Tuesday, December 10, 2019
कांग्रेस की 'न्याय' स्कीम पर कमेंट कर घिरे नीति आयोग के उपाध्यक्ष, EC ने भेजा नोटिस

कांग्रेस की 'न्याय' स्कीम पर कमेंट कर घिरे नीति आयोग के उपाध्यक्ष, EC ने भेजा नोटिस

मीडियावाला.इन। चुनाव आयोग ने राजीव कुमार से उनकी टिप्पणी पर सफाई मांगी है, जिसमें उन्होंने कांग्रेस की ओर से आगामी लोकसभा चुनाव के पहले किए गए एक वादे पर टिप्पणी की थी.


भारतीय निर्वाचन आयोग ने नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार को नोटिस भेजा है. आयोग ने राजीव कुमार से उनकी टिप्पणी पर सफाई मांगी है, जिसमें उन्होंने कांग्रेस की ओर से आगामी लोकसभा चुनाव के पहले किए गए एक वादे पर टिप्पणी की थी.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को ऐलान किया था कि अगर लोकसभा चुनाव में कांग्रेस जीती तो देश के 20 फीसदी यानी 5 करोड़ गरीबों को प्रति माह 6, 000 रुपये दिये जाएंगे. कांग्रेस ने इसे 'न्याय यानी न्यूनतम आय योजना' का नाम दिया है. हालांकि भारतीय जनता पार्टी इसे कोरा वादा करार दे रही है.

कांग्रेस के इस चुनावी वादे को लेकर नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा था कि यह योजना कभी लागू नहीं होगी. उन्होंने ट्वीट किया था, 'यह सच है कि चुनाव जीतने के लिए कांग्रेस पहले भी लोगों से चांद का वादा कर चुकी है. कांग्रेस अध्यक्ष ने एक स्कीम का ऐलान किया है कि जो राजकोषीय अनुशासन को तोड़ देगा. इससे काम न करने का चलन बढ़ेगा. यह कभी लागू नहीं हो सकता.'

राजीव कुमार ने कहा था कि 'मिनिमम इनकम गारंटी स्कीम GDP का 2 फीसदी और कुल बजट का 13 फसदी होगा. इससे लोगों की असली जरूरतों की पूर्ति नहीं हो सकेंगी.' राजीव ने  ट्वीट किया था कि 'कांग्रेस पार्टी ने साल 1971 में गरीबी हटाओ, साल 2008 में ओआरओपी और साल 2013 में चुनाव जीतने के लिए फूड सिक्योरिटी बिल का ऐलान किया था लेकिन इनमें से कोई भी पूरा नहीं कर सकी. ऐसा ही मिनिमम इनकम गारंटी स्कीम के साथ होगा.'

वहीं इस योजना पर कांग्रेस का कहना है कि  'यह कांग्रेस की 'गरीबी मिटाओ न्याय यात्रा' की इस देश में नई शुरुआत है. "गरीब से न्याय और गरीब को न्याय"- यही है 'न्याय' यानी न्यूनतम आय योजना. कांग्रेस सरकारों ने स्वतंत्रता के बाद भारत की गरीबी को 70% से घटाकर 22% कर दिया. उन्होंने कहा कि हम शेष भारत में 22% गरीबी को दूर करने के लिए काम करेंगे.'
 

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