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बड़वाह के 2 श्रद्धालुओं की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत, 8 परिजन घायल; होटल कारोबारी और वन विभाग कर्मचारी की पत्नी ने गंवाई जान  

बड़वाह के 2 श्रद्धालुओं की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत, 8 परिजन घायल; होटल कारोबारी और वन विभाग कर्मचारी की पत्नी ने गंवाई जान

खरगोन : मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के बड़वाह नगर के लिए बुधवार की सुबह उस समय मातम लेकर आई, जब राजस्थान के दौसा जिले में हुए भीषण बस हादसे में बड़वाह के दो श्रद्धालुओं की मौत की खबर मिली। माता वैष्णो देवी के दर्शन कर लौट रहे दोनों परिवारों की बस ट्रॉले से टकराने के बाद आग का गोला बन गई। इस हादसे में बड़वाह के दो अलग-अलग परिवारों के दो लोगों की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य सदस्य घायल हो गए।

मृतकों की पहचान 29 वर्षीय होटल व्यवसायी दीपक तंवर और 35 वर्षीय प्रियंका पांडे के रूप में हुई है। दोनों अलग-अलग परिवारों से थे और धार्मिक यात्रा से लौटते समय एक ही बस में सवार थे।

वार्ड क्रमांक-5 निवासी होटल व्यवसायी दीपक तंवर अपने भाई सनी तंवर, दोनों की पत्नियों और तीन बच्चों के साथ वैष्णो देवी दर्शन के लिए गए थे। परिवार के सदस्य इस धार्मिक यात्रा को लेकर बेहद उत्साहित थे। दीपक के भाई सनी यात्रा के दौरान लगातार वीडियो और इंस्टाग्राम रील बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर रहे थे।

दीपक की बहन कविता तंवर ने बताया कि परिवार ने पहले ट्रेन से दो दिन बाद लौटने की योजना बनाई थी, लेकिन घर पर उनके पिता अकेले होटल का संचालन कर रहे थे। इसी वजह से सभी ने तय समय से पहले बस से लौटने का निर्णय लिया।

उन्होंने बताया कि रात करीब 12 बजे परिवार से अंतिम बार बातचीत हुई थी। बुधवार सुबह परिजन उन्हें इंदौर के सरवटे बस स्टैंड पर लेने जाने वाले थे, लेकिन तड़के करीब ढाई बजे सनी का फोन आया कि बस का एक्सीडेंट हो गया है और उसमें आग लग गई है। उसने बताया कि दीपक लापता हैं। कुछ समय बाद सूचना मिली कि उनकी मौत हो चुकी है।

हादसे में दीपक तंवर के परिवार के पांच सदस्य घायल हुए हैं। इनमें उनका सात वर्षीय पुत्र वंशराज, 24 वर्षीय पत्नी दिव्या, 26 वर्षीय भाई सनी तंवर, 24 वर्षीय भाभी नेहा तंवर तथा उनकी बेटी याशिका शामिल हैं। सभी का उपचार चल रहा है।

हादसे में प्रभावित दूसरा परिवार बड़वाह के दशहरा मैदान निवासी जितेंद्र पांडेय का है। जितेंद्र पांडेय बड़वाह वन मंडल कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत हैं। वे अपनी 35 वर्षीय पत्नी प्रियंका पांडे और 13 वर्षीय बेटे अभिनव के साथ यात्रा के लिए गए थे।

परिजनों के अनुसार परिवार बेटे का जन्मदिन और अपनी शादी की सालगिरह मनाने के लिए इस यात्रा पर गया था। हादसे के दौरान जितेंद्र पांडेय और उनका बेटा किसी तरह बस से बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन प्रियंका पांडेय आग की लपटों में फंस गईं और उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

बड़वाह वन परिक्षेत्र अधिकारी निशांत दोशी ने प्रियंका पांडे की मौत की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि जितेंद्र वन विभाग के संभागीय कार्यालय बड़वाह में कंप्यूटर ऑपरेटर हैं और मूल रूप से रीवा जिले के निवासी हैं।

राजस्थान के दौसा पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी सूची के अनुसार हादसे में अब तक आठ लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। इनमें से सात शव इतने बुरी तरह जल चुके हैं कि उनकी पहचान मौके पर नहीं हो सकी। केवल एक शव की पहचान हो पाई है।

पुलिस के मुताबिक बस में यात्रा कर रहे जिन यात्री अभी तक लापता हैं, उन्हें मृत मानते हुए सूची में शामिल किया गया है। शेष शवों की पहचान डीएनए परीक्षण और अन्य वैज्ञानिक तरीकों से की जाएगी।

राजस्थान के दौसा जिले में ऋषिकेश से इंदौर आ रही यात्री बस के दुर्घटनाग्रस्त होने पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि हादसे में कई यात्रियों के निधन का समाचार अत्यंत दुखद और हृदयविदारक है। मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार राजस्थान शासन के साथ लगातार संपर्क में है और प्रभावित यात्रियों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने दिवंगतों की आत्मा की शांति तथा परिजनों को यह दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की। साथ ही हादसे में घायल सभी यात्रियों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।