पिता-पुत्र चला रहे थे शहर के अंदर अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्री, 10 कट्टे और भारी मात्रा में उपकरण बरामद

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पिता-पुत्र चला रहे थे शहर के अंदर अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्री, 10 कट्टे और भारी मात्रा में उपकरण बरामद

भिण्ड से परानिधेश भारद्वाज की रिपोर्ट

भिण्ड जिला पुलिस ने बड़ी कार्यवाही करते हुए शहर के अंदर संचालित की जा रही अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। जिसमें अंतर्राज्यीय गिरोह से जुड़े आरोपी पिता पुत्र को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो आरोपी फरार हैं जिनकी तलाश पुलिस द्वारा की जा रही है। पुलिस ने मौके से 10 अवैध कट्टे, जिंदा कारतूस और हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भारी मात्रा में जब्त किए हैं।

दरअसल भिण्ड पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार वर्मा के अनुसार पुलिस को मुखबिर द्वारा सूचना मिल रही थी कि शहर के लहार रोड स्थित दुर्गा नगर में अवैध हथियारों का निर्माण किया जा रहा है। जिसके बाद पुलिस अधीक्षक ने सीएसपी निरंजन राजपूत के मार्गदर्शन में देहात थाना प्रभारी शिवप्रताप सिंह, बरोही थाना प्रभारी अतुल भदौरिया एवं साइबर सेल प्रभारी सत्यवीर सिंह के नेतृत्व में टीम गठित कर अवैध हथियार फैक्ट्री का पता लगाने के निर्देश दिए। जिसके बाद सक्रिय हुई पुलिस ने लहार रोड स्थित दुर्गा नगर की घनी बस्ती में एक खाली मकान में अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्री पकड़ी।

मौके से दो आरोपियों जो पिता पुत्र हैं, को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से छह तैयार और चार अधबने 315 बोर के कट्टे, दो कारतूस 315 बोर तथा तीन कारतूस 12 बोर बरामद किए गए। साथ ही हथियार बनाने में उपयोग होने वाली मशीनें, ग्राइंडर, भट्टी, पाइप, स्प्रिंग, रेतनी, हथौड़े सहित बड़ी मात्रा में सामान भी जब्त किया गया है।

पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने अवैध हथियार बनाने और बेचने की बात स्वीकार की है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश से कारीगर बुलाकर हथियार तैयार कराए जाते थे। गिरफ्तार दोनों आरोपी पिता-पुत्र के खिलाफ पहले भी अवैध हथियार निर्माण, तस्करी, हत्या के प्रयास, डकैती की योजना तथा गैंगस्टर एक्ट सहित कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। मौके से पिता पुत्र को गिरफ्तार किया गया जबकि दो आरोपी फरार हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी अपने ही मकान में हथियार फैक्ट्री चला रहे थे और पड़ोसियों को भनक न लगे इसके लिए वे तेज आवाज में गाने बजाकर हथियार निर्माण की आवाज को दबाते थे। बतौर एसपी तैयार कट्टों को 15 से 20 हजार रुपये में बेचा जाता था।

इस कार्रवाई में नगर पुलिस अधीक्षक निरंजन राजपूत, थाना प्रभारी देहात निरीक्षक शिवप्रताप राजावत, थाना प्रभारी बरोही अतुल भदौरिया, थाना प्रभारी नयागांव वैभव तोमर सहित साइबर सेल और पुलिस बल के कई अधिकारियों एवं जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।