
Big Action of Lokayukta: महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक के ठिकानों पर छापा, आय से 241% अधिक संपत्ति का खुलासा
इंदौर। भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत लोकायुक्त पुलिस ने बुधवार को महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक लक्ष्मी नारायण कंडवाल के इंदौर स्थित विभिन्न ठिकानों पर छापामार कार्रवाई की। प्रारंभिक जांच में उनके पास आय से 241 प्रतिशत अधिक संपत्ति होने के प्रमाण मिले है।
लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय ने बताया कि पुलिस महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देश पर भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में कंडवाल के संबंध में प्राप्त सूत्र सूचना का सत्यापन कराया गया। सत्यापन कार्यवाहक निरीक्षक आशुतोष मिठास द्वारा किया गया, जिसमें प्रथम दृष्टया आय से अधिक संपत्ति अर्जित करना प्रमाणित पाया गया।
इसके बाद आरोपी अधिकारी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम-2018 की धारा 13(1)(बी) एवं 13(2) के तहत अपराध दर्ज किया गया। लोकायुक्त ने 9 जून को विशेष न्यायालय इंदौर से तलाशी वारंट प्राप्त किया और 10 जून को छापे की कार्रवाई शुरू की।
लोकायुक्त की तीन अलग-अलग टीमों ने आरोपी के निवास, जिम और डिपार्टमेंटल स्टोर सहित विभिन्न परिसरों पर एक साथ सर्च ऑपरेशन शुरू किया, जो समाचार लिखे जाने तक जारी था।
*30 साल की नौकरी, 2.5 करोड़ की आय; 9.5 करोड़ की संपत्ति*
जांच में सामने आया कि वर्ष 1996 से सेवा में कार्यरत लक्ष्मी नारायण कंडवाल की लगभग 30 वर्षों की सेवा अवधि में वेतन और अन्य वैध स्रोतों से प्राप्त कुल आय करीब 2.5 करोड़ रुपये रही है। वहीं अब तक सत्यापित की गई संपत्तियों का मूल्य लगभग 9.5 करोड़ रुपये आंका गया है। इस प्रकार उनके पास आय के ज्ञात स्रोतों से 241 प्रतिशत अधिक संपत्ति पाई गई है।
*जांच में सामने आईं ये संपत्तियां*
इंदौर की स्कीम नंबर-103 में 252 वर्गमीटर के व्यावसायिक भूखंड पर लगभग 13,500 वर्गफुट निर्मित भवन, जिसमें तीन मंजिलों पर व्यावसायिक परिसर तथा चौथी एवं अंतिम मंजिल पर परिवार का निवास है।
स्कीम नंबर-140 में लगभग 1,000-1,000 वर्गफुट के दो प्लॉट।
पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र से लगे तारपुरा, बेकलाय, बनेड़िया सहित ग्रामीण क्षेत्रों में 11 अलग-अलग मूल्यवान भूखंड।
लोकायुक्त अधिकारियों के अनुसार तलाशी कार्रवाई के दौरान मिले दस्तावेजों, निवेश और अन्य संपत्तियों का मूल्यांकन किया जा रहा है। सर्च पूरी होने के बाद आय से अधिक संपत्ति के वास्तविक आंकड़े में और वृद्धि होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।





