार पर है कि वह इस बलिदान को किस तरह सम्मान देती है और समाज को क्या संदेश देती है।