
महू में 7 साल पहले हुए दोहरे हत्याकांड में 18 आरोपियों को आजीवन कारावास
दिनेश सोलंकी की रिपोर्ट
महू : महू में 7 साल पहले हुए दोहरे हत्याकांड में 18 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। महू न्यायालय में 2019 में हुए दोहरे हत्याकांड का फैसला आज सुनाया गया जिसमें 18 आरोपियों को आजीवन कारावास दिया गया जबकि एक आरोपी शुरू से ही फरार रहा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सत्र प्रकरण क्रमांक – 28/2019, अपराध क्रमांक – 16/2019 के दोहरे हत्याकांड के प्रकरण में पंचम अपर सत्र न्यायाधीश, डॉ. अंबेडकरनगर, जिला–इंदौर (म.प्र.) पीठासीन अधिकारी भरत कुमार व्यास ने अपने निर्णय 30 जून 2026 को घोषित किया और दोहरे हत्याकांड में शामिल 18 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुना दी। इसमें महिला आरोपी भी शामिल है।
ये हैं 18 आरोपी
मध्यप्रदेश राज्य द्वारा आरक्षी केन्द्र बड़गोंदा के अंतर्गत अभियुक्तगण इस प्रकार है –
शाहिद पिता अब्दुल रहमान, आयु–65 वर्ष, व्यवसाय–व्यापार, मंजूर पिता अब्दुल रहमान, आयु–72 वर्ष, व्यवसाय–दूध निवासी, मोहम्मद बाशिद पिता मोहम्मद मुश्ताक, आयु–30 वर्ष, व्यवसाय–ड्राइवर, मोहम्मद जैद पिता मोहम्मद जाकिर, आयु–27 वर्ष, व्यवसाय–दूध, सद्दाम पिता अब्दुल गफ्फार, आयु–35 वर्ष, व्यवसाय–पुताई, मोहम्मद जाकिर पिता मोहम्मद सिद्दीकी, आयु–44 वर्ष, व्यवसाय–बेकरी, अबरार पिता अब्दुल रहमान, आयु–57 वर्ष, व्यवसाय–गैराज, मोहम्मद साबिर पिता मोहम्मद सिद्दीकी, आयु–55 वर्ष, व्यवसाय–पुताई, मोहम्मद इरफान पिता अब्दुल गफ्फार, आयु–45 वर्ष, व्यवसाय–पुताई, नुरजहां पति मोहम्मद मुश्ताक, आयु–50 वर्ष, व्यवसाय–गृहिणी, मोहम्मद सुफियान पिता सैफुल इस्लाम, आयु-39, व्यवसाय-इलेक्ट्रीशियन, मोहम्मद शाकिर पिता मोहम्मद मुश्ताक, आयु-36, व्यवसाय-व्यापार वसीम पिता मोहम्मद यूसुफ, आयु-38 वर्ष, व्यवसाय-बेकरी, शोएब उर्फ कल्ला पिता मोहम्मद शाहिद, आयु-34 वर्ष, व्यवसाय-सेल्समेन, मोहम्मद शोहेब उर्फ पोंडू पिता मोहम्मद सलीम, आयु-34 वर्ष, व्यवसाय-पुताई, तनवीर पिता मोहम्मद साबिर, आयु-27, व्यवसाय-व्यापार, नईम बी पति मोहम्मद अनवर, आयु-60 वर्ष, व्यवसाय-गृहिणी, मोहम्मद हमूद पिता मोहम्मद अनवर, आयु-27 वर्ष, व्यवसाय-दूध, सभी निवासी बंडा बस्ती महू।
अभियोजन का मामला
दिनांक 18.01.2019 को प्रातः 06:30 बजे मोहम्मद यूसुफ और मोहम्मद शरीफ अपनी मोटरसाईकिल से जा रहे थे उनके पीछे मोहम्मद यूनुस व नूरूल इस्लाम भी जा रहे थे। वह लोग दूध का व्यापार करते थे और बंडा बस्ती से महू दूध देने के लिये जा रहे थे। जब वह नूरजहां के घर के आगे पहुंचे तब नूरजहां द्वारा स्टील के जग में लाल मिर्च पिसी हुई मोहम्मद यूसुफ व मोहम्मद शरीफ पर फेंकी और चिल्लाई कि आज दोनों जिंदा नहीं बचना चाहिये।
इस पर मोहम्मद शाहिद, मंजूर, बाशिद, शाकिर, साबिर, शोहेब उर्फ पांडू, तनवीर, सद्दाम, सूफियान, अबरार, जैद, ईरफान, जाकिर, हमूद, वसीम आदि लोग आ गये और उनके द्वारा लोहे के पाईप, तलवार, डंडे व फालिये से मारपीट की जाने लगी। उनके द्वारा मोटरसाईकिल व दूध की टंकियां तोड़कर नुकसानी कर दी। पीछे से आ रहे यूनुस व नूरूल इस्लाम ने बचाने का प्रयास किया, परंतु उन लोगों को हटा दिया और सभी लोगों ने मिलकर यूसुफ व शरीफ को गंभीर रूप से घायल कर दिया।
घायलों की ईलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। थाना बड़गोंदा में अपराध क्रमांक 16/19 दर्ज कर विवेचना की गई। अभियुक्तगण को गिरफ्तार किया गया उनसे पूछताछ कर धारा 27 भारतीय साक्ष्य विधान के मेमोरेंडम तैयार कर संपत्ति जप्त की गई। अभियोजन यह युक्तियुक्त संदेह से परे प्रमाणित करने में सफल रहा है कि अभियुक्तगण द्वारा यूसुफ व मोहम्मद शरीफ की मृत्यु कारित की। अभियोजन द्वारा प्रतिनिधित्व आनंद नेमा विशेष लोक अभियोजक ने किया जबकि अभियुक्त/अभियुक्तगण द्वारा प्रतिनिधित्व जफर खान वरिष्ठ अधिवक्ता सहित अब्दुल हबीब, रवि आर्य, रविंद्र माहेश्वरी और अहमद दरबारी अधिवक्ता शामिल रहे।


[साप्ताहिक प्रिय पाठक में प्रकाशित हत्याकांड की तत्समय प्रकाशित रिपोर्ट फाइल से]





