PCC चीफ जीतू पटवारी ने लिखा सीएम को पत्र, लिखा मिस्टर इंडिया फिल्म का गाना जिंदगी की यही रीत है…हार के बाद ही जीत है…

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मध्य प्रदेश: पूर्व मंत्री जीतू पटवारी को विधानसभा ने नोटिस जारी किया, सदन में कांग्रेस विधायकों का हंगामा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Wed, 16 Mar 2022 01:10 PM IST सार राज्यपाल के अभिभाषण के बहिष्कार के मामले में कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी को बुधवार को विधानसभा ने नोटिस जारी किया है। इस पर सदन में कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी और हंगामा किया। मध्य प्रदेश विधानसभा (फाइल फोटो) मध्य प्रदेश विधानसभा (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला विस्तार कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी को बुधवार को विधानसभा ने नोटिस जारी किया है। राज्यपाल के अभिभाषण के बहिष्कार के मामले में ये कार्रवाई की गई है। इस पर सदन में कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी और हंगामा किया। विधानसभा की तरफ से जीतू पटवारी को जारी नोटिस पर गोविंद सिंह ने विरोध दर्ज कराया। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने नियम पढ़कर बताया। नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि कोई खेद प्रकट नहीं करेगा। इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने सदन में नारेबाजी शुरू कर दी और जमकर हंगामा किया

PCC चीफ जीतू पटवारी ने लिखा सीएम को पत्र, लिखा मिस्टर इंडिया फिल्म का गाना जिंदगी की यही रीत है…हार के बाद ही जीत है…

भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी पर रविवार को किए गए तीखे हमलों के बाद सोमवार को पटवारी ने एक पत्र मुख्यमंत्री को लिखा है। जिसमें उन्होंने सवालों की झड़ी यह कहते हुए लगा कि जनता के सवाल पूछना उनका कर्तव्य है। पटवारी ने पत्र में लिखा कि फिल्मी गाने की लाइन भी इस पत्र में लिखी। उन्होंने लिखा जिंदगी की यही रीत है…हार के बाद ही जीत है…।

कांग्रेस अध्यक्ष ने सवालों की झड़ी लगाते हुए पूछा कि क्या किसानों की बदहाली, बेरोजगार युवाओं का भविष्य, ओबीसी आरक्षण का संकट और पेपर लीक से टूटे युवाओं के सपने सवाल नहीं हैं? उन्होंने नर्सिंग घोटाले, महिलाओं की सुरक्षा, आदिवासियों के विस्थापन, बढ़ती महंगाई, भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी को भी गंभीर प्रश्न बताया। इसके अलावा, उन्होंने दूषित पेयजल, बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था, व्यापम जैसे घोटालों, सरकारी भर्तियों में देरी, बदहाल स्कूल, आंगनवाड़ी व संविदा कर्मचारियों की पीड़ा, बढ़ते अपराध, माफियाराज, कुपोषण, बिजली कटौती और किसानों की आत्महत्या जैसे मुद्दों का भी इस पत्र में जिक्र किया है।