
तीसरी सीट को लेकर सस्पेंस बरकरार: कांग्रेस के कई नाराज विधायक भाजपा के संपर्क में, बीजेपी कर सकती है तीसरा उम्मीदवार भी घोषित
भोपाल: मध्यप्रदेश से राज्यसभा की तीसरी सीट को लेकर अब भी सस्पेंस बरकरार है। इस बीच चौंकान वाली जानकारी भी सामने आ रही है कि कांग्रेस के कुछ नाराज विधायक भाजपा के संपर्क में हैं। इनका दबाव ही भाजपा की ओर से तीसरी सीट के लिए उम्मीदवार उतारने को बढ़ावा दे रहा है।
इधर भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने भी इस पर विचार करना शुरू कर दिया है। वह कोई ऐसा उम्मीदवार उतार सकती है, जिसे दो सीटों के बाद बचे हुए विधायक समर्थन दे सकते हैं। गौरतलब है कि प्रदेश की राज्यसभा की तीन सीटों पर हो रहे चुनाव के लिए भाजपा ने दो उम्मीदवार और कांग्रेस ने एक उम्मीदवार घोषित कर दिया है। वर्तमान स्थिति में विधायकों की संख्या के अनुसार भाजपा के पास दो और कांग्रेस के पास एक सीट आना है।
सूत्रों की मानी जाए तो कांग्रेस के करीब आधा दर्जन विधायक भाजपा के कुछ नेताओं के संपर्क में हैं। ये विधायक जानते थे कि पार्टी मीनाक्षी नटराजन को मैदान में उतार सकती है, इसलिए वे पहले से ही अपनी रणनीति बनाए हुए थे। अब वे भाजपा के नेताओं को यह संदेश भेज चुके हैं कि पार्टी तीसरी सीट पर भी उम्मीदवार उतारे ताकि वे क्रास वोटिंग कर सके।
इसके बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि ऐन वक्त यानि रविवार की शाम या सोमवार की सुबह तीसरी सीट के लिए भी कोई उम्मीदवारी पेश कर सकता है। जिसे वोटिग से पहले भाजपा के 116 विधायकों के बाद बचे हुए अतिरिक्त 48 विधायक समर्थन देंगे और कांग्रेस के कुछ विधायक भी इस उम्मीदवार को वोट देंगे। जबकि कांग्रेस के पास 64 विधायक हैं, इनमें से बीना की विधायक निर्मला सप्रे भाजपा जिस तीसरे उम्मीदवार को समर्थन देगी उसके साथ जा सकती है। वहीं भारत आदिवासी पार्टी के कमलेश डोडियार को भी भाजपा जिसे समर्थन देगी उसके साथ जा सकते हैं। ऐसी स्थिति में 50 वोट तो तीसरे उम्मीदवार को आसानी से मिल सकते हैं। बाकी बचे हुए आठ विधायकों के वोट पर तीसरी सीट का भविष्य तय करेगा। ऐसे में तीसरी सीट के लिए चुनाव दिलचस्प हो सकता है।
इसलिए खेला कांग्रेस ने महिला कार्ड
कांग्रेस के केंद्रीय नेताओं ने भी बहुत ही सोच समझ कर महिला नेता मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया है। जब देश भर में महिला आरक्षण को लेकर चर्चाएं जोरो पर हैं, ऐसी स्थिति में तीसरे उम्मीदवार को भाजपा विधायकों द्वारा समर्थन देने से कांग्रेस यह मुद्दा बना सकती है कि महिला को उच्च सदन में भेजने से भाजपा रोकना चाहती है।




