विद्युत नियामक आयोग, महिला आयोग सहित कई आयोगों में सालों से खाली पड़े अध्यक्ष के पद

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विद्युत नियामक आयोग, महिला आयोग सहित कई आयोगों में सालों से खाली पड़े अध्यक्ष के पद

भोपाल : मध्यप्रदेश में विद्युत नियामक आयोग, राज्य महिला आयोग और मानवाधिकार आयोग में पूर्णकालिक अध्यक्ष के पद लंबे समय से खाली पड़े हुए है। कहीं कार्यवाहक अध्यक्ष बनाकर काम चलाया जा रहा है तो कहीं अध्यक्ष ही नहीं है।
मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष एसपीएस परिहार का कार्यकाल दो जनवरी 2025 को समाप्त हो गया था। तब से यहां नये अध्यक्ष की तैनाती नहीं की गई है आयोग के विधिक सदस्य गोपाल श्रीवास्तव को ही कार्यवाहक अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौपी गई है। विद्युत विनियामक आयोग में कार्यवाहक अध्यक्ष के अलावा एक सदस्य गजेन्द्र तिवारी पदस्थ है। इसी तरह मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग में अध्यक्ष मनोहर ममतानी का कार्यकाल समाप्त होंने के बाद यहां अब तक पूर्णकालिक अध्यक्ष की पदस्थापना नहीं की गई है। विधानसभा के प्रमुख सचिव एपी सिंह को मानवाधिकार आयोग में सदस्य बनाया गया था। अब उन्हें ही कार्यवाहक अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौपी गई है। मानवाधिकार आयोग में सदस्यों के पद भी खाली पड़े है।

इसी तरह मध्यप्रदेश महिला आयोग में अध्यक्ष के पद पर फिलहाल किसी की भी नियुक्ति नहीं की गई है। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में शोभा ओझा को यहां अध्यक्ष बनाया गया था। लेकिन सरकार बदलने के बाद उन्हें अध्यक्ष पद से हटा दिया गया था। तब से ही यहां कोई अध्यक्ष नहीं है। राज्य महिला आयोग अब केवल यहां आने वाली शिकायतों और अपीलों को स्वीकार कर रहा है।

इन संवैधानिक संस्थाओं में पूर्णकालिक अध्यक्ष और पर्याप्त संख्या में सदस्य नहीं होंने के कारण आयोगों में जो सुनवाई होती है वह विधिवत नहीं हो पा रही है इसके चलते शिकायतों और अपीलों की पेंडेंसी लगातार बढ़ रही है।भाजपा सरकार में निगम, मंडल और प्राधिकरणों के अध्यक्ष, उपाध्यक्षों के पद लंबे समय से खाली पड़े हुए है। इनमें नियुक्तियां नहीं होंने से निगम, मंडल और प्राधिकरणों का कामकाज बेपटरी हो गया है। जिस वर्ग की समस्याओं की सुनवाई और उनके निराकरण के लिए ये गठित हुए है वहां अब पूरी गति से ये काम नहीं हो पा रहे है।