
क्षति पूर्ति वनीकरण कैम्पा योजना में गड़बड़झाला, बिना कार्य कराए कर दिया फर्जी भुगतान, रेंजर सहित 3 वन कर्मी सस्पेंड
गणेश पांडे की रिपोर्ट
भोपाल। निवाड़ी जिले की ओरछा रेंज में स्वीकृत क्षति पूर्ति वनीकरण कैम्पा योजना में गड़बड़झाला का मामला प्रकाश में आया है । बताया गया है कि बिना कार्य हुए डीएफओ और एसडीओ टीकमगढ़ ने भुगतान कर दिया।
दिलचस्प पहलू यह है कि सीसीएफ छतरपुर नरेश यादव ने डीएफओ और एसडीओ के खिलाफ कोई कार्रवाई न करते हुए रेंजर, डिप्टी रेंजर और वनरक्षक को निलंबित कर दिया।
प्रशासनिक जानकारों का कहना है कि सीसीएफ यादव को डीएफओ और एसडीओ को भी आरोप-पत्र जारी करना चाहिए। अब मुख्यालय के सीनियर अफसरों की निगाहें पीसीसीएफ कैम्पा मनोज अग्रवाल पर टिकी है कि वे क्या एक्शन लेते हैं।

वित्तीय वर्ष 2024-2025 कैंपा योजना अंतर्गत स्वीकृत क्षतिपूर्ति वनीकरण कैम्पा की योजना के तहत कराए गए कार्यों तहत स्वीकृत आस्थामूलक कार्य भी स्वीकृत हुए थे, जिसमें सीसी रोड निर्माण किया जाना भी शामिल था। इसके लिए डीएफओ टीकमगढ़ के आदेश क्रमांक/व्यय/2024/929 दिनांक 9 नवंबर 2024 से तकनीकी स्वीकृति जारी की गई थी। तत्कालीन समय में रोड निर्माण कार्य नहीं कराए गए। बावजूद इसके सामग्री और मजदूरी का भुगतान दो -दो वन मंडल टीकमगढ़ और निवाड़ी अधिकारियो द्वारा मार्च 2025 एवं उसके पूर्व ही कर दिया गया । लेकिन रोड निर्माण कार्य मौका स्थल से नहीं होने के कारण दिसंबर 25 के अंत में तत्कालीन अपर मुख्य सचिव वन अशोक वर्णवाल को शिकायत की गई थी। इस शिकायत की जांच सीसीएफ छतरपुर नरेश सिंह यादव के निर्देश पर एसडीओ निवाड़ी के द्वारा की गई। जांच के दौरान शिकायत सही पाए जाने पर आमिर खान रेंजर ओरछा, के साथ संबंधित डिप्टी रेंजर और वनरक्षक को तत्काल निलंबित कर दिया गया। परन्तु इस कृत्य के लिए केवल निलंबित रेंजर, डिप्टी और वनरक्षक ही दोषी नहीं माने जा सकते हैं। इस गड़बड़ी में अन्य अधिकारी के रूप में एसडीओ और डीएफओ भी दोषी होना चाहिए।क्योंकि कार्य के प्रमाणक पर इन दोनों अधिकारियों के हस्ताक्षर भी हैं। अब सवाल उठ रहा है कि एसडीओ और डीएफओ पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई!





