
Simhasth 2028: संभागीय आयुक्त आशीष सिंह और अधिकारी उबड़-खाबड़ रास्तों पर 6 km पैदल चले, शिप्रा घाट तक सुविधाजनक पहुंचने के लिए चिन्हित किए 25 मार्ग
उज्जैन: सिंहस्थ 2028 महापर्व के लिए निर्माणाधीन विकास कार्यों के पूरा करने की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। अलौकिक विश्व स्तरीय सिंहस्थ महापर्व के तहत निर्माणाधीन कार्यों को शीघ्र गुणवत्ता के साथ पूरा करने के उद्देश्य से संभाग आयुक्त और मेला अधिकारी आशीष सिंह कलेक्टर सहित अन्य अधिकारियों के साथ प्रतिदिन कार्यों का निरीक्षण कर रहे है।
बता दें कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्पष्ट कहा है कि सिंहस्थ के दौरान आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को सुविधा उपलब्ध कराने में कोई कमी नहीं रहे। प्रशासनिक अमला अब सिंहस्थ के कार्यों में तेजी से जुट गया है।

घाट से जोड़ने वाले प्रस्तावित एप्रोच रोड़ के स्थान चिन्हित करने के चौथे दिन मंगलवार को भी प्रशासनिक अधिकारियों ने खेत की मेड़ से उबड़-खाबड़ रास्तों पर पैदल भ्रमण करते हुए 6 किलोमीटर क्षेत्र में निरीक्षण कर 25 स्थान चिन्हित किए। चार दिनों में 21 किलोमीटर का भ्रमण कर कुल 90 स्थानों को चिन्हित किया गया है।

संभागायुक्त सह सिंहस्थ मेला अधिकारी श्री आशीष सिंह, कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री अभिलाष मिश्रा ने नियमित निरीक्षण के तहत मंगलवार को अलग-अलग विभागों के अधिकारियों के साथ भैरवगढ़ क्षेत्र स्थित नागदा-उन्हेल मार्ग ब्रिज के नीचे से निरीक्षण कार्य प्रारंभ किया। खेतों की मेड़ से होकर उबड़-खाबड़ मार्गों से होकर अधिकारियों ने शिप्रा नदी पर निर्माणाधीन घाट से सटे स्थानों पर घाट तक पहुंचने के लिए प्रस्तावित पहुंच मार्ग तैयार करने की स्थिति देखने के बाद स्थानों को चिन्हित किया है। ऐसे स्थानों को चिन्हित किया जा रहा है जिसमें घाट तक पहुंचने में श्रद्धालुओं को अधिक पैदल नही चलना पड़े और मार्ग सुविधाजनक रहे।

संभागायुक्त श्री सिंह ने अधिकारियों के साथ निरीक्षण करते हुए श्री अंगारेश्वर मंदिर के सामने घाट तक पहुंच मार्ग से जोड़ने के लिए घाट के ऊपर तक 12 मीटर की चौड़ाई रखने और मंदिर क्षेत्र से 200 मीटर की दूरी पर रैंप बनाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही श्री मंगलनाथ मंदिर के आगे मंगलनाथ क्षेत्र की मुख्य सड़क से घाट तक पहुंच मार्ग का प्लान तैयार करने के निर्देश यूडीए सीईओ श्री संदीप सोनी को दिए। इसके बाद मौन तीर्थ के सामने, भैरवगढ़ ब्रिज के समीप, श्री काल भैरव मंदिर के सामने, श्री विक्रांत भैरव मंदिर के सामने, औखलेश्वर श्मशान घाट के समीप, श्री भर्तृहरि गुफा, श्री ऋणमुक्तेश्वर के सामने, वाल्मीकि घाट, सोमतीर्थ, कर्कराज तक करीब छह किलोमीटर का भ्रमण करते हुए 25 स्थानों को पहुंच मार्ग के लिए स्थान चिन्हित किए है।

संभागायुक्त श्री सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो स्थान चिन्हित किए गए है, उन स्थानों को सुविधाओं के साथ विकसित किया जाए। निरीक्षण के दौरान संभागायुक्त श्री सिंह और कलेक्टर श्री सिंह ने घाट निर्माण कार्यों की स्थिति भी देखी। निर्माण एजेंसी को गुणवत्ता पूर्ण कार्य करने के निर्देश दिए। संभागायुक्त श्री सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर 29 किलोमीटर क्षेत्र में नवीन घाट का निर्माण किया जा रहा है। इतने लंबे क्षेत्र में अलग-अलग मार्गों के साथ घाट निर्मित होने के बाद सिंहस्थ के दौरान आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को शिप्रा नदी में स्नान कराने के साथ ही भीड़ नियंत्रण में सुविधा होगी। सिंहस्थ कार्यों में लगे सभी अधिकारी श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्लान तैयार करें।





