
Questions Raised on Administrative Arrangements : जहां जनप्रतिनिधियों की अवहेलना वहां आमजनों की क्या बिसात?
मीडियावाला के ब्यूरोचीफ रमेश सोनी की खास खबर!
Ratlam : रतलाम के प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो रहें हैं जहां जनप्रतिनिधियों को किसी सही मामले के निपटान के लिए अधिकारियों की दहलीज पर कदम रखने पड़ते हैं और वह भी एकबार नहीं दो-दो बार इसके बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आता हैं और मामले का निराकरण किया जाता हैं इससे पहले भी जिलाधीश कार्यालय पर दो-दो मामलों में जनप्रतिनिधियों को कलेक्टर की दहलीज से खाली हाथ लौटना पड़ा था। भाजपा के शासन काल में आखिरकार ऐसा क्यों???

ऐसे ही मामले की पुनरावृत्ति बुधवार को फिर देखने को मिली पूर्व गृहमंत्री एवं भाजपा के शीर्ष नेता हिम्मत कोठारी बुधवार दोपहर को तमतमाते हुए एसपी कार्यालय पहुंचे थे और वहां पर धरने पर बैठ गए थे। उन्होंने आमजनों के साथ जनप्रतिनिधियों की सुनवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े किए थे। आपको बता दें कि हिम्मत कोठारी के बचपन के मित्र एवं मीसाबंधु बसंत पुरोहित के प्लाट पर कुछ लोगों द्वारा कब्जा किए जाने की शिकायत को लेकर वह एसपी कार्यालय पहुंचे थे। कोठारी का आरोप था कि शिकायत संबंधित क्षेत्र के थाने पर करने के बावजूद भी सुनवाई नहीं हुई और इसके बाद उन्होंने 12 मई को एसपी अमित कुमार से रुबरु होकर मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग की थी।

भाजपा के सीनियर नेता तथा मीसाबंधु बसंत पुरोहित ने शहर के दीनदयाल नगर क्षेत्र स्थित सैफी नगर में लगभग 25 वर्ष पहले एक प्लाट खरीदा था। बीते 2 महीने पहले वह प्लाट की नपती कराने पहुंचे थे तो प्लाट के पास में रहने वाले एक व्यक्ति ने प्लाट को स्वयं का बताया और विवाद किया था। बुधवार को कोठारी एसपी कार्यालय पहुंचे थे और वहां पर चेंबर के बाहर धरने पर बैठ गए थे। इस बात की जानकारी एसपी अमित कुमार को लगते ही वह चेंबर से बाहर आए थे और कोठारी से अन्दर चलकर चर्चा करने का आग्रह किया था।
इसके बाद एसपी अमित कुमार ने थाना दीनदयाल नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव को बुलाकर पुरे प्रकरण को समझकर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद दीनदयाल नगर थाना पुलिस ने सैफी नगर स्थित प्लाट क्रमांक 237/238 का कब्जा हटवाया और मीसाबंधु बसंत पुरोहित को कब्जा दिलाते हुए आरोपी सैफी नगर निवासी कमलेश टाक एवं राजेश टाक पर अवैध कब्जा करने का मामला दर्ज किया। यह दोनों आरोपी प्लाट पर वाहनों को खड़ा करते थे और विरोध करने पर धमकीयां देते थे। इसमें सबसे बड़ी बात यह रही कि एसपी अमित कुमार ने मामले में लापरवाही बरतने पर थाना प्रभारी अनुराग यादव के विरुद्ध प्रारम्भिक जांच के निर्देश दिए हैं।
पुलिस द्वारा प्रकरण दर्ज करने के बाद बुधवार शाम को राजस्व निरीक्षक ने पटवारी की मौजूदगी में प्लाट पर पहुंचकर पंचनामा की कार्रवाई करते हुए प्लाट का कब्जा बसंत पुरोहित के बेटे शरद पुरोहित के सुपुर्द किया गया। अब ऐसे मामलों को लेकर पुलिस एक्शन में आई हैं और एसपी अमित कुमार ने भूमि संबंधित शिकायतों और विवादों के निराकरण हेतु एसपी कार्यालय में 7 दिनों तक विशेष शिविर आयोजित करने का फरमान जारी किया है। जिसमें जिले के फरियादी अपने भूमि संबंधित दस्तावेज और शिकायत दर्ज करा सकते हैं!
इस मामले का जैसे तैसे समाधान तो हों गया लेकिन अब इस मामले की आहट प्रदेश की राजधानी भोपाल तक पंहुच चुकी हैं इसे लेकर हिम्मत कोठारी के मोबाइल दनदनाने लगें हैं अभी तक शिर्ष नेताओं की इस मामले में हिम्मत कोठारी से बात हों चुकी हैं और अब प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव भी इस मामले में संज्ञान लेंगे….. देखते हैं इसके बाद क्या होता हैं???





