भारतीय राजनीति में 20 वीं सदी नेहरू की थी तो 21 वीं सदी मोदी की है…

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भारतीय राजनीति में 20 वीं सदी नेहरू की थी तो 21 वीं सदी मोदी की है…

कौशल किशोर चतुर्वेदी

10 जून 2026 की तारीख भारतीय राजनीति के इतिहास में दर्ज हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारत के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं। उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का सर्वाधिक लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। जवाहर लाल नेहरू ने 20वीं सदी में यह रिकॉर्ड बनाया था, तो नरेंद्र मोदी ने 21वीं सदी में इसको तोड़ा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर भारत मंडपम में एनडीए नेताओं ने उनका सम्मान किया। बैठक में विकसित भारत के विजन, सुशासन और भविष्य की रणनीति पर चर्चा हुई और झालमुड़ी का स्वाद सब ओर चर्चा का विषय बना। झालमुड़ी पश्चिम बंगाल में भाजपा के लिए लकी फैक्टर बनकर लोकप्रिय हुई थी और ऐसा लगता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी झालमुड़ी और पश्चिम बंगाल को कभी भी नहीं भुला पाएंगे। ऐसे में सर्वाधिक समय के निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में रिकॉर्ड बनने पर झालमुड़ी तो होना ही थी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4,399 दिनों तक पद पर रहकर भारत के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित एनडीए बैठक में सहयोगी दलों के नेताओं ने उनका विशेष सम्मान किया। बैठक में जहां विकसित भारत के विजन पर चर्चा हुई, वहीं नेताओं के बीच आत्मीय माहौल भी देखने को मिला। एनडीए की बैठक में चंद्रबाबू नायडू ने पीएम की तारीफ करते हुए कहा कि ‘मोदी जी, आप इस सदी को लीड कर रहे हैं’। नायडू का यह बयान वास्तव में नरेंद्र मोदी की प्रधानमंत्री के रूप में उपलब्धियों संग पद पर सबसे लंबे समय तक रहने के रिकॉर्ड पर मुहर लगा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने एनडीए कॉन्क्लेव में कहा कि 12 वर्षों में देश कांग्रेस के कुचक्र से मुक्त हुआ है। उन्होंने कांग्रेस पर धीमी विकास दर और घोटालों का आरोप लगाते हुए एनडीए सरकार की नीयत, नीति और निर्णय की सराहना की। वास्तव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उद्देश्य भारत को कांग्रेस मुक्त करना था, लेकिन मोदी सरकार के लाखों प्रयासों के बाद भी भारत कांग्रेस मुक्त तो नहीं हो पाया लेकिन कांग्रेस मुक्त भारत

जैसा ही हो गया है। इसे मोदी युग की सबसे बड़ी उपलब्धि माना जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साझा किया कि चरैवेति-चरैवेति के मंत्र का जाप करते हुए इस राजनीतिक यात्रा में अनेक उतार-चढ़ाव देखते हुए, एक दिन ये पड़ाव भी आएगा, मैंने कभी सोचा नहीं था। निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में निरंतर सबसे लंबी अवधि तक सेवा करने का अवसर, इसे मैं अपना परम सौभाग्य मानता हूं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 के पहले के कई दशक बहुत अस्थिरता और उथल-पुथल से भरे हुए थे। इसका देश को बहुत नुकसान भी उठाना पड़ा लेकिन अब देश की जनता एक स्थिर सरकार का काम भी देख रही है और उसकी निर्णायक क्षमताओं की प्रशंसक भी है। देश को यही एहसास कराया जाता था कि भारत में विकास धीरे-धीरे ही होता है, भारत में तेज विकास संभव ही नहीं है और बड़ी ही चतुराई से धीमी विकास को एक नाम दिया था, ‘हिंदू ग्रोथ रेट’ यानी कार्यशैली कांग्रेस की, दायित्व कांग्रेस का, विफलता कांग्रेस की लेकिन कलंक देश की बड़ी हिंदू आबादी के नाम लगाया गया जबकि असल में इस कुसंस्कृति का नाम होना चाहिए था कांग्रेस ग्रोथ रेट। इस कांग्रेस ग्रोथ रेट में न सुशासन था, न नीति, न नीयत और ना निर्णय। पहली बार अटल जी के नेतृत्व में एनडीए सरकार आई तब जाकर हमें एक झलक दिखी कि विकास में गति कैसे आती है लेकिन दुर्भाग्य से 2004 में देश फिर से अस्थिरता के बवंडर में और कांग्रेस के शिकंजे में फंस गया। विकास तो दूर की बात है, देश को कांग्रेस ने एक के बाद एक हजारों करोड़ों रुपये के घोटालों में घसीट दिया। देश का भाग्य फिर तब बदला जब 2014 में एनडीए की सरकार बनी। देश ने देखा कि जब नीयत, नीति और निर्णय तीनों एक साथ काम करते हैं तो विकास की गति कैसी होती है।

निश्चित तौर से यह माना जा सकता है कि 20 वीं सदी कांग्रेस और पंडित जवाहरलाल नेहरू की थी तो 21 वीं सदी भाजपा और नरेंद्र मोदी की है। नेहरू ने 20 वीं सदी में आजाद हुए विकासशील भारत को दुनिया में अलग पंक्ति में खड़ा किया था तो मोदी ने 21 वीं सदी में विकसित भारत की उम्मीदों को जगाकर श्रेष्ठतम राष्ट्रों की पंक्ति में भारत को खड़ा कर दिया है…।

 

 

लेखक के बारे में –

कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।

वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश‌ संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।