Virat Ramayan Mandir: पूर्वी चंपारण में दिव्य दृश्य, विश्व के सबसे बड़े अखंड शिवलिंग की स्थापना

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Virat Ramayan Mandir: पूर्वी चंपारण में दिव्य दृश्य, विश्व के सबसे बड़े अखंड शिवलिंग की स्थापना

पूर्वी चंपारण जिले के कल्याणपुर प्रखंड के कैथोलिया स्थित जानकी नगर में बने रहे Virat Ramayan Mandir में शनिवार को दुनिया के सबसे बड़े अखंड शिवलिंग ‘सहस्रलिंगम’ की स्थापना हुई।इस आयोजन के लिए बड़ी संख्या में शिवभक्तों की भीड़ मंदिर परिसर पर पहुंची और भगवान शंकर की पूजा के लिए उत्साहित दिखी।

33 फुट ऊंचा, वजन 210 टन.......विश्व का सबसे बड़े शिवलिंग बिहार के विराट रामायण मंदिर में, वैदिक अनुष्ठान के साथ आज होगी स्थापना - the world largest shivalinga is ...

इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अलावा उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा और सम्राट चौधरी भी पहुंचे।बिहार के उपमुख्यमंत्री Vijay Sinha ने मंदिर निर्माण की प्रक्रिया में पद्मश्री कुणाल किशोर के योगदान पर दैनिक जागरण से बातचीत करते हुए कहा कि यह सपना आचार्य किशोर कुणाल ने देखा था, आज पूरा हो रहा। यह सभी बिहारवासियों के लिए गर्व का पल है।

मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने विराट रामायण मंदिर पहुंचकर सहस्र शिवलिंगम की स्थापना की प्रक्रिया को देखा। मंदिर परिसर का भ्रमण करने के उपरांत सीएम मोतिहारी में समृद्धि यात्रा के तहत आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रवाना हो गए।विराट रामायण मंदिर में शिवभक्तों के आने का क्रम लगातार जारी रहा।

विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग बिहार में पहुंच चुका है. इस शिवलिंग की लंबाई 33 फीट और वजन 210 टन है. यह शिवलिंग महाबलीपुरम, तमिलनाडु से बिहार ले जाया गया बिहार के गोपालगंज में श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना ...

विराट रामायण मंदिर पहुंचने के सभी रास्तों पर लंबा जाम लगा रहा। लोग खेतों की मेड़ से होकर भी शिवलिंग के दर्शन करने पहुंचे।भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिसकर्मी लगातार गश्त लगा रहे थे।

Sambhavi chaudary

लोगों को कोई असुविधा नहीं हो, इसके लिए महावीर मंदिर न्यास की प्रबंधन समिति के सदस्य लगातार भीड़ के बीच लोगों से संवाद किया गया।समस्तीपुर की सांसद शांभवी चौधरी और उनके पति सायण कुनाल यजमान के रूप में बैठ हुए हैं।

20 जून, 2023 को विराट रामायण मंदिर के निर्माण के लिए शिलापूजन का कार्य धार्मिक न्यास परिषद पटना के तत्कालीन अध्यक्ष आर्चाय किशोर कुणाल के नेतृत्व में की गई थी। तब से लगातार डेढ़ वर्षों तक प्रतिदिन ढाई सौ मजदूरों ने काम किया और जमीन के अंदर सौ फीट से कुल 3102 स्तंभ खड़े किए।

210 मीट्रिक टन वजनी इस शिवलिंग को एक ही पत्थर से बनाया गया है। इसे बनाने में 10 साल लगे हैं। इस पर 1008 सहस्त्रलिंगम तैयार किया गया है। इसे बनवाने का काम बिहार धार्मिक न्यास पर् के तत्कालीन अध्यक्ष अशोक कुणाल ने शुरू करवाया था। म्राट चौधरी ने X पोस्ट के जरिए इस कार्यक्रम को लेकर बधाई दी है। उन्होंने लिखा, “पूर्वी चंपारण के कैथवलिया स्थित विराट रामायण मंदिर में विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग के स्थापना समारोह के पावन अवसर पर समस्त श्रद्धालुओं एवं प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ। यह दिव्य आयोजन हमारी आस्था, संस्कृति और सनातन गौरव को और अधिक सशक्त करेगा।”