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Fake EOW Officer : फर्जी अधिकारी बनकर अधिकारियों को धमकाकर वसूली करने वाला पकड़ाया 

डराकर खातों में पैसे ट्रांसफर करवाने वाले का बेटा और साथी भी सहयोगी 

Bhopal : EOW भोपाल ने कोटरा सुल्तानाबाद से रीवा निवासी संजय मिश्रा, उसके बेटे आकृति मिश्रा और रघुराजा गर्ग को हिरासत में लिया है। संजय मिश्रा ने अपने साथियों के साथ में कई जिला पंचायत जल संसाधन विभाग, पीएचई, पीडब्ल्यूडी सहित कई विभाग के अधिकारियों को EOW के छापे का भय दिखाकर लाखों रुपए अपने खातों में ट्रांसफर करवाए हैं। उसके ऊपर पूर्व में से रीवा में कई अपराध दर्ज हैं।

EOW के अधिकारियों ने दावा किया कि संजय मिश्रा आदतन अपराधी है। जिसके विरुद्ध पूर्व में लोकायुक्त संगठन रीवा द्वारा शासकीय लोक सेवकों से वसूली की शिकायत प्राप्त होने पर सिविल लाइन थाने में वर्ष 2019 में अपराध कायम कराया था। उपरोक्त प्रकरण न्यायालय रीवा में विचाराधीन है। आरोपी संजय मिश्रा EOW के प्रकरण में तभी से फरार था।

आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) इकाई रीवा का सीनियर इंस्पेक्टर बनकर अधिकारियों को धमकी देकर रुपए ऐंठने वाले इस आरोपी के खिलाफ 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। EOW के मुताबिक, लोकायुक्त और EOW के नाम पर आरोपी अधिकारियों को धमकाता था। फिर झांसे में लेकर पैसे वसूलता। कई अधिकारियों ने इस मामले की शिकायत आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ कार्यालय को दी थी। शिकायत की गोपनीय जांच कराई तो उसे सही पाया गया। साथ ही आरोपी के संबंधित खाते की जांच में कई प्रकार के फर्जी ट्रांजेक्शन मिले है।

ऐसे में EOW रीवा ने सिविल लाइन थाने अपराध दर्ज कराया। लेकिन, फरार आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई। दूसरी तरफ शातिर बदमाश लोगों से वसूली का सिलसिला जारी रखा। अंतत: महानिदेशक EOW मुख्यालय भोपाल द्वारा आरोपी की गिरफ्तार के लिए 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था।

रीवा EOW एसपी वीरेन्द्र जैन ने बताया कि संजय मिश्रा पुत्र रामलोचन मिश्रा, निवासी अकौरी थाना जवा हाल-तिलक नगर थाना के खिलाफ फर्जी EOW का अधिकारी बनकर वसूली करता था। इसकी जांच आशीष मिश्रा उप निरीक्षक आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ रीवा द्वारा की गई है। विवेचना में पता चला कि संजय मिश्रा रीवा, जबलपुर और भोपाल क्षेत्र में कार्यरत शासकीय सेवकों को मोबाइल फोन के माध्यम से धमकी देता था।

फिर वसूली का पैसा यूनियन बैंक आफ इंडिया शाखा रीवा में ट्रांसफर करा लेता था। EOW के पास आई कई शिकायतों से रीवा से लेकर भोपाल के अधिकारी हरकत में आ गए। ऐसे में तुरंत आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ इकाई रीवा ने सिविल लाइन थाने में प्रकरण दर्ज कराया। वर्षों से फरार आरोपी के खिलाफ अब 10 रुपए का इनाम घोषित कर गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे थे।

तीन विभाग के अधिकारियों की शिकायत

फर्जी EOW अफसर संजय मिश्रा ने सिंचाई विभाग, वन विभाग और लोक निर्माण विभाग के बड़े अधिकारियों को धौंस देता था। कहता था कि अगर कार्रवाई से बचना है, तो तुरंत रुपए अकाउंट में भेजो। लोगों ने कार्रवाई के डर से 10 हजार से लेकर 25 हजार तक ट्रांसफर किए। अंतत: EOW एसपी से शिकायत की, तो पता चला कि अधिकारी नकली है।