सिंधिया और वीडी शर्मा के बीच ढाई घंटे की मैराथन मीटिंग, हुआ सियासी मंथन

सिंधिया और वीडी शर्मा के बीच ढाई घंटे की मैराथन मीटिंग, हुआ सियासी मंथन

मीडियावाला.इन।

विजय कुमार दास की विशेष रिपोर्ट

भोपाल: मध्यप्रदेश में सत्तारूढ़ दल भाजपा में नेता चाहे राज्यसभा सदस्य महाराजा ज्योतिरादित्य सिंधिया हो या फिर वीडी शर्मा कोई भी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की सरकार में नेतृत्व परिवर्तन से नहीं जोड़ता। वे जब भी मिलते खुलकर गले मिलते हैं, और बाहर मीडिया के सामने आकर केवल इतना कह देते हैं, सिंधिया जी का आना महज एक सौजन्य मुलाकात है, और मीडिया वाले वैसा लिख भी देते हैं। टीवी चैनलों पर दिखा भी देते हैं, परंतु जब-जब भी बड़े फैसलें सत्तारूढ़ दल में होते हैं तो पार्टी हाईकमाण्ड पहले रिहर्सल करने में सेकण्ड लाइन के बड़े किरदारों को लगा देती हैं, शायद सिंधिया का भोपाल दौरा ऐसे ही संकेत दे रहा है। इसका अहसास कल भोपाल की ज्योतिरादित्य सिंधिया वाली यात्रा के दौरान प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा के निवास पर भोजन और उसके बाद ढाई घंटे सिंधिया और वीडी शर्मा में मंथन को समझने की जरूरत है।  

हम ने जब प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा से देर रात महाराजा सिंधिया और उनकी लंबी मुलाकात का राज पूछा तो वे अपने आप को रोक नहीं पाए। विष्णु दत्त शर्मा ने कहा कि सिंधिया जी और हम दोनों मिलकर कमलनाथ सरकार में हुए भयंकर भ्रष्टाचार पर से पर्दा उठाना चाहते हैं। इसी की रणनीति बनाने में ज्यादा समय लगा, वरना राजनीति की कोई चर्चा नहीं हुई।

 चर्चा के मुख्य बिन्दुओं में कमलनाथ सरकार के समय वल्लभ भवन दलालों का अड्डा बन गया था और दलाली में जो लोग शामिल थे, ऐसे नौकरशाह आज भी फायदे में क्या हैं, यह सवाल इस मैराथन मीटिंग का सबसे बड़ा मुद्दा था। उन्होंने यह जरूर स्वीकार किया कि कमलनाथ सरकार में जिस ईमानदार भाजपा कार्यकर्ताओं के घर उजाड़े गए और जिन सच्चे छोटे-छोटे व्यापारियों को सताया गया है, उन्हें चिन्हित करके उनकी मदद करने में सहमति बनी है। और तो और भाजपा संगठन की मजबूती के लिए सिंधिया ने स्वयं आगे बढ़कर आज यह कहा है कि भाजपा के लिए और जनसेवा के लिए मेहनत करने को तैयार है। वीडी शर्मा ने कहा कि सिंधिया के दिलो-दिमाग में यह बात घर कर चुकी है कि वल्लभ भवन को कमलनाथ ने दलालों का अड्डा बना दिया था, बिना भ्रष्टाचार के कोई काम नहीं होते थे, सबकी जांच होनी चाहिए और भ्रष्टाचार करने वालों को जेल जाना चाहिए। भाजपा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया की सिंधिया द्वारा कमलनाथ सरकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम को आगे बढ़ाने का उन्होंने ने भी पक्का मन बना लिया है। रहा सवाल राजनीति का तो समझा जाता है सिंधिया ने संगठन के लिए कुछ उन लोगों के नामों को सम्मिलित करने का सुझाव दिया है जो उनके साथ कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए हैं जिसे लेकर सहमति भी बनी है। संभवत: कल मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ देर शाम तक हुई अपनी मुलाकात में भी महाराजा ने अपने कुछ समर्थकों को जिसमें प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी जैसे निष्ठावान लोग हैं, उन्हें निगम मंडलों में स्थान देने की बात कही है। 

इस विशेष रिपोर्ट का लब्बो लुआब यह है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को केन्द्र में केबिनेट मंत्री बनाए जाने का प्रस्ताव अमल होने के नजदीक है, परंतु सिंधिया मध्यप्रदेश को ही राजनीति का अपना केन्द्र बनाना चाहते हैं और वे पूर्व मुख्यमंत्री  कमलनाथ से सीधे ना लड़ते हुए पूरी भाजपा को अपने मुहिम का बड़ा हिस्सा बनाना चाहते हैं। इसके लिए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के साथ ढाई घंटे का मैराथन का घटनाक्रम महत्वपूर्ण तो है ही परंतु हाईकमाण्ड द्वारा सिंधिया और वीडी शर्मा दोनों के विषय में कुछ बड़े फैसले लेने से पहले एक रिहर्सल आज हुआ है, इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता। RB

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