पिपलिया मंडी विद्युत मण्डल कार्यालय का घेराव प्रदर्शन कर दिया ज्ञापन किसानों को हथकड़ी लगवाने, फर्जी प्रकरण, गलत बिजली बिल और किसानों के साथ अमानवीय व्यवहार पर आक्रोश – जन आंदोलन की चेतावनी

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पिपलिया मंडी विद्युत मण्डल कार्यालय का घेराव प्रदर्शन कर दिया ज्ञापन किसानों को हथकड़ी लगवाने, फर्जी प्रकरण, गलत बिजली बिल और किसानों के साथ अमानवीय व्यवहार पर आक्रोश – जन आंदोलन की चेतावनी

मंदसौर से डॉ घनश्याम बटवाल की रिपोर्ट

मंदसौर। जिले के मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र के प्रमुख नगर पिपलिया मंडी क्षेत्र के सैकड़ों किसानों, मजदूरों, कार्यकर्ताओं एवं बिजली विभाग की कार्रवाई से पीड़ित लोगों ने मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड कार्यालय मन्दसौर का घेराव कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी करते हुए किसानों ने आंदोलन की चेतावनी दी।
मल्हारगढ़ पिपलिया मंडी क्षेत्र के किसान नेता श्री श्यामलाल जोकचन्द्र एवं वरिष्ठ जनों के नेतृत्व में बिजली विभाग एवं विजिलेंस टीम के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विभागीय कार्रवाई को किसान विरोधी बताया।

इस मौके पर अधीक्षण यंत्री विद्युत मण्डल संभाग मंदसौर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर किसानों की समस्याओं से अवगत कराया गया।

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प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि बिजली विभाग एवं विजिलेंस टीम द्वारा लगातार किसानों और आम उपभोक्ताओं पर फर्जी बिजली चोरी के प्रकरण दर्ज किए जा रहे हैं। बिना निष्पक्ष जांच के किसानों को थानों में बैठाया जा रहा है तथा कई मामलों में गिरफ्तारी कर जेल तक भेजा जा रहा है। किसानों ने कहा कि पुलिस के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में भय का माहौल बनाया जा रहा है, जिससे किसान एवं गरीब वर्ग मानसिक रूप से परेशान है।

ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि लोक अदालत, जो समझौता एवं समाधान का माध्यम होती है, वहां भी किसानों एवं उपभोक्ताओं के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए जा रहे हैं। इससे गरीब किसान एवं मजदूर वर्ग आर्थिक और सामाजिक रूप से प्रभावित हो रहा है। किसानों ने आरोप लगाया कि विभाग द्वारा अत्यधिक एवं गलत बिजली बिल दिए जा रहे हैं। कई उपभोक्ताओं को लाखों रुपये तक के बिल थमा दिए जाते हैं। तकनीकी खराबी अथवा केबल में समस्या होने के बावजूद किसानों को यह कहकर बिल भरने के लिए मजबूर किया जाता है कि “जमीन में करंट चला गया है।”

प्रदर्शन के दौरान किसानों ने क्षेत्र की खराब बिजली व्यवस्था को लेकर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि गांवों में जर्जर तार, खराब डीपी और अव्यवस्थित लाइनें हादसों का कारण बन रही हैं। कई स्थानों पर आबादी क्षेत्र के बीच से हाईटेंशन लाइनें गुजर रही हैं, जिससे आमजन की जान को लगातार खतरा बना हुआ है। किसानों ने आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद विभाग समय पर सुधार कार्य नहीं कर रहा है।

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ज्ञापन में हाल ही में मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र के ग्राम जलोदिया के किसानों रामप्रसाद मेघवाल एवं नंदराम मेघवाल के मामले का भी उल्लेख किया गया। किसानों का कहना है कि विधिवत बिजली कनेक्शन होने के बावजूद विजिलेंस टीम द्वारा दोनों किसानों पर कथित बिजली चोरी का प्रकरण दर्ज किया गया और वारंट के आधार पर उन्हें थाने लाकर हथकड़ी लगाई गई। इस घटना के बाद क्षेत्र के किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि किसानों को अपराधियों की तरह हथकड़ी लगाकर थाने में बैठाना किसान वर्ग के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाने वाला कदम है।

किसान नेता श्यामलाल जोकचन्द्र ने कहा इस अवसर पर अधीक्षण यंत्री विद्युत मण्डल को चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया और फर्जी कार्रवाई बंद नहीं हुई तो क्षेत्र में व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा।

ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने मांग की कि किसानों एवं आम उपभोक्ताओं पर दर्ज फर्जी बिजली प्रकरणों की निष्पक्ष जांच कराई जाए, निर्दोष किसानों पर दर्ज मामले तत्काल वापस लिए जाएं तथा किसानों के साथ अमानवीय व्यवहार करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। साथ ही विजिलेंस कार्रवाई की उच्चस्तरीय जांच, गलत बिजली बिलों में राहत, जर्जर बिजली व्यवस्था में सुधार एवं आबादी क्षेत्र से गुजर रही हाईटेंशन लाइनों को हटाने की मांग भी की गई।

इस मौके पर मोगिया समाज अध्यक्ष भगतराम डाबी, पार्षद भूपेंद्र महावर, जनपद सदस्य रमेश्वर राठौर, पूर्व सदस्य रामप्रसाद राठौर व बालेश्वर पाटीदार, पूर्व सरपंच दिनेश कारपेंटर, धर्मेंद्र धनगर व रमेश पाटीदार, रघुवीरसिंह रीछा, भरत पाटीदार, मानसिंह चौहान, राजेश भारती, मनोहर सोनी, राजेन्द्र भाटी, नागूलाल चौहान, प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में किसान, मजदूर एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।