‘कॉकरोच’ शब्द संग भारत में ‘जेन जी’ अपनी ताकत का अहसास करा रहे हैं…

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‘कॉकरोच’ शब्द संग भारत में ‘जेन जी’ अपनी ताकत का अहसास करा रहे हैं…

कौशल किशोर चतुर्वेदी

दुनिया का कोई भी देश युवाओं के आक्रोश से खुद को नहीं बचा सकता। भारत के पड़ोसी देश नेपाल में जेन जी का गुस्सा सबके सामने है। नेपाल के अलावा इंडोनेशिया, मेडागास्कर, पेरू, नीदरलैंड, फ्रांस, तिमोर-लेस्ते, फिलीपींस, इटली, बुल्गारिया जैसे देशों में जेन जी अपना असर दिखा चुकी है। और अब जिसकी उम्मीद कम थी, वही दृश्य भारत में दिख रहा है। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत द्वारा बेरोजगार युवाओं को “कॉकरोच” कहे जाने वाली टिप्पणी को आधार बनाकर ‘आम आदमी पार्टी’ के पूर्व सोशल मीडिया रणनीतिकार अभिजीत दीपके ने भारत में जेन जी को जगा दिया है। और इस जेन ज़ी के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी को आईना दिखाने की सफल कोशिश की है। सोशल मीडिया रणनीतिकार होने के पूरे अनुभव का निचोड़ कॉकरोच जनता पार्टी के रूप में सबके सामने है। और एक राजनीतिक पार्टी होने के नाते भाजपा ने जितने फॉलोअर्स इंस्टाग्राम पर दशकों की मेहनत के बाद बटोरे थे, कॉकरोच जनता पार्टी ने उससे दो गुने यानी 17 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स चंद दिनों में बटोरकर भारत में जेन ज़ी की ताकत का अहसास कराया है। और यह इनकी ताकत ही है कि फॉलोअर्स की बढ़ती संख्या की प्रतिक्रिया में इनका एक्स प्लेटफॉर्म प्रतिबंधित कर दिया गया है। और यह भी इनकी ताकत ही है कि प्रतिकूल परिस्थितियों में अपनी पार्टी को छोड़ टीएमसी नेता महुआ मोइत्रा और कीर्ति आजाद जैसी जानी-मानी राजनीतिक हस्तियों ने भी इस “पार्टी” में शामिल होने की इच्छा जताई है। हालांकि, यह कतई नहीं माना जाना चाहिए कि कॉकरोच जनता पार्टी का राजनीतिक भविष्य इनके फॉलोअर्स से आंका जा सकता है। भारत में ऐसी कोई भविष्यवाणी करना बहुत आसान नहीं है। राजनैतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर के मामले में यह सामने आ चुका है। और अपने दलों को छोड़कर नए राजनीतिक दल बनाने वाले दिग्गज राजनेताओं के अनुभवों से भी यह समझा जा सकता है कि भारतीय मतदाता का मूड आंका नहीं जा सकता है। हालांकि कॉकरोच जनता पार्टी ने फिलहाल जेन जी के जरिए अपनी ताकत तो सामने ला ही दी है। और इस परिदृश्य ने यह आईना भी दिखाया है कि चीफ जस्टिस सूर्यकांत हों या फिर महत्वपूर्ण संवैधानिक पदों पर बैठे दूसरे चेहरे, सभी को युवाओं को लेकर अपनी टिप्पणी सोच समझकर ही करना चाहिए। और ऐसे शब्दों का तो कतई इस्तेमाल नहीं करना चाहिए जो युवाओं को अपमानजनक महसूस

करने को मजबूर करें।

दीपके के अनुसार कॉकरोच जनता पार्टी के ‘एक्स’ पर 2,01,000 फॉलोअर थे। यह पार्टी भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की इस टिप्पणी के बाद अस्तित्व में आई जिसमें उन्होंने वरिष्ठता की मांग कर रहे एक वकील से नाराजगी जताते हुए ‘परजीवी’ और ‘कॉकरोच’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। प्रधान न्यायाधीश ने बाद में स्पष्टीकरण दिया था कि उनके बयान का गलत अर्थ निकाला गया है और उनके बयान विशेष रूप से उन लोगों पर केंद्रित थे जो ‘फर्जी डिग्रियों’ के माध्यम से वकालत के पेशे में प्रवेश करते हैं। पर तब तक शायद बहुत देर हो चुकी थी और जेन जी केन्द्रित विचार मूर्त रूप ले चुका था। और अब जेन ज़ी के सामने मुख्य रूप से सत्ताधारी दल होने के नाते भारतीय जनता पार्टी आ चुकी है। हालांकि, यह नहीं माना जा सकता कि भाजपा वर्तमान घटनाक्रम से

आहत है या चिंतित है। भारतीय जनता पार्टी ने भी युवाओं की नब्ज पर हाथ रखकर ही लंबा फासला तय किया है। इसमें युवाओं के साथ राष्ट्रभक्ति का भाव भारतीय जनता पार्टी को वर्तमान स्थिति तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण रहा है। युवाओं की कॉकरोच जनता पार्टी के रूप में दिखाई गई ताकत से अब सबसे ज्यादा प्रतिक्रिया भाजपा की तरफ से ही आ रही है। पिछले सप्ताह अस्तित्व में आई और सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में फॉलोअर के साथ खबरों में छा गई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ को बीजेपी ने ‘पाकिस्तान जनता पार्टी’ करार दिया है।भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय सचिव तेजिंदर बग्गा ने कहा कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ असल में ‘पाकिस्तान जनता पार्टी’ है, क्योंकि इंस्टाग्राम पर इसके ज्यादातर फॉलोवर पाकिस्तान से हैं। तेजिंदर बग्गा ने एक्स पर एक ग्राफिक शेयर किया है जिसमें दिखाया गया है कि कॉकरोच जनता पार्टी के फॉलोवर्स में 49% पाकिस्तान से हैं। हालांकि तेजिंदर बग्गा ने यह डेटा कहां से लिया है, इसका जिक्र नहीं किया है लेकिन ग्राफिक के मुताबिक पाकिस्तान के बाद अमेरिका में रहने वाले लोग कॉकरोच जनता पार्टी के दूसरे बड़े फॉलोवर्स हैं। अमेरिका और बांग्लादेश के 14-14 फीसदी फॉलोवर्स हैं, जबकि भारत, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, सऊदी अरब के क्रमशः 9 और 3-3-3 फीसदी फॉलोवर्स हैं। इससे पहले, कॉकरोच जनता पार्टी के ‘एक्स’ अकाउंट पर 21 मई 2026 को रोक लगा दी गई। हालांकि इस पर रोक के कुछ ही देर बाद ‘कॉकरोच इज बैक’ नाम से एक और हैंडल बना दिया गया। इसके संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा, ”इस बात की उम्मीद पहले से थी क्योंकि कल से हमारे अकाउंट को हैक करने की कोशिशें चल रही थीं। लेकिन सरकार का दाव उलटा पड़ गया है।”

फिलहाल यही कहा जा सकता है कि यह पार्टी देश में बेरोजगारी, परीक्षा घोटालों और सिस्टम से निराश युवाओं के गुस्से और हताशा को मजाकिया अंदाज में आवाज देने वाला एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है। पार्टी खुद को आलसी और बेरोजगारों की आवाज के रूप में पेश कर रही है। इसके सदस्य बनने की शर्तें भी व्यंग्यात्मक हैं। इन शर्तों में बेरोजगार होना, हर दिन कम से कम 10-11 घंटे सोशल मीडिया पर बिताना, और सिस्टम पर सवाल उठाने की क्षमता रखना आदि शामिल हैं। कॉकरोच जनता पार्टी के हास्य और तंज से भरे इस घोषणापत्र में कुछ गंभीर राजनीतिक और सामाजिक मुद्दे भी शामिल किए गए हैं। इनमें दल-बदल करने वाले नेताओं पर 20 साल तक चुनाव लड़ने पर रोक लगाना, संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 50% आरक्षण देना, सुप्रीम कोर्ट के जजों को रिटायरमेंट के तुरंत बाद राज्यसभा या अन्य सरकारी पदों पर नियुक्त न करना जैसे युवाओं की सोच को दर्शाने वाले मुद्दे शामिल किए गए हैं।पार्टी खुद को “धर्मनिरपेक्ष, समाजवादी, लोकतांत्रिक और आलसी” घोषित करती है। यानि युवाओं के मूड को मन में रखकर भारत में जेन जी की सोच और ताकत को सामने लाकर अभिजीत दीपके ने यह साबित कर दिया है कि सरकार को हमेशा ही सावधान की मुद्रा में रहने की खास जरूरत है। वरना कभी भी कॉकरोच जनता पार्टी की तरह दूसरे प्लेटफ़ॉर्म भी युवाओं को एक मंच पर लाकर ताल ठोककर सरकार को सीधी चुनौती दे सकते हैं। इसका उदाहरण सामने है और ‘कॉकरोच’ शब्द संग भारत में ‘जेन जी’ अपनी ताकत का अहसास करा रहे हैं…।

 

 

 

लेखक के बारे में –

कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।

वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश‌ संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।