WhatsApp Image 2025 08 07 At 9.31.47 PM
Home खबरों की खबर

CG में बुरे हाल टमाटर के, किसान खून के आंसू रो रहे हैं!

WhatsApp Image 2025 02 24 At 16.50.48

CG में बुरे हाल टमाटर के, किसान खून के आंसू रो रहे हैं!

विनोद काशिव की खास रिपोर्ट

रायपुर: छत्तीसगढ़ में टमाटर की खेती करने वाले किसान खून के आंसू रो रहे हैं, क्योंकि खेतों में कई टन टमाटर की फसल तैयार है लेकिन उसका खरीदार कोई नहीं है.

जशपुर के लुड़ेग में टमाटर 1 रुपये प्रति किलो के भाव बिक रहा है. इससे किसानों को लाखों का नुकसान उठाना पड़ रहा है. इस समस्या से परेशान किसान आज कई टन टमाटर सड़कों में फेंक कर सस्ते दाम का विरोध प्रदर्शन करते नजर आए.

WhatsApp Image 2025 02 24 at 16.50.48 1

दरअसल, इन दिनों टमाटर अधिकतम 10 रुपए किलों के भाव बिक रहे हैं. अन्य राज्यों में भी टमाटर की अच्छी पैदावार होने के चलते प्रदेश के किसान दूसरे राज्यों की मंडियों तक टमाटर नहीं भेज पा रहे हैं. स्थिति ऐसी बन गई है कि खेतों में टमाटर की फसलें पड़ी-पड़ी सड़ने लगी हैं. सस्ते दाम और कम डिमांड के चलते लुड़ेग क्षेत्र के किसान खून के आंसू रो रहे हैं. यह स्थिति छह साल बाद फिर उत्पन्न हुई है, जिससे किसान टमाटर तोड़कर फेंकने को मजबूर हो रहे हैं.जिले में 1 लाख एकड़ से ज्यादा क्षेत्र में टमाटर की खेती होती है, जिसमें लगभग 11 हजार किसान शामिल हैं.

बता दें कि टमाटर की खेती में एक बीघे में 20 से 25 हजार रुपये की लागत आती है. जबकि एक बीघे में डेढ़ से 2 लाख रुपये तक की कमाई होती है.हाइब्रिड टमाटर की खेती में खर्च कुछ ज्यादा होता है, खासकर कीटनाशक दवाइयों पर. हालांकि, यह खेती ज्यादा मुनाफा देने वाली होती है. हाइब्रिड टमाटर की खेती आमतौर पर मल्चिंग विधि से की जाती है, जो पौधों के लिए फायदेमंद साबित होती है.