
री-नीट परीक्षा को एक दिन शेष, MP में न हो कोई गलती,DGP के निर्देश- एसपी स्वयं करेंगे मॉनिटरिंग
भोपाल: मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए 21 जून को होने वाली री-नीट परीक्षा से पहले मध्यप्रदेश पुलिस ने टेस्ट सेंटर्स पर सुरक्षा का घेरा सख्त कर दिया है। परीक्षा के लिए अब केवल कुछ घंटे शेष हैं और इसी के साथ पुलिस मुख्यालय ने सभी परीक्षा जिलों में विशेष अलर्ट जारी कर दिया है।
पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने स्पष्ट किया है कि टेस्ट में गड़बड़ी की किसी भी कोशिश के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या सुरक्षा में चूक पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
पुलिस मुख्यालय के निर्देश के बाद शुक्रवार से ही जिलों में पुलिस अधीक्षक सक्रिय हो गए हैं। परीक्षा केंद्रों, प्रश्नपत्रों के स्ट्रांग रूम, गोपनीय सामग्री के भंडारण स्थलों तथा परिवहन व्यवस्था की निगरानी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों को परीक्षा से जुड़े प्रत्येक संवेदनशील बिंदु की व्यक्तिगत समीक्षा करने और सुरक्षा व्यवस्था की लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।टेस्ट की संवेदनशीलता को देखते हुए केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा। परीक्षा केंद्रों में प्रवेश व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरे, सहितस अन्य सुरक्षा जांच और यातायात प्रबंधन की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
38 साइबर कमांडो भी पुलिस कर रही सक्रिय
पेपर लीक, फर्जीवाड़े और साइबर माध्यमों से होने वाली किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखने के लिए प्रदेश के 38 साइबर कमांडो को सक्रिय किया गया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि परीक्षा से जुड़ी अफवाह, भ्रामक सूचना या प्रश्नपत्र लीक होने संबंधी किसी भी दुष्प्रचार का तत्काल पता लगाया जा सके। पुलिस मुख्यालय ने अंतिम घंटों को सबसे महत्वपूर्ण मानते हुए सभी जिलों को अतिरिक्त सकर्तता बरतने के निर्देश दिए हैं। होटल, लॉज, कोचिंग संस्थानों और अन्य संवेदनशील स्थानों की जांच भी बढ़ाई जा रही है ताकि परीक्षा से पहले किसी प्रकार के संगठित प्रयास या अवैध गतिविधि को रोका जा सके।
*एक लाख 18 हजार अभ्यर्थी हो रहे शामिल*
प्रदेश के विभिन्न शहरों में 283 टेस्ट सेंटर्स पर लगभग 1 लाख 18 हजार अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में सर्वाधिक टेस्ट सेंटर्स बनाए गए हैं। ऐसे में पुलिस और प्रशासन की नजर विशेष रूप से इन शहरों पर भी रहेगी, जहां परीक्षार्थियों की संख्या और टेस्ट सेंटर्स दोनों अधिक हैं।





