टेकऑफ से पहले थमी उड़ान: तकनीकी खराबी से दिल्ली-इंदौर एयर इंडिया फ्लाइट रद्द, यात्रियों का हंगामा

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टेकऑफ से पहले थमी उड़ान: तकनीकी खराबी से दिल्ली-इंदौर एयर इंडिया फ्लाइट रद्द, यात्रियों का हंगामा

के के झा की विशेष रिपोर्ट

इंदौर। एयर इंडिया की दिल्ली-इंदौर उड़ान AI-2515 में तकनीकी खराबी के चलते शनिवार को अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। टेकऑफ से ठीक पहले आई खामी के कारण विमान को रनवे से वापस टर्मिनल लाना पड़ा और आखिरकार उड़ान रद्द कर दी गई। इस दौरान यात्रियों को घंटों तक भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और एयरपोर्ट पर जमकर हंगामा हुआ।
दिल्ली से इंदौर आने वाली यह फ्लाइट निर्धारित समय दोपहर 12:10 बजे रवाना होकर 1:45 बजे पहुंचने वाली थी, लेकिन उड़ान से पहले तकनीकी समस्या सामने आने के बाद देरी शुरू हो गई। पहले विमान को रनवे पर रोका गया, फिर सुरक्षा कारणों से वापस टर्मिनल ले जाया गया। लंबे इंतजार और समस्या के समाधान में विफल रहने के बाद एयरलाइन ने फ्लाइट को रद्द करने का निर्णय लिया।
यात्रियों के अनुसार, उन्हें काफी देर तक विमान के भीतर ही बैठाकर रखा गया। इस दौरान एयर कंडीशनिंग सिस्टम बंद होने से अंदर घुटन और गर्मी बढ़ गई। कई यात्रियों ने असहजता की शिकायत की, जबकि कुछ की तबीयत बिगड़ने की भी सूचना सामने आई।
घटना की शुरुआत ही अव्यवस्था से हुई, जब बोर्डिंग से पहले यात्रियों के गेट दो बार बदले गए। इसके बाद विमान में बैठाने के बावजूद उड़ान की स्थिति को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। यात्रियों का आरोप है कि एयरलाइन स्टाफ की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिला, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई।
फ्लाइट रद्द होने की घोषणा होते ही यात्रियों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने एयरपोर्ट पर नारेबाजी करते हुए एयरलाइन प्रबंधन पर लापरवाही और खराब प्रबंधन के आरोप लगाए। कई यात्रियों ने तत्काल रिफंड या वैकल्पिक उड़ान की व्यवस्था की मांग की।घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी यात्रियों ने अपनी नाराजगी जाहिर की। कई लोगों ने उड़ान में लगातार देरी, अनिश्चित समय और जानकारी की कमी को लेकर एयरलाइन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
एयरलाइन ने बयान जारी कर कहा कि देरी और रद्दीकरण परिचालन और तकनीकी कारणों से हुआ। कंपनी के अनुसार, यात्रियों की असुविधा को कम करने के लिए टीम लगातार काम कर रही है और प्रभावित यात्रियों को सहायता प्रदान करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
इस घटना ने एक बार फिर विमानन सेवाओं की विश्वसनीयता और यात्री सुविधाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल कई यात्री रिफंड और वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था का इंतजार कर रहे हैं।