सदन में अपनों से घिरे स्कूल शिक्षा मंत्री परमार

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MP Budget 2022

सदन में अपनों से घिरे स्कूल शिक्षा मंत्री परमार

भोपाल: विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान सबसे पहला सवाल विधायक उमाकांत शर्मा ने सीएम राइज स्कूल और संस्कृत आदर्श विद्यालय को लेकर किया। शर्मा ने पूछा कि प्रदेश के किन जिलों में ये स्कूल खोले गए हैं। साथ ही सिरोंज और लटेरी में सीएम राइज स्कूल और संस्कृत आदर्श विद्यालय के निर्माण व इसके लिए स्वीकृति राशि, तय स्थान की जानकारी मांगी गई। इन विद्यालयों में शिक्षकों, अतिथि शिक्षकों की पदस्थापना की जानकारी भी चाही गई। सदन में इस पर दिए गए जवाब को लेकर विधायक शर्मा स्कूल शिक्षा मंत्री परमार के जवाब से सदन में संतुष्ट नहीं हुए और विधानसभा अध्यक्ष से संरक्षण मांगा। उन्होंने मंत्री पर गलत जानकारी देने का आरोप लगाते हुए कहा कि 2013 से 2023 आ गया लेकिन संस्कृत विद्यालय के लिए जमीन तय नहीं हो सकी है। शर्मा ने डीपीआर बनाने वालों पर कार्यवाही की भी मांग रखी। इस पर मंत्री नरोत्तम मिश्रा और गोपाल भार्गव ने विधायक शर्मा का साथ दिया और कहा कि वे खुद जाकर देखेंगे कि क्या स्थिति है? दोनों ही मंत्रियों ने स्कूल शिक्षा मंत्री परमार से विधायक द्वारा उठाए गए मुद्दे का समाधान करने को कहा। शर्मा ने अध्यक्ष को संबोधित कर यहां तक कहा कि मैं गिड़गिड़ा रहा हूं। आपकी शरण में हूं, समस्या का समाधान कराइए।

इसी दौरान विधायक सज्जन सिंह वर्मा ने सीएम राइज स्कूलों के भवन न बन पाने और इसके प्रचार पर खर्च होने वाली राशि का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि जब भवन बनाने का पैसा नहीं था तो प्रचार में क्यों करोड़ों रुपए खर्च कर दिए। मंत्री बताएं कि कब भवन बनेंगे और प्राचार्य कब तक स्कूलों में आ जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के पास न स्कूलों के भवन हैं न खेल मैदान और न ही प्राचार्य हैं। स्कूली छात्रों का भविष्य अंधकार मय कर दिया है। इस पर मंत्री नरोत्तम ने कहा कि जब विधायक सज्जन मंत्री थे तो पेड़ के नीचे स्कूल लगते थे और पांच सौ रुपए में टीचर नियुक्त थे। इन्हें अच्छे काम की तारीफ करना नहीं सिर्फ आलोचना करना आता है।