
ममता का सीएम पद से इस्तीफा देने से इनकार : “हम चुनाव नहीं हारे, हमें हराया गया”
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भारतीय जनता पार्टी को प्रचंड बहुमत मिला है। राज्य में पहली बार बीजेपी सरकार बनाने की तैयारी में है।
ममता बनर्जी 15 साल तक बंगाल की मुख्यमंत्री रही हैं, लेकिन इस बार जब उनसे सत्ता छिनी तो वो अपनी विधानसभा सीट भी नहीं बचा पाईं।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ममता बनर्जी ने बंगाल चुनाव में हार मानने से इनकार करते हुए भाजपा और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि 100 सीटें लूटी गईं, काउंटिंग में गड़बड़ी हुई और हिंसा के जरिए टीएमसी को हराया गया।
#WATCH | Kolkata: Outgoing West Bengal CM Mamata Banerjee says, “After first round of counting, they started saying that BJP is getting 195-200. You didn’t wait for the final result. You didn’t even wait for 5-6 rounds. After that campaign with the press media, BJP went inside… pic.twitter.com/e72Bcs8Dpj
— ANI (@ANI) May 5, 2026
ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी चुनाव नहीं हारी, बल्कि उन्हें हराया गया है। उन्होंने साफ कहा कि वह लोकसभा जाकर इस्तीफा नहीं देंगी और भाजपा के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगी। ममता ने आरोप लगाया कि चुनाव में धांधली हुई और करीब 100 सीटों को “लूटा” गया।
ममता ने दावा किया कि उन्हें काउंटिंग सेंटर जाने से रोका गया और वहां मारपीट हुई। उन्होंने कहा कि महिला होने के बावजूद उनके साथ धक्का-मुक्की की गई और उन पर हमला भी हुआ। उनके अनुसार, टीएमसी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया और कई जगहों पर हिंसा की घटनाएं सामने आईं। ममता बनर्जी ने कहा कि INDIA गठबंधन उनके साथ खड़ा है। उन्होंने बताया कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, उद्धव ठाकरे, हेमंत सोरेन और तेजस्वी यादव जैसे नेताओं ने उन्हें फोन कर समर्थन जताया।
गुरुवार, 7 मई 2026 को 17वीं बंगाल विधानसभा का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। ऐसे में 7 मई के बाद ममता बनर्जी आधिकारिक तौर पर मुख्यमंत्री मानी ही नहीं जाएंगी, क्योंकि विधानसभा के कार्यकाल के समाप्त होने के बाद नए मुख्यमंत्री का निर्वाचन जरूरी होता है।




