
फर्जी अतिथि शिक्षक नियुक्ति कांड: दो प्राचार्य निलंबित
छतरपुर: जिले के शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चंद्रनगर में फर्जी अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति और मानदेय भुगतान के मामले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई हुई है।
सागर संभाग के कमिश्नर अनिल सुचारी ने तत्कालीन प्रभारी प्राचार्य प्रकाशचंद्र खरे और प्रभारी प्राचार्य एवं तत्कालीन संकुल प्राचार्य राजकुमार रेंजा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
कलेक्टर छतरपुर से प्राप्त शिकायत और जांच प्रतिवेदन में सामने आया कि दुर्गेश कुमार पाठक और हर्षित सेन की नियुक्ति अतिथि शिक्षक के रूप में नियमों के विपरीत की गई थी। दोनों अभ्यर्थियों के नाम विद्यालय के स्वीकृत पैनल में शामिल नहीं थे, इसके बावजूद उनका चयन कर लिया गया।
जांच में यह भी पाया गया कि दोनों अतिथि शिक्षकों ने विद्यालय में अध्यापन कार्य नहीं किया, फिर भी उनकी उपस्थिति दर्ज कराई गई और शासन की संचित निधि से मानदेय का भुगतान कराया गया। इस पूरे मामले को गंभीर आर्थिक अनियमितता मानते हुए तत्कालीन प्रभारी प्राचार्य प्रकाशचंद्र खरे को जिम्मेदार ठहराया गया है।
वहीं, तत्कालीन संकुल प्राचार्य राजकुमार रेंजा पर भी लापरवाही के आरोप सिद्ध हुए हैं। जांच के अनुसार उनके समक्ष प्रस्तुत की गई उपस्थिति विवरणियों का बिना आवश्यक परीक्षण और सत्यापन के अनुमोदन कर दिया गया, जिसके आधार पर मानदेय भुगतान की प्रक्रिया पूरी हुई।
कलेक्टर के प्रतिवेदन के परीक्षण के बाद दोनों अधिकारियों का आचरण मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के प्रावधानों के विपरीत पाया गया। इसके चलते कमिश्नर ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के तहत कार्रवाई करते हुए दोनों अधिकारियों को निलंबित कर दिया है।





