
Pensioners Demand: पेंशनरों ने जनवरी 26 से 2% D R मांगा
भोपाल: Pensioners Demand: मध्य प्रदेश के पेंशनरों ने राज्य शासन से जनवरी 26 से 2% महंगाई राहत (D R) की मांग की है।
भारत सरकार कार्मिक व लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय, पेंशन एवं पेंशन भोगी कल्याण विभाग का परिपत्र क्रमांक 42/2/2024-पी एण्ड पीडब्ल्यू (डी) 9475 दिनांक-24 अप्रैल 2026 को संदर्भित कर मुख्य सचिव एवं अपर मुख्य सचिव वित्त को पत्र लिखकर भारत सरकार के समान प्रदेश के पेंशनरों को 1 जनवरी 2026 से 2% महंगाई राहत देने की मांग की है।

पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के संरक्षक गणेश दत्त जोशी एवं प्रदेश अध्यक्ष आमोद सक्सेना ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि सरकार को ज्ञात होना चाहिए कि भारत सरकार के अनुरूप प्रदेश के पेंशनरों को महंगाई राहत देने की व्यवस्था संवैधानिक रूप से समर्थित है और यह सरकारी नीति का एक अनिवार्य हिस्सा है जिसे सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में पुख्ता किया है।
जोशी और सक्सेना ने बताया कि भारत सरकार के पेंशनरों के विपरीत प्रदेश के पेंशनरों को 1 जुलाई 19 से लगातार महंगाई राहत की दर एवं अवधि में कटौती/अंतर किया जा रहा है, जो मूलभूत अधिकार (अनुच्छेद 14) समानता के अधिकार का उल्लंघन है। महंगाई राहत को पेंशन भोगी के जीवन और जीविका के अधिकार से जोड़ा गया है, जो अनुच्छेद 21 के तहत सुरक्षित है। कोर्ट के अनुसार महंगाई कर्मचारी एवं पेंशनर दोनों को समान रूप से प्रभावित करती है, इसलिए पेंशन भोगियों की अवधि एवं दर में कटौती करना मनमाना और असंवैधानिक है।
संघ के भोपाल जिले के अध्यक्ष सुरेश शर्मा ने कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय, उच्च न्यायालय पंजाब एवं हरियाणा (चंडीगढ़) केरल, महाराष्ट्र (मुंबई) द्वारा अपने निर्णय में डी आर को संवैधानिक बताते हुए केंद्रीय तिथि से भुगतान के आदेश पारित किए हैं। सुरेश शर्मा ने कहा कि डी आर की दर एवं अवधि में मनमानी अंतर/कटौती करना अनुच्छेद 14 का स्पष्ट उल्लंघन है।
संगठन के प्रांतीय उपाध्यक्ष संतोष ठाकुर, शैलेंद्र नाथ श्रीवास्तव प्रांतीय सचिव रामगोपाल माथुर, यशवंत सिंह बेस ने कहा कि केंद्रीय पेंशनर एवं राज्य के पेंशनर में अंतर करना असंवैधानिक है, क्योंकि दोनों पर महंगाई का प्रभाव समान रूप से पड़ता है।





