Vallabh Bhawan Corridors To Central Vista: महिला IAS और पत्रकार ने रिश्तों के बंधन की अनूठे अंदाज में बजाई शहनाई!

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Vallabh Bhawan Corridors To Central Vista

महिला IAS और पत्रकार ने रिश्तों के बंधन की अनूठे अंदाज में बजाई शहनाई!

Vallabh Bhawan Corridors To Central Vista;इन दिनों एक महिला IAS की शादी की खासी चर्चा है। आम तौर पर IAS लॉबी के बारे में लोगों की धारणा है कि ये अपनी निजी जिंदगी की बातों को आम नहीं होने देते। लेकिन, शैलबाला मार्टिन ने इससे परहेज नहीं किया और बेहद अनोखे और संवेदनशील तरीके से सोशल मीडिया पर अपनी होने वाली शादी की सूचना दी।

वे वरिष्ठ पत्रकार डॉ राकेश पाठक की जीवनसाथी बनने जा रही है। शैलबाला मार्टिन ने सोशल मीडिया पर जिस तरह की अभिव्यक्ति दी, उसे सराहा जा रहा है। खास बात ये कि डॉ पाठक और शैलबाला दोनों ने नव संवत्सर के दिन एक साथ और एक ही समय पर सोशल मीडिया पर अपनी-अपनी पोस्ट करके इस नए बंधन पर अपनी बात कही।

Vallabh Bhawan Corridors To Central Vista: महिला IAS और पत्रकार ने रिश्तों के बंधन की अनूठे अंदाज में बजाई शहनाई!

IAS शैलबाला मार्टिन की अभिव्यक्ति में डॉ पाठक के परिवार और उनकी दिवंगत पत्नी के बारे में जिस संवेदना से लिखा गया, वो इस रिश्ते की गंभीरता दर्शाने के साथ दोनों के बीच आपसी समझ का अहसास कराता है।

डॉ पाठक की दोनों बेटियों के बारे में शैलबाला का यह लिखना कि ‘प्यारी बेटियां सौम्या और शची अब मेरी बेटियां है।’ पढ़ने वाले किसी भी संवेदनशील व्यक्ति की आंखों की पोरों को गीला कर सकता है। डॉ राकेश पाठक की दिवंगत पत्नी श्रीमती प्रतिमा पाठक के बारे में भी शैलबाला ने लिखा ‘परमेश्वरधाम से प्रतिमा जी की शुभेच्छाएं भी हमारे साथ होंगी!’ वास्तव में द्रवित करने वाले विचार होने के अलावा रिश्ते के प्रति उनकी संवेदना दर्शाता है।

डॉ राकेश पाठक ने भी अपनी पोस्ट में ऐसी ही भावनाएं व्यक्त की। उन्होंने भी जताया कि इस नए रिश्ते के बंधन को उनकी दोनों बेटियों के साथ पूरे परिवार की स्वीकृति थी। बल्कि, बेटियों ने ही पहल की और दिवंगत पत्नी की माता जी ने इस रिश्ते को अपना आशीर्वाद दिया।

‘मीडियावाला’ परिवार की ओर से हार्दिक बधाइयां और शुभकामनाएं.

राज्यसभा की रेस: अरुण और अजय हुए सक्रिय

आगामी जून माह में मध्य प्रदेश से तीन राज्य सभा सीटें खाली हो रही है। इन सीटों में से दो भारतीय जनता पार्टी और एक कांग्रेस के खाते में हैं। बीजेपी की ओर से एमजे अकबर और सम्पतिया उइके एवं कांग्रेस की ओर से विवेक तन्खा सीट खाली करेंगे। मौजूदा विधानसभा का बहुमत देखने के बाद एक सीट कांग्रेस के खाते में जाने की संभावना है। कांग्रेस की इस सीट के लिए जहां विवेक तंखा का दावा तो है ही फिर भी मध्यप्रदेश में दो वरिष्ठ नेता अरुण यादव और अजय सिंह पुरजोर प्रयास कर रहे हैं और उन्होंने इसी के चलते सक्रियता काफी बढ़ा ली है।

पूर्व प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अरुण यादव ने पिछले दिनों कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से दिल्ली में भेंट कर 2018 के विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए वादा को याद दिलाया। तब राहुल गांधी ने अरुण यादव के सामने बुधनी से चुनाव लड़ने के लिए कहा था। इस पर शिवराज सिंह के खिलाफ यादव मैदान में आ गए लेकिन हार गए थे। अब यादव उस वादे को पूरा करने के लिए आलाकमान पर दबाव बना रहे हैं, जिस पर राहुल गांधी ने बदले में राज्य सभा भेजने के लिए कहा था। सोनिया गांधी से मिलने के बाद अरुण यादव प्रदेश में विस्तृत दौरा कर रहे हैं।

Vallabh Bhawan Corridors To Central Vista: महिला IAS और पत्रकार ने रिश्तों के बंधन की अनूठे अंदाज में बजाई शहनाई!

