
न्यायाधीशगण व कर्मचारियों के संबंध में टिप्पणियां से उपजा आक्रोश, न्यायिक कर्मचारी संघ ने प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के नाम सौंपा ज्ञापन!
न्यायालय की गरिमा एवं कर्मचारियों के सम्मान की रक्षा हेतु अभिवक्ता संघ पर की कार्रवाई की मांग!
Jaora : न्यायिक कर्मचारी संघ, तहसील न्यायालय जावरा एवं समस्त न्यायालयीन कर्मचारियों ने मंगलवार प्रात प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रतलाम के नाम से एक ज्ञापन सौंपा जिसमें अधिवक्ता संघ जावरा द्वारा न्यायाधीशगण एवं न्यायालयीन कर्मचारियों के संबंध में की गई कथित निराधार एवं अमर्यादित टिप्पणियों पर गहरी आपत्ति व्यक्त की। कर्मचारियों ने न्यायालय की गरिमा, निष्पक्ष कार्यप्रणाली तथा कर्मचारियों के सम्मान की रक्षा के लिए आवश्यक वैधानिक कार्रवाई एवं उचित दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया है कि 27 जून 2026 को अधिवक्ता संघ द्वारा न्यायाधीशगण एवं कर्मचारियों के संबंध में की गई टिप्पणियों को 28 जून 2026 को समाचार पत्रों एवं डिजिटल पेज, सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित किया गया था, जिससे न्यायालय की छवि धूमिल हुई हैं तथा आमजन के बीच न्यायपालिका के प्रति भ्रम एवं अविश्वास का वातावरण बनने की आशंका उत्पन्न हुई हैं। न्यायिक कर्मचारी संघ का कहना है कि न्यायालय जैसी संवैधानिक संस्था के संबंध में इस प्रकार की सार्वजनिक टिप्पणियां न्याय व्यवस्था की प्रतिष्ठा एवं विश्वसनीयता को प्रभावित करती हैं।
संघ ने स्पष्ट किया कि तहसील न्यायालय जावरा के सभी कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी, निष्पक्षता एवं विधि के अनुरूप कर रहे हैं। कर्मचारियों की छवि धूमिल करने, उनके कार्यों पर अनावश्यक प्रश्नचिह्न लगाने तथा मानसिक दबाव बनाने का प्रयास न्यायालयीन कार्यप्रणाली को प्रभावित करने वाला है, इसलिए इस पूरे प्रकरण का गंभीरता से संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।

ज्ञापन में न्यायालय भवन की सुरक्षा का विषय भी प्रमुखता से उठाया गया। कर्मचारियों ने बताया कि जावरा न्यायालय का भवन अत्यंत पुराना एवं ऐतिहासिक धरोहर है व भवन की दीवार से लगाकर अधिवक्ताओं द्वारा बनाए गए चेंबरों के कारण न्यायालय परिसर की सुरक्षा, सौंदर्य एवं सुव्यवस्थित कार्य व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
कर्मचारी संघ का कहना है कि अधिकांश अधिवक्ताओं के लिए पृथक नवीन चेंबर शेड उपलब्ध होने के बावजूद उनका उपयोग न कर न्यायालय भवन की दीवार से लगकर बने चैंबरों का अनाधिकृत रूप से उपयोग किया जा रहा है। न्यायालय परिसर की दीवार के आसपास स्थित चेंबरों को हटाकर नवीन शेड चेंबरों पर स्थापित किया जाना न्यायालय की सुरक्षा एवं भविष्य की व्यवस्थाओं की दृष्टि से आवश्यक है।

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि न्यायालय की गरिमा, निष्पक्षता एवं जनता का विश्वास बनाए रखना सभी पक्षों की सामूहिक जिम्मेदारी है। अतः न्यायिक कर्मचारी संघ एवं समस्त कर्मचारियों ने माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश महोदय, रतलाम से निवेदन किया कि न्यायालय की गरिमा, कर्मचारियों के सम्मान एवं न्यायिक कार्यप्रणाली की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए अधिवक्ता संघ जावरा पर आवश्यक कार्यवाही की जावे, जिससे न्यायालय का कार्य भयमुक्त, गरिमामय एवं सुचारु वातावरण में निरंतर संचालित होता रहें।
ज्ञापन का वाचन न्यायिक कर्मचारी द्वारा प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश जावरा के समक्ष किया गया। इस अवसर पर संघ के पदाधिकारी एवं जावरा पदस्थापना पर पदस्थ न्यायालयीन कर्मचारी उपस्थित रहें तथा सभी ने एकमत होकर न्यायालय की गरिमा एवं कर्मचारियों के सम्मान की रक्षा के लिए सामूहिक रूप से अपनी बात रखी!





