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वही भाजपा भी इस मामले को लेकर कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है। पूर्व मंत्री और विधायक पारस जैन ने इस वीडियो को भ्रम पैदा करने वाला बताकर कहा है कि कांग्रेस की मति भ्रष्ट गई है।
पूर्व मंत्री और विधायक पारस जैन ने कहा कि वीडियो में मैंने भी देखा है भगवान शिव का नाम लेकर कह रहे हैं कि कांग्रेस को, कमलनाथ को लाना पड़ेगा। इस तरह के वीडियो से न तो जनता गुमराह होगी और न ही कांग्रेस पर कोई भरोसा करेगा। मैं समझता हूं कि महाकाल का नाम लेकर इस तरह का प्रचार नहीं करना चाहिए।
स्वास्तिक पीठाधीश्वर क्रांतिकारी संत डॉ अवधेश पुरी ने इस मामले में कहा कि भगवान शिव और नारद मुनि का इस तरह दुरुपयोग करना सनातन धर्म और संस्कृति के खिलाफ है। कांग्रेस को ऐसी नौटंकी कर धर्म का मजाक नहीं उड़ाना चाहिए। यह हम सहन नहीं करेंगे। यह नहीं रुका, तो हम कोर्ट तक जाएंगे। रही बात भ्रष्टाचार की, तो इसकी जांच चल ही रही है। यदि कांग्रेस को वीडियो ही बनाना था तो पूर्व मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ द्वारा अपने जन्मदिन पर हनुमानजी वाले केक काटते हुए का बनाना था।
जिससे हनुमान जी को भी पता चलता है कि उनके भक्त आखिर क्या कर रहे हैं। वहीं, महामंडलेश्वर शैलेशानंद ने कहा, राजनीति में गिरती हुई भाषा का प्रयोग हम देख रहे हैं। हमारे आराध्य देवों को भी राजनीति में खींचा जा रहा है, ये उचित नहीं है। इस प्रकार के कृत्य से दूर रहना चाहिए।
बताया जाता है कि यह वीडियो महादेव सीरियल के कुछ भाग को एडिट और डबिंग कर बनाया गया है। इसमें नारद सप्तऋषि की मूर्तियों को गिरते हुए देखकर कहते हैं, महाकाल लोक की यह दुर्दशा भोलेनाथ आपकी नगरी उज्जैयनी में। इस पर महादेव क्रोधित होकर बोलते हैं, मैं जानता हूं कि वहां क्या हुआ है, जनता के रक्षक ही भक्षक बन बैठे हैं, अब कमलनाथ को लाना ही होगा।
राजनैतिक हलकों में चर्चा है कि इस वायरल वीडियो का कांग्रेस को कितना फायदा मिलेगा या विरोध कर भाजपा को कितना अब यह तो समय ही बताएगा।