बस किराया दो रुपए प्रति किलोमीटर नहीं किया तो MP में खड़ी हो जाएगी साढ़े ग्यारह हजार बसें

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बस किराया दो रुपए प्रति किलोमीटर नहीं किया तो MP में खड़ी हो जाएगी साढ़े ग्यारह हजार बसें

भोपाल: मध्यप्रदेश में स्टेट कैरिज की सार्वजनिक यात्री बसों का किराया बढ़ाने छह साल बाद हुई बैठक में जहां परिवहन विभाग पुराने किराये में पच्चीस पैसे प्रति किलोमीटर वृद्धि करने पर सहमत हुआ वहीं बस आपरेटरों ने न्यूनतम दो रुपए प्रति किलोमीटर बस किराया नहीं करने पर प्रदेश की साढ़े ग्यारह हजार बसों को खड़ा कर देने की चेतावनी दी है।

मध्यप्रदेश में यात्री बसों का किराया बढ़ाने अगस्त 2020 में किराया बोर्ड की बैठक् हुई थी। उस समय मध्यप्रदेश के बस आपरेटरों ने किराया डेढ़ रुपए प्रति किलोमीटर प्रति यात्री करने की मांग की थी जिसमें संशोधन करते परिवहन विभाग के किराया बोर्ड ने एक रुपए पच्चीस पैसे प्रति किलोमीटर किराया रखने पर सहमति दी थी। यह किराया वृद्धि अप्रैल 2021 से प्रभावी हुई थी। हाल ही में पेट्रोल-डीजल के दामों में बेतहाशा वृद्धि हुई है। टायर-टयूब, आईल और कर्मचारियों के वेतन और अन्य खर्चे लगातार बढ़ रहे है।

मध्यप्रदेश मोटर आनर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष राकेश फौजदार और महामंत्री जय कुमार जैन की मौजूदगी में परिवहन विभाग के सचिव मनीष सिहं की अध्यक्षता में किराया बोर्ड की बैठक हुई इसमें परिवहन आयुक्त उमेश जोगा भी शामिल थे।

बस आपरेटरों की मांग थी कि प्रति यात्री प्रति किलोमीटर बस किराया दो से ढाई रुपए तक किया जाए। किराया बोर्ड का कहना था कि किराया बढ़ाना जरुरी है लेकिन इतना नहीं बढ़ा सकते कि आम नागरिकों पर बोझ आए। बोर्ड के अफसरों ने कहा कि दो चरणों में किराया बढ़ा सकते है पहले सवा रुपए से बढ़ाकर डेढ़ रुपए और छह माह बाद इसे एक रुपए पैसठ पैसे प्रति यात्री प्रति किलोमीटर किया जा सकता है। वहीं बस आपरेटरों का कहना था कि न्यूनतम दो रुपए प्रति किलोमीटर के हिसाब से किराया किया जाना चाहिए। किराया बोर्ड की ओर से देशभर के विभिन्न राज्यों के किराये का प्रस्तुतिकरण भी बैठक में दिया गया।

मध्यप्रदेश मोटर आनर्स एसोसएशन के उपाध्यक्ष राकेश फौजदार ने बताया कि बैठक में किराया वृद्धि को मूल्य सूचकांक से जोड़ने और हर छह माह में बैठक करने का आश्वासन दिया गया है। फौजदार और मध्यप्रदेश प्राइम रुट बस आनर्स एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद शर्मा का कहना है कि टोल टैक्स हर साल सात प्रतिशत चक्रवृद्धि ब्याज की तरह बढ़ रहा है। आईल, पेट्रोल-डीजल, बीमा खर्च, कर्मचारियों का वेतन और कंटनजेंसी खर्च लगातार बढ़ रहा है। बसें घाटे में चल रही है। बैंको का लोन जमा नहीं कर पा रहे है। कई बसें बंद हो चुकी है। यदि सरकार प्रति यात्री प्रति किलोमीटर दो रुपए किराया नहीं करती तो प्रदेश की 11 हजार 500 बसें खड़ी हो जाएंगी।