
Khargone News: आखिर नगर पालिका ने अपने ही दरवाजे के सामने का हटाया अतिक्रमण
खरगोन : मध्य प्रदेश के खरगोन में शनिवार की सुबह शहरवासियों के लिए राहतभरी खबर लेकर आई। वर्षों से जाम, अव्यवस्था और गंदगी की पहचान बन चुके नगर पालिका कार्यालय के सामने आखिरकार प्रशासन का बुलडोजर चला और लोगों ने खुली सड़क के साथ साफ होता नाला भी देखा।
खास बात यह रही कि कार्रवाई किसी दूर इलाके में नहीं, बल्कि खुद नगर पालिका के “घर” के सामने हुई, जहां लंबे समय से स्थायी और अस्थायी अतिक्रमण पसरा हुआ था।
सुबह करीब सात बजे श्रीकृष्ण टाकिज तिराहे से लेकर बिस्टान रोड तिराहे तक पूरा इलाका प्रशासनिक हलचल से भर गया। तीन जेसीबी मशीनें, पांच ट्रैक्टर-ट्रॉलियां, लिफ्ट मशीन, फायर फाइटर वाहन और सौ से अधिक कर्मचारियों की टीम सड़क पर उतर आई। जिला प्रशासन, नगर पालिका, पुलिस और यातायात विभाग के अधिकारी खुद मोर्चा संभाले नजर आए। दिन चढ़ने के साथ कार्रवाई तेज होती गई और शाम तक अतिक्रमण हटाने का अभियान जारी रहा।
नगर पालिका कार्यालय के सामने वर्षों पुरानी सब्जी और फल मंडी सड़क तक फैल चुकी थी। हाथठेले सड़क के बीचोंबीच खड़े रहते थे, जबकि ग्राहक अपने वाहन सड़क पर रोककर खरीदारी करते थे। नतीजा यह कि दिनभर यहां जाम की स्थिति बनी रहती थी। सुबह और शाम के समय तो वाहन रेंगते हुए गुजरते थे। शनिवार को प्रशासन ने इस समस्या पर सख्ती दिखाई। सब्जी विक्रेताओं को सीमेंटेड प्लेटफॉर्म पर व्यवस्थित किया गया, जबकि फल विक्रेताओं को एसबीआई शाखा के पास वाली गली में शिफ्ट किया गया।

इस कार्रवाई की सबसे खास बात वह नाला रहा, जो वर्षों से अतिक्रमण के नीचे दबा पड़ा था। लोगों ने पहली बार उस नाले की सफाई होते देखी। नगर पालिका सीएमओ कमला कौल ने बताया कि पिछले सात दिनों से लगातार मुनादी कर लोगों को स्वयं अतिक्रमण हटाने के लिए कहा जा रहा था। नोटिस देने के बाद भी जब स्थिति नहीं सुधरी, तब प्रशासन को सख्त कदम उठाना पड़ा। अब इस नाले का नए सिरे से निर्माण भी किया जाएगा, जिसका टेंडर पहले ही हो चुका है।

कार्रवाई के दौरान एसडीएम विरेंद्र कटारे अलग अंदाज में नजर आए। वे साइकिल पर बैठकर गलियों में घूमते रहे और यह सुनिश्चित करते रहे कि हटाए गए हाथठेले दूसरी जगह कब्जा न कर लें। कई दुकानदारों ने खुद आगे आकर अतिक्रमण हटाया, जबकि कुछ पक्के निर्माण जेसीबी से तोड़े गए। विरोध भी हुआ, लेकिन प्रशासन ने समझाइश देकर स्थिति संभाली।
इंटरनेट मीडिया पर भी इस अभियान की जमकर सराहना हुई। लोगों ने इसे “खरगोन के लिए राहत की सुबह” बताया। शहरवासियों को उम्मीद है कि यह अभियान केवल एक दिन की कार्रवाई बनकर नहीं रहेगा, बल्कि शहर को स्थायी रूप से जाम और अव्यवस्था से राहत दिलाएगा।





