
सत्य, परमार्थ, सेवा, संगठन एवं समभाव के मार्ग पर चलकर समाज को निरंतर प्रगति की और अग्रसर करें: महाराज रामरतन जी
Ratlam : श्री राम स्नेही संप्रदाय के आद्याचार्य, परम पूज्यनीय श्री श्री 1008 श्री रामचरण जी महाराज के 307वें पावन प्राकट्य उत्सव के शुभ अवसर पर विजयवर्गीय वैश्य समाज रतलाम के तत्वावधान में धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक गतिविधियों का भव्य आयोजन किया गया। शुभारंभ त्रिपोलिया गेट स्थित रामद्वारा में पूजा-अर्चना एवं रामनाम जप महाआरती से हुआ। इसके पश्चात श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ पालकी यात्रा, कलश यात्रा एवं शोभायात्रा निकाली गई। संतश्री को पालकी में विराजमान कर रामनाम के जयघोष एवं गाजे-बाजे के साथ नगर भ्रमण कराया गया। शोभायात्रा में समाजजनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई।

सैलाना रोड़ स्थित बरबड श्री हनुमान मंदिर परिसर में गौपूजन कर समाजजनों ने धर्म और करुणा का संदेश दिया। इसके पश्चात खेलकूद एवं मनोरंजन गतिविधियों जैसे मटकी फोड़, बैलून गेम, पत्तल गेम आदि का आयोजन किया गया, जिसमें विजेताओं को सम्मानित किया गया।विजयवर्गीय वैश्य समाज के अध्यक्ष रत्नेश विजयवर्गीय ने बताया कि कार्यक्रम के अंतर्गत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, भजन-कीर्तन एवं सामाजिक गतिविधियां आयोजित की गईं तथा रामनाम बैंक की पुस्तकों का वितरण भी किया गया। रामद्वारा के संतश्री का समाजजनों द्वारा सम्मान किया गया और अंत में प्रसादी सहभोज का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि संत रामजी महाराज श्री रामरतन जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन राम नाम का जप करना चाहिए तथा राम नाम को जीवन का आधार बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गुरुदेव द्वारा बताए गए सत्य, परमार्थ, सेवा, संगठन एवं समभाव के मार्ग पर चलकर समाज को निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर करना चाहिए।

साथ ही समाजोत्थान की गतिविधियों को बढ़ावा देने एवं शासन की योजनाओं के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को लाभ दिलाने का संकल्प व्यक्त किया।इस अवसर पर मुख्य अतिथि संत रामजी महाराज श्री रामरतन जी, रेलवे में डीएमआई पंकज विजयवर्गीय, कार्यक्रम की अध्यक्षता महिला मंडल अध्यक्ष श्रीमती श्रद्वा विजयवर्गीय, विशेष अतिथि राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य तनुज विजयवर्गीय, राष्ट्रीय समिति सदस्य श्री रामजस विजयवर्गीय, राष्ट्रीय समाज कल्याण केबिनेट सदस्य श्रीमती सुरेखा विजयवर्गीय सहित समाज के गणमान्यजन, मातृशक्ति, युवा वर्ग एवं श्रद्धालुजन बड़ी संख्या में मौजूद थे। संचालन विजयवर्गीय वैश्य समाज अध्यक्ष रत्नेश विजयवर्गीय ने तथा आभार शंशाक विजयवर्गीय ने माना। कार्यक्रम के प्रायोजक नवीन विजयवर्गीय रहें!