पिछले दिनों विंध्य क्षेत्र के कांग्रेस के क्षत्रप नेता की पीड़ा सामने आई है। सतना जिले के मैहर में आयोजित एक सभा में पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल ने सक्रियता बढ़ाने के लिए खुल कर दायित्व की डिमांड रखी। 38 सेकंड के वायरल वीडियो में अजय सिंह यह कहते नजर आ रहे हैं कि कोई पद मिले तो वह और अपनी सक्रियता बढ़ाएं। नहीं तो ऐसे ही चलता रहेगा। मैहर की सभा में अजय सिंह की इन बातों को आगामी दिनों में होने जा रहे राज्यसभा चुनाव से जोड़ कर देखा जा रहा है।

हम यहां यह याद दिलाना चाहते हैं कि दो साल पहले राज्य सभा की सीट के लिए ज्योतिरादित्य सिंधिया और दिग्विजय सिंह के बीच खींचतान के कारण कमलनाथ की सरकार गिर गई थी। नाराज सिंधिया ने बीजेपी का दामन थाम लिया था।

Digvijay Kamalnath Jyotiraditya PTI

सूत्रों के मुताबिक, अगर कांग्रेस के लिए 2023 के विधानसभा चुनाव में मुश्किल खड़ी होना तय है। अजय सिंह और अरुण यादव, दोनों ही राज्यसभा जाने को तैयार बैठे हैं, लेकिन पार्टी के पास सिर्फ एक सीट ही खाली है। ऐसे में अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस एक सीट पर इन दोनों नेताओं में से किसी का चयन होता है या फिर से कहीं तंखा बाजी ना मार जाए?

क्या अब विकास आयुक्त भी ACS होंगे!

भारतीय प्रशासनिक सेवा में 1996 के बेच के अधिकारी प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव पिछले एक साल से उच्च पद पर विराजमान हैं जहां पर उनके पूर्व हमेशा अपर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी ही पदस्थ रहे हैं। यहां बता दें कि उमराव पिछले एक साल से विकास आयुक्त और ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव के पद पर तैनात हैं। यहां पूर्व में प्रमुख सचिव तो कई रहे लेकिन वह हमेशा अपर मुख्य सचिव के अंतर्गत ही पदस्थ रहे हैं। पूर्व में अरुणा शर्मा, वर्तमान मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस से लेकर उमराव के पहले मनोज श्रीवास्तव तक अपर मुख्य सचिव के स्तर के अधिकारी ही इस पद पर पदस्थ रहे हैं।

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हालांकि जब भी IAS अधिकारियों में वरिष्ठ स्तर पर फेरबदल की चर्चा होती है तो उमराव को बदलने की भी चर्चा प्रशासनिक गलियारों में होती है लेकिन वे बदले नहीं जाते हैं।

राज्य शासन ने हाल ही में कुछ ऐसे पदों पर, जहां पर प्रमुख सचिव तैनात थे ,वहां अपर मुख्य सचिव पदस्थ कर दिए हैं। माना जा रहा है कि अगले किसी भी रिशफल में उमराव को भी हटाकर यहां अपर मुख्य सचिव पद के स्तर का अधिकारी तैनात किया जा सकता है।

यह खोज का विषय जरूर है कि अपर मुख्य सचिव स्तर के अति महत्वपूर्ण पद पर प्रमुख सचिव स्तर का अधिकारी (वह भी काफी जूनियर) पिछले एक साल से आखिर क्यों राज कर रहा है?

