
Nari Shakti Vandan Act : नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश का भाग्य बदलने वाला कानून बनेगा, बोली स्वाति चोपड़ा!
प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में लिखा जा रहा है महिला सशक्तिकरण का स्वर्णिम अध्याय!
Ratlam : नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश का भाग्य बदलने वाला कानून बनेगा। यह अधिनियम प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण का स्वर्णिम अध्याय लिखेगा। आजादी के बाद से महिलाओं को देश की संसद और राज्यों की विधानसभाओं में आरक्षण दिए जाने की मांग समय-समय पर की जाती रही है, लेकिन कांग्रेस पार्टी ने कभी आरक्षण दिलाने का प्रयास नहीं किया। भाजपा ने नारी सशक्तिकरण के सदैव प्रयास किए है। लाडली लक्ष्मी, लाडली बहना, सुकन्या सहित कई योजनाएं इसका प्रमाण है।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम से जब लोकसभा, विधानसभा और अन्य सरकारों में महिलाएं शामिल होगी, तो सही अर्थों में भारत सशक्त होकर महिला सुरक्षा के सारे उपायों को साकार करेगा। यह बात BJP मप्र की पैनलिस्ट एवं नीमच नगर पालिका अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा ने मंगलवार को भाजपा कार्यालय में ‘नारी शक्ति वंदन‘ अधिनियम को लेकर आयोजित पत्रकार-वार्ता को संबोधित करते हुए कही।
भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय, जिला उपाध्यक्ष अनिता कटारिया, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष पूनम पटवा, जिला महामंत्री अनिता पाहूजा, जिला मीडिया प्रभारी अरूण त्रिपाठी, सह-मीडिया प्रभारी निलेश बाफना मंचासीन थे। श्रीमती चोपडा ने कहा कि भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के कार्यकाल में महिलाओं को संसद और राज्यों की विधानसभाओं में आरक्षण दिलाने का प्रयास किया गया, लेकिन तब विपक्षी दलों के विरोध के कारण बिल पास नहीं हो सका।
श्रद्धेय अटल जी के समय महिला आरक्षण बिल का विरोध करने वाले सभी दल आज भी कांग्रेस के साथ खड़े हैं। कांग्रेस पार्टी की नीतियां कितनी महिला विरोधी हैं, इसका प्रमाण है शाहबानो मामले में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय को कांग्रेस की तत्कालीन केंद्र सरकार ने संसद में कानून बनाकर पलट दिया था।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने महिलाओं को 33% आरक्षण का कानून बनाकर देश की आधी आबादी के प्रति भाजपा के सम्मान और दृढ़ इच्छा शक्ति को प्रदर्शित किया है। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन कानून के रूप में हम सभी एक ऐसे ऐतिहासिक निर्णय का साक्षी बनने जा रहें हैं, जिसमें देश का भाग्य बदलने की क्षमता होती है। जिस बात का देश को पिछले कई दशकों से इंतजार था, वो सपना अब साकार हो रहा है। ये पूरे देश के लिए बहुत ही खास समय तो है ही, साथ ही यह मातृशक्ति के लिए भी अविस्मरणीय क्षण है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ केवल एक कानून नहीं, बल्कि सदियों से प्रतीक्षित उस सामाजिक न्याय की प्रतिज्ञा है, जिसे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने धरातल पर उतारा है।
यह विधेयक महिलाओं को केवल वोट बैंक समझने वाली मानसिकता को ध्वस्त कर उन्हें नीति-निर्धारण और नेतृत्वकारी भूमिका में बैठाने का ऐतिहासिक काम करेगा। यह प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की उस गारंटी का प्रमाण है, जिसने दशकों से राजनीति के हाशिये पर खड़ी भारत की बेटियों को लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण का संवैधानिक अधिकार देकर उन्हें राष्ट्र का भाग्य विधाता बना दिया है। देश की संसद और राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाला कानून महिलाओं के जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन लाएगा।
आजादी के बाद देश में वर्षों तक शासन करने वाली कांग्रेस ने नारी शक्ति के सम्मान व अधिकार देने के लिए कोई कार्य नहीं किया। नारी शक्ति वंदन कानून बनाकर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी देश की आधी आबादी की मन की बात को पूरा कर दिया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश की संसद में वर्ष 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को पारित किया गया था। राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद वर्ष 2023 में यह कानून बन गया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी योजनाओं के जरिए भी महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रहे हैं। उज्ज्वला योजना में सवा दस करोड़ महिलाओं को घरेलू गेस का कनेक्शन मिल चुका है। प्रधानमंत्री जनधन योजना में 56 प्रतिशत बैंक खाते महिलाओं के हैं। देश-भर में 35 करोड़ महिलाओं को मुद्रा लोन दिलाया जा चुका है। संचालन अरूण त्रिपाठी ने किया तथा आभार निलेश बाफना ने माना!





