IAS Avi Prasad: UPSC और परिणय के 3-3 अटेम्प्ट की रोचक कथा!

416

IAS Avi Prasad : UPSC और परिणय  के 3- 3 अटेम्प्ट की रोचक कथा!

प्रवीण दुबे 

फ़ोटो के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है.

एमपी कैडर के 2014 बैच के IAS अधिकारी अवि प्रसाद इन दिनों भारी चर्चा में हैं…हालाँकि मैं इनके काम करने के अंदाज़ से (अभी के चर्चित कामों से नहीं) काफ़ी प्रभावित था..रूबरू नहीं मिला लेकिन सोशल मीडिया के ज़रिये संवाद करता था, जब ये कटनी कलेक्टर थे.. बेहद क़ाबिल हैं…सुदर्शन हैं..इस नौकरी से पहले भारतीय राजस्व सेवा में चयनित हुए… उन्हें संतोष नहीं हुआ..दोबारा बैठे UPSC में.. फिर चयनित हुए भारतीय पुलिस सेवा में मगर इस बार भी संतुष्ट नहीं हुए…फिर बैठे परीक्षा में और उसके बाद भारतीय प्रशासनिक सेवा में टॉप की सूची में आए… यानी उनकी संतुष्टि का पैमाना बड़ा ऊँचा है.. एक बार मिले अवसर से उन्हें संतोष नहीं होता और वे बेहतर मुक़ाम पाने के लिए “तीन अटेम्प्ट” करते ही हैं..पेशे में ठीक भी है.
635263216 10240702304680216 8221175316452541728 n
ये ज़िद लेकिन निज़ी जीवन में बेहतर मुक़ाम हासिल करने की ये ज़िद तीसरे अटेम्प्ट में थम जाए तो ही बेहतर… तकरीबन दस साल में तीन शादियाँ और तीनों आईएएस से..इनमें से दो एमपी के दो जिलों में कलेक्टर हैं…जो उनकी नववधु हैं, उनके भी किसी भी वक्त जिले में कलेक्टर बनने के ऑर्डर ज़ारी हो सकते हैं… इस कथा में गैर कानूनी कुछ नहीं है..ये पत्नी से विधिवत तलाक लेकर ही अगली शादी करते हैं..हालाँकि इनकी कहानी में ये राहत इन्दौरी की ग़ज़ल के शेर की तरह नज़र आ ज़रूर रहे होंगे..वो कुछ यूँ है…
तूफ़ानों से आँख मिलाओ,सैलाबों पर वार करो
मल्लाहों का चक्कर छोड़ो, तैर के दरिया पार करो
और इश्क़ यदि ख़ता है तो….
ये ख़ता एक बार नहीं सौ बार करो..
एमपी के चर्चित IAS अवि प्रसाद ने की तीसरी शादी, दो पत्नियां हैं कलेक्टर और तीसरी डिप्टी सेक्रेटरी - MP IAS Avi Prasad Third marriage two wife are DM collectors third is
मगर दाम्पत्य एक ऐसा मसला है, जिसे दंपत्ति के अलावा कोई माई का लाल नहीं समझ सकता कि यदि दाम्पत्य ख़तरे में आया, तो गलती किसकी थी…लिहाज़ा तीन अटेम्प्ट करना इनका शौक है, ज़िद है, जूनून है, बेहतर मुकाम हासिल करने की ललक है या मजबूरी…. दूर बैठा कोई भी व्यक्ति इसका दायित्व निर्धारण कर ही नहीं सकता..यहाँ तक कि कई बार कोर्ट तक नहीं कर पाती.. कोई कह रहा है कि कुछ शादियाँ कैडर परिवर्तन के लिए भी परस्पर समझौते के तहत भी हुई हैं…शादी करने से कैडर बदलने में आसानी हो जाती है..यानी दोनों पक्ष जानते थे कि ये शादी नहीं है, एक पेशेगत समझौता मात्र है.. ऐसे में सिर्फ़ कयास लगाकर अपनी सुविधा अनुसार जनता चटकारे ले सकती है लेकिन असल वज़ह नहीं तलाश सकती..बहरहाल, अभी तो सोशल मीडिया में ये ख़बर भारी सनसनी बनी हुई है…हमारे प्रदेश का मसला है तो हमने भी सिर्फ इसलिए लिख मारा…. #iasnews #aviprasad