मीडियावाला ने जब इस बारे में तहकीकात की तो पता चला है कि उमराव अपने काम में तो माहिर है लेकिन माना जा सकता है कि इससे भी ज्यादा उनकी अपनी तिकड़म है। इसके बाद शायद इस विषय में कुछ कहना ठीक नहीं होगा।

CJI के भाषण ने सरकारी गलियारों में बढ़ाई हलचल

सीबीआई के एक कार्यक्रम में भारत के प्रधान न्यायाधीश रमन्ना के भाषण ने सरकारी गलियारों में हलचल बढा दी है। रमन्ना ने सभी जांच एजेंसियों को एक छत के नीचे लाने की बात कह कर इस मुद्दे को हवा दे दी। गलियारों में बहस इसी बात को लेकर बहस जारी है कि प्रधान न्यायाधीश ने इतनी बड़ी बात किसके इशारे पर कही। कुछ लोग तो उस कथित ‘इशारे बाज’ का पता लगाने में व्यस्त हो गए हैं। अब देखना है कि इन खोजियों को कितनी सफलता मिलती है।

बढ़ते जा रहे हैं केंद्र में सचिवों के खाली पद

केंद्र सरकार मे सचिवों के खाली पदों की संख्या बढती जा रही है। कानून और न्याय मंत्रालय मे सचिव के दो पद वर्तमान में खाली है। न्याय विभाग और विधिक मामले में नियमित सचिव नहीं है और इनका दायित्व अन्य सचिव को दिया गया है। केंद मे युवा मामले, इलेक्ट्रॉनिक तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, रक्षा उत्पादन, सुरक्षा, पेंशन और पेंशन कल्याण विभाग में सचिन के पद पहले से ही खाली चल रहे हैं।

MP कैडर की वरिष्ठ IAS की केंद्रीय डेपुटेशन की अवधि एक साल और बढ़ी

नई दिल्ली में केंद्रीय डेपुटेशन पर पदस्थ मध्य प्रदेश कैडर की वरिष्ठ IAS अधिकारी अलका उपाध्याय के केंद्रीय डेपुटेशन की अवधि एक साल और बढ गई है जो कि 9 अप्रैल 2022 से प्रभावी होगा।

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कैबिनेट मामलों की नियुक्ति समिति ने श्रीमती उपाध्याय की अवधि विस्तार को मंजूरी दे दी है। वे 1990 बैच की मध्य प्रदेश काडर की IAS अधिकारी हैं और वर्तमान में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की अध्यक्ष हैं।

मीडियावाला के कॉलम की खबर पर फिर लगी मुहर

मीडियावाला ने अपने 21 मार्च के वल्लभ भवन कॉरिडोर टू सेंट्रल विस्ता कॉलम में यह खबर लिखी थी कि नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एसीपी केसरी के रिटायर होने पर उनका कार्यभार 1990 बैच के आईएएस अधिकारी अपर मुख्य सचिव एसएन मिश्रा को मिलेगा और यही हुआ। जब आदेश हुए तो मीडिया वाला के कॉलम में दी गई खबर पर मुहर लग गई।

mediawala.in

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इसके पहले भी मीडियावाला ने अपने इसी कॉलम में भारतीय प्रशासनिक सेवा के रिटायर अधिकारी एमबी ओझा को सहकारी निर्वाचन प्राधिकारी के चेयरमैन पद पर नियुक्त करने का प्रिडिक्शन किया था और यह खबर भी एकदम सही साबित हुई।

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Suresh Tiwari
सुरेश तिवारी

MEDIAWALA न्यूज़ पोर्टल के प्रधान संपादक सुरेश तिवारी मीडिया के क्षेत्र में जाना पहचाना नाम है। वे मध्यप्रदेश् शासन के पूर्व जनसंपर्क संचालक और मध्यप्रदेश माध्यम के पूर्व एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर रहने के साथ ही एक कुशल प्रशासनिक अधिकारी और प्रखर मीडिया पर्सन हैं। जनसंपर्क विभाग के कार्यकाल के दौरान श्री तिवारी ने जहां समकालीन पत्रकारों से प्रगाढ़ आत्मीय रिश्ते बनाकर सकारात्मक पत्रकारिता के क्षेत्र में महती भूमिका निभाई, वहीं नए पत्रकारों को तैयार कर उन्हें तराशने का काम भी किया। mediawala.in वैसे तो प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की खबरों को तेज गति से प्रस्तुत करती है लेकिन मुख्य फोकस पॉलिटिक्स और ब्यूरोक्रेसी की खबरों पर होता है। मीडियावाला पोर्टल पिछले सालों में सोशल मीडिया के क्षेत्र में न सिर्फ मध्यप्रदेश वरन देश में अपनी विशेष पहचान बनाने में कामयाब रहा है।