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IAS Officers to be Transferred Soon : कर्मचारियों के तबादले बंद, अब आईएएस अफसरों की बारी,कई जिलों के कलेक्टर बदले जाएंगे, मंत्रालय से मैदान तक होंगे बदलाव!

बड़े फेरबदल का संकेत नहीं, लेकिन जिन पदों पर नियुक्तियां बेहद जरूरी हैं, वहां बदलाव जल्द होंगे!

IAS Officers to be Transferred Soo : कर्मचारियों के तबादले बंद, अब आईएएस अफसरों की बारी,कई जिलों के कलेक्टर बदले जाएंगे, मंत्रालय से मैदान तक होंगे बदलाव!

Bhopal : प्रदेश में बुधवार से तबादलों पर बैन लग गया। इसके साथ ही अब आईएएस और आईपीएस के तबादले शुरू होंगे। प्रदेश सरकार जल्द ही प्रशासनिक अमले में फेरबदल करने जा रही है। गृह विभाग द्वारा हाल में किए गए आईपीएस तबादलों के बाद अब आईएएस अधिकारियों के तबादलों की तैयारी अंतिम चरण में है। यह बदलाव मंत्रालय स्तर से लेकर जिलों तक देखने को मिल सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव मुख्य सचिव अनुराग जैन के साथ बैठक कर तबादलों की सूची पर अंतिम दौर की चर्चा कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री बड़े पैमाने पर फेरबदल के मूड में नहीं हैं, लेकिन जिन पदों पर नियुक्तियां बेहद जरूरी हैं, वहां बदलाव जल्द किए जाएंगे। ACS,PS और सचिव स्तर के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के दायित्वों में भी फेरबदल संभव है।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुखवीर सिंह और वरिष्ठ आईएएस संजीव कुमार झा की नई पदस्थापनाओं को लेकर भी निर्णय जल्द लिया जा सकता है। लोक निर्माण विभाग जैसे बड़े और अहम विभाग में अब तक कोई स्थायी प्रमुख नहीं है। अब पूर्णकालिक अधिकारी को नियुक्त किया जा सकता है। इसके अलावा राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की भी नवीन पदस्थापना की जा सकती है। खासकर उन जिलों में जहां प्रशासनिक गति प्रभावित है या कुशल नेतृत्व की आवश्यकता है।

 

*कई जिलों के कलेक्टर बदले जाएंगे*

कर्मचारियों की तबादला अवधि समाप्त होने के बाद केवल मुख्यमंत्री समन्वय के माध्यम से ही तबादले हो सकेंगे। अब आईएएस और आइपीएस अधिकारियों के तबादले किए जाएंगे। इसमें कलेक्टर से लेकर अपर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी शामिल रहेंगे। मुख्यमंत्री सूची को अंतिम रूप देने के लिए एक-दो दिन में मुख्य सचिव अनुराम जैन और पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना के साथ बैठक करेंगे। डिंडौरी सहित अन्य जिलों के कलेक्टर बदले जा सकते हैं। डिंडौरी कलेक्टर नेहा मराव्या को लेकर स्थानीय स्तर पर असंतोष है।

अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों से उनका तालमेल नहीं बन पा रहा है, इस कारण काम भी प्रभावित हो रहा है। कुछ कलेक्टरों को सरकार बड़ी जिम्मेदारी देना चाहती है, इसलिए उन्हें नई पदस्थापना दी जा सकती है। मंत्रालय में भी जिन अधिकारियों के पास अधिक दायित्व हैं, उनसे लेकर दूसरों को दिए जा सकते हैं। लोक निर्माण विभाग में अभी कोई पूर्णकालिक अधिकारी नहीं है।