
खुले बोरवेल अब मौत का जाल नहीं बनेंगे, कलेक्टर ने जारी किए कड़े आदेश!
20 जून से 20 अगस्त तक प्रतिबंध लागू, उल्लंघन पर होगी FIR.
खुले बोरवेल की फोटो+ लोकेशन व्हाट्सएप 9926557806 पर भेजें, नाम गोपनीय रहेगा!
राजेश सोनी की रिपोर्ट!
Jhabua : बच्चों और पशुओं की जान बचाने के लिए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने सख्त कदम उठाया है। जिले में खुले एवं अनुपयोगी बोरवेल/ट्यूबवेल को तुरंत बंद करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। खुले बोरवेल हर साल हादसों का कारण बनते हैं। बच्चा खेलते-खेलते गिर जाए, या मवेशी पानी की तलाश में गिर जाए – जनहानि हो जाती है।
इन्हीं दुर्घटनाओं को रोकने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया गया है। कलेक्टर ने इन बातों को ध्यान रखने के लिए की अपिल! बोरिंग के समय मुंह बंद रखें- बोर खनन के दौरान बोरवेल का मुंह एक पल के लिए भी खुला न छोड़ा जाए। काम खत्म होते ही ढक्कन लगाएं, अनुपयोगी बोरवेल बंद करें -जिन बोरवेल में पानी नहीं है या जो काम में नहीं आ रहे, उन्हें भूमि मालिक/मकान मालिक/संस्था प्रमुख खुद बंद करवाएं, लोहे की प्लेट, सीमेंट स्लैब या मजबूत कैप से बोरवेल का मुंह पूरी तरह सील करें।

हल्का पत्थर/टीन नहीं चलेगा, निजी+शासकीय दोनों पर लागू- खेत, घर, फैक्ट्री, स्कूल – हर जगह के बोरवेल पर नियम लागू।कलेक्टर ने कहा कि जनसुरक्षा के लिए ये आदेश धारा 163(2) के तहत एकपक्षीय पारित किया गया है। जो नहीं मानेगा, उसके खिलाफ धारा 223 के तहत वैधानिक कार्रवाई + FIR होगी।
खुला बोरवेल दिखाई देने पर अपने क्षेत्र के SDM, तहसीलदार या थाना प्रभारी को बताएं, व्हाट्सएप करें, खुले बोरवेल का फोटो+ GPS लोकेशन 9926557806 पर भेजें , सूचना देने वाले का नाम-पता पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा।
कलेक्टर ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में डोंडी पिटवाकर सूचना दी जा रही है। आदेश की कॉपी जिला कार्यालय, नगरपालिका/नगरपरिषद, जनपद पंचायत, तहसील, थाना और सार्वजनिक स्थानों के नोटिस बोर्ड पर चस्पा की जाएंगी!





