
Vande Mataram : वंदे मातरम् देश की आत्मा, हर भारतीय के रग-रग में बसता हैं राष्ट्रगान का गौरव: डीआरएम अश्विन कुमार.
Ratlam : “वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा, हमारी संस्कृति और मातृभूमि के प्रति समर्पण एवं राष्ट्रभक्ति की जीवंत अभिव्यक्ति है। यह हर भारतीय के रग-रग में बसा हुआ है, जिस पर हमें सदैव गर्व था, है और रहेगा।” यह बात मंडल रेल प्रबंधक डॉ. अश्विन कुमार ने कही। भारतीय संस्कृति मंत्रालय, नई दिल्ली, भारत सरकार द्वारा “वंदे मातरम्” के 150वें गौरवशाली वर्ष के उपलक्ष्य में देशव्यापी वंदे मातरम् प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। इस प्रतियोगिता में देशभर से हजारों नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रतलाम से भी 35 प्रतिभागियों ने विभिन्न विधाओं में अपनी प्रस्तुतियां भेजीं।
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को भारतीय संस्कृति मंत्रालय, नई दिल्ली के डायरेक्टर राजीव कुमार एवं मधु खंडेलवाल द्वारा प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मानित प्रतिभागियों में अर्चना झालानी, सीमा बोथरा, सीमा खंडेलवाल, मनमीन बेद, प्रियंका खंडेलवाल, सुनीता जैन, हेमलता अग्रवाल, करिश्मा जैन, विपुल राठौड़, टीना गेहलोत, मानसी बाहेती, जाह्नवी बाहेती, सोम्या पेठनकर, रीतू वर्मा सहित अन्य प्रतिभागी शामिल रहे।
उल्लेखनीय है कि इस अवसर पर सुमधुरा सखी सहेली संस्था द्वारा ऑनलाइन एवं ऑफलाइन विशेष कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया। कार्यक्रम का निर्देशन मधु खंडेलवाल, नई दिल्ली द्वारा किया गया, जबकि एडिटिंग का कार्य अर्चना झालानी ने संभाला।
सभी प्रतिभागियों ने मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय पहुंचकर डीआरएम डॉ. अश्विन कुमार से सौजन्य भेंट की। इस दौरान मंडल रेल प्रबंधक डॉ. अश्विन कुमार एवं वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (समन्वय) पीयूष शर्मा ने प्रतिभागियों की उत्कृष्ट प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित किया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित प्रतिभागियों ने सुमधुर स्वर में “वंदे मातरम्” गीत की भावपूर्ण प्रस्तुति देकर वातावरण को राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत कर दिया!





