

SAS Officer Suspended: महिला कर्मचारियों से अभद्रता पर सोहागपुर SDM असवान राम सस्पेंड,पहले भी CM के निर्देश पर सस्पेंड हो चुके हैं
आरोपों को झूठा और अधिकारियों, कर्मचारियों की साजिश बताया डिप्टी कलेक्टर असवान राम ने
संभागीय ब्यूरो चीफ चंद्रकांत अग्रवाल की रिपोर्ट
नर्मदापुरम। SAS Officer Suspended: नर्मदा पुरम के संभाग आयुक्त के जी तिवारी ने महिला कर्मचारियों से अभद्रता पर राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी सोहागपुर SDM असवान राम चिरामन को सस्पेंड कर दिया है। वे एक बार पहले भी एक महिला से अपने जूते के लेस बंधवाने के बाद विवादों में आने पर मुख्यमंत्री के निर्देश पर सस्पेंड किए जा चुके हैं।
उधर असवान राम ने आरोपों को झूठा और अधिकारियों,कर्मचारियों की साजिश बताया।
मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले में ब्यूरोक्रेसी में एक अनोखा मामला सामने आया है जिसमें एक डिप्टी कलेक्टर को महिलाओं से अभद्रता करने के आरोप में पहले विगत 22 मार्च को कलेक्टर द्वारा एसडीएम सोहागपुर के पद से हटाकर कलेक्ट्रेट में अटैच किया गया तो वे हाइकोर्ट से स्टे ले आए और फिर उन्होंने अपने पूर्व पद सोहागपुर SDM पर ज्वाइन कर लिया था। पर फिर कलेक्टर द्वारा की गई विभागीय जांच के पूर्ण होने पर कलेक्टर सोनिया मीणा की रिपोर्ट के आधार पर अब कमिश्नर के जी तिवारी ने उनको निलंबित कर दिया है।
ज्ञात रहे कि नर्मदापुरम के डिप्टी कलेक्टर असवान राम चिरामन पर जब पहली बार आरोप लगाए गए तो कलेक्टर द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए उनकी कलेक्ट्रेट में अटैच कर दिया गया था। क्योंकि अपने इस अफसर की इस हरकत के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया था। पर यह पूरी जानकारी तब मीडिया तक नहीं आ पाई और इसे एक प्रशासनिक सर्जरी के रूप में ही देखा गया।
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पर, अब प्रशासन के गलियारों में अच्छी खासी किरकिरी होने और कलेक्टर की जांच रिपोर्ट आने के बाद उनको कमिश्नर द्वारा निलंबित कर दिया गया है। बताया जाता है कि कमिश्नर ने उनके निलंबन के आदेश शुक्रवार को ही जारी कर दिए थे। वहीं डिप्टी कलेक्टर अनिल जैन को सोहागपुर SDM का पदभार भी सौंप दिया गया है। इधर डिप्टी कलेक्टर असवान राम चिरामन ने सभी आरोपों को झूठा बताया है। उनका कहना है कि कुछ लोग उनके खिलाफ साजिश रच रहे हैं। उन्होंने 8 माह तक अपने पद SDM सोहागपुर पर रहते हुए पूरी निष्ठा से कार्य किया। पर बाद में अपने कड़े अनुशासन और राजस्व महाअभियान में सख्ती करने पर कुछ कर्मचारियों,अधिकारियों को उनका यह रुख अच्छा नहीं लगा जिस कारण से उनके खिलाफ साजिश रची गई है।
ज्ञात रहे कि श्री चिरामन पहले भी एक महिला से अपने जूते के लेस बंधवाने के बाद विवादों में आ चुके हैं। तब उन्हें सीएम के निर्देश पर हटाया गया था।
बताया गया है कि शिकायत मिलने पर नर्मदा पुरम संभाग के कमिश्नर के जी तिवारी ने उनके मामले की कलेक्टर से जांच कराई थी। जिसमें महिला कर्मचारियों के साथ पटवारियों के भी बयान दर्ज किए गए थे। इसके बाद कलेक्टर की रिपोर्ट मिलने पर कमिश्नर के जी तिवारी ने असवान राम चिरामन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए निलंबन आदेश जारी किया।
असवान राम चिरामन नर्मदापुरम जिले के सोहागपुर में विगत 8 माह से एसडीएम के रूप में पदस्थ थे। शिकायतों के बाद उन्हें 22 मार्च को SDM पद से हटा दिया गया था और कलेक्ट्रेट में अटैच कर दिया गया था। पर इस फैसले के खिलाफ वे कोर्ट चले गए थे। हाईकोर्ट से उन्हें स्टे मिल गया था। हालांकि, इस बीच जिला प्रशासन की जांच चलती रही। महिला कर्मचारियों के बयान और जांच रिपोर्ट के आधार पर कमिश्नर केजी तिवारी ने डिप्टी कलेक्टर असवान राम चिरामन को अब निलंबित करने का आदेश दिया है।
निष्पक्ष जांच की मांग की चिरामन ने
इधर असवान राम चिरामन ने सभी आरोपों को सरासर झूठा करार दिया। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि कुछ अधिकारी, कर्मचारी उनके खिलाफ साजिश रच रहे हैं।