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प्रदेश में पेट्रोल-डीजल, सीएनजी, टायर-टयूब, ल्यूब्रीकेंट्स, बसों के उपकरण और बसों के संचालन में तैनात ड्राइवर और क्लीनरों के मेहनताने में भी इजाफा हुआ है। लेकिन पांच साल से भी अधिक समय से बसों का किराया नहीं बढ़ा है। मध्यप्रदेश के बस संचालक लंबे समय से किराया बढ़ाने की मांग कर रहे है।
इसके लिए परिवहन विभाग सार्वजनिक यात्री बसों के किराया निर्धारण के लिए किराया निर्धारण समिति की बैठक करने जा रहा है। इसमें सभी पक्षों की राय लेने, यात्री किराऐ में इजाफा करने और जो मार्ग अभी सार्वजनिक परिवहन से नहीं जुड़ पाए है उन पर बसों के संचालन को लेकर बैठक होगी।
बैठक में सार्वजनिक यात्री बस प्रतिनिधियों के रुप में होशंगाबाद से राकेश फौजदार और सागर क्षेत्र से एक बस प्रतिनिधि को बुलाया जा रहा है।
वर्ष 2010 में परिवहन विभाग ने एक स्थायी समिति का गठन किराया निर्धारण के लिए किया था। इस समिति में प्रमुख सचिव परिवहन, आर्थिक सलाहकार वित्त, आयुक्त वाणिज्य कर, परिवहन आयुक्त, आयुक्त भोपाल संभाग और प्रबंध संचालक राज्य परिवहन उपक्रम शामिल है। इसी समिति की बैठक होने वाली है और इसमें दो निजी बस मालिकों के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है। राज्य सरकार की कोशिश होगी कि जो भी किराया बढ़े उसका भार आम नागरिकों पर ज्यादा नहीं आए और बस संचालकों को जो नुकसान उठाना पड़ रहा है उसकी भरपाई भी हो जाए।