नये वाहनों की खरीदी पर रोक, विभाग नहीं दे सकेंगे प्रस्ताव

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नये वाहनों की खरीदी पर रोक, विभाग नहीं दे सकेंगे प्रस्ताव

भोपाल:  अगले माह होंने जा रहे विधानसभा के मानसून सत्र में पेश होंने वाले प्रथम अनुपूरक बजट में सरकारी विभाग नये वाहनों की खरीदी के लिए प्रस्ताव नहीं दे सकेंगे। नई मदों के प्रस्ताव भी अनुपूरक में शामिल नहीं किए जाएंगे। वित्त विभाग ने सभी विभागोे को इस संबंध में निर्देश जारी किए है।

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रथम अनुपूरक बजट के लिए वित्त विभाग ने सभी विभागों से आईएफएमआईएस पर आनलाईन 22 जून तक प्रस्ताव मांगे है। इसमें केवल वे प्रस्ताव ही लिए जाएंगे जिनके लिए राज्य की आकस्मिता निधि से अग्रित स्वीकृत किया गया हो जिसके लिए इस वित्तीय वर्ष में वित्त विभाग ने सहमति दी है।

ऐसे प्रस्ताव भी विभाग दे सकेंगे जिनके लिए भारत सरकार , अन्य एजेंसी से वित्तीय सहायता केन्द्रांश स्वीकृत किया गया हो तथा जो विद्यमान मदों से विमुक्त नहीं किये जा सकते है और जिसके लिए अतिरिक्त संसाधन की व्यवस्था प्रशासकीय विभाग अन्य प्रचलित योजनाओं में उपलब्ध राशि में से कटौती कर बचत से नहीं कर पा रहे है। विशेष पूंजीगत सहायता योजना के तहत जिन विभागो द्वारा भारत सरकार को प्रस्ताव भेजे गए है या भेजे जाने वाले प्रस्ताव के अंतर्गत अलग बजट लाईन खोलने की आवश्यकता हो।

विशेष पूंजीगत सहायता योजना में भारत सरकार द्वारा स्वीकृति प्राप्त कार्यो में यदि अतिरिक्त बजट की आवश्यकता हो तथा अन्य योजनाओं की बचत से पूर्ति की जाना संभव न हो तो ऐसे प्रस्ताव दिए जा सकेंगे। ऐसे नवीन मदों के प्रस्ताव नहीं शामिल किए जाएंगे जिनमें राज्य के वित्तीय संसाधनों से अतिरिक्त मांग की जा रही हो। वाहन क्रय के प्रस्ताव शामिल नहीं किये जाएंगे।

प्रथम अनुपूरक अनुमान वित्तीय वर्ष 26-27 के प्रस्ताव प्रशासकीय विभाग से सक्षम प्रशासकीय अनुमोदन प्राप्त करने के बाद आईएफएमआईएस से आनलाईन वित्त विभाग को 22 जून तक केवल आनलाईन भेजे जाने है।

अनुपूरक अनुमान से संबंधित संक्षेपिका में जानकारी विभाग के सभी बीसीओ के एकजाई प्रस्ताव के साथ अनिवार्य रुप से भेजनी होगी।

जिन मदों के लिए अतिरिक्त केन्द्रीय सहायता प्राप्त होनी है उनकी संक्षेपिका केन्द्रीय सहायता की राशि जो राज्य को ऋण एवं अनुदान के रुप में प्राप्त होगी की जानकारी देते हुए संलग्न करना है। इसी प्रकार कोई व्यय जिसके लिए राशि मांगी जा रही हो उसे यदि स्वीकृत बजट की बचत से लेखों में समायोजित होना है तो उसके संबंध में अनुदान संख्या सहित पूर्ण विवरण देना होगा।