Fake Bill Scam : फर्जी बिल घोटाले में पकड़ाए इंजीनियर अभय राठौर ने कहा ‘मेरे अलावा भी कई घोटालेबाज!’

राठौर ने मामले की FIR कराने वाले अधिकारी सुनील गुप्ता को भी घोटाले में शामिल बताया!

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Fake Bill Scam : फर्जी बिल घोटाले में पकड़ाए इंजीनियर अभय राठौर ने कहा ‘मेरे अलावा भी कई घोटालेबाज!’

Indore : उत्तर प्रदेश के एटा से गिरफ्तार नगर निगम के फर्जी बिल घोटाले में फरार इनामी इंजीनियर अभय राठौर को गिरफ्तार कर इंदौर लाया गया। उसे कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उसे 4 दिन की पुलिस रिमांड पर 15 मई तक पुलिस को सौंपा है। उससे पूछताछ में पुलिस को कई खुलासे होने की उम्मीद है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक अभय राठौर ने एफआईआर दर्ज कराने वाले ड्रेनेज विभाग के प्रभारी सुनील गुप्ता को भी इस घोटाले में शामिल बताया। अभी और भी आरोपियों के नाम सामने आने की उम्मीद है।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी इंजीनियर एटा में अपने रिश्तेदारों के यहां छिपा था। वह इस पूरे घोटाले का मास्टरमाइंड है। उसने पर चार कंपनियों के जरिए करोड़ों रुपए का घोटाला किया है। पुलिस को जानकारी मिली थी कि 25 हजार का इनामी घोटालेबाज बेटे के ससुराल में छुपा है। पुलिस ने सूत्र तलाशे और एटा में एक मकान पर दबिश देकर राठौर को गिरफ्तारी किया। इस दौरान उसके रिश्तेदारों ने वहां दबाव-प्रभाव बनाने की कोशिश भी की।

बताते है कि फरार राठौर को लेकर कोई मजबूत सूत्र नहीं मिल रहे थे। इस पर पुलिस ने उसके एक नजदीकी व्यक्ति से सख्ती से पूछताछ की तो उसके पास से राठौर का एक मोबाइल नंबर मिला। इस नंबर को अभय राठौर बहुत कम उपयोग करता था। इस आधार पर पुलिस ने उसकी लोकेशन निकाली और एटा पहुंची। राठौर के क्षितिज इंटरप्राइजेस, जाह्नवी कंस्ट्रक्शन, किंग कंस्ट्रक्शन, ग्रीन कंस्ट्रक्शन, क्रिस्टल और ईश्वर इंटरप्राइजेस के डायरेक्टरों (ठेकेदारों) से मिलीभगत रही है। इन लोगों ने फर्जी बिल पेश कर नगर निगम को करोड़ों का चूना लगाया।

निगम के खाते से 30 करोड़ रु. का भुगतान 

डीसीपी, जोन-3 पंकज पांडे ने बताया कि अब तक 58 फाइलों की जांच में 60 करोड़ का घपला निगम के अधिकारियों और ठेकेदारों ने किया। इनमें से 30 करोड़ निगम के खाते से भुगतान भी हुआ। कई फाइलों की जांच चल रही है। राठौर का रिमांड लेने के बाद और खुलासे की उम्मीद है।

राठौर सहित 9 आरोपियों को गिरफ्तार

इस मामले में पुलिस अब तक राठौर सहित 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से ठेकेदार मोहम्मद साजिद, रेणु वडेरा, सब इंजीनियर उदय सिसौदिया, कम्प्यूटर ऑपरेटर चेतन भदौरिया और कर्मचारी मुरलीधर जेल में हैं। आरोपी ठेकेदार मोहम्मद सिद्दीकी (ग्रीन कंस्ट्रक्शन इंजीनियर), इमरान खान (क्रिस्टल इंटरप्राइजेस) और मौसम व्यास (ईश्वर इंटरप्राइजेस) फरार हैं और इन पर इनाम घोषित है। तीन आरोपी ठेकेदार मोहम्मद जाकिर, राहुल वडेरा और कैशियर राजकुमार साल्वी का कोर्ट ने दो दिन का रिमांड बढ़ाया है। इनसे घोटाले के सबूत जुटाए जा रहे हैं